मुक्ता पिष्टी के फायदे और नुकसान Mukta Pishti ke fayde or nuksaan

मुक्ता पिष्टी क्या है? Mukta Pishti kya hai?

मुक्ता पिष्टी एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसे मुक्ता अर्थात मोती से बनाया जाता है । मोती को अंग्रेजी में पर्ल कहा जाता है । मोती देखने में सफेद, चिकना, वजन में हल्का व् गोल होता है । यदि ज्योतिष की बात करें तो ज्योतिष शास्त्रों में मोती को मानसिक शांति एवं जीवन में से समस्याओं को दूर करने वाला बताया गया है ।

इसे धारण करने से मन शांत रहता है । लेकिन यदि हम आयुर्वेद की बात करें तो आयुर्वेद में इसी मोती से मोती पिष्टी एवं मोती भस्म बनाई जाती है । मोती पिष्टी मुक्ता पिष्टी के नाम से भी प्रचलित है । मोती पिष्टी मोती भस्म की तुलना में ज्यादा सोम्य होती है । इस लेख में हम मोती पिष्टी का वर्णन करेंगे । मोती भस्म का वर्णन हम दूसरे लेख में किया है ।

मुक्ता पिष्टी शुद्ध मोती से बनाई जाती है, इसलिए इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता होती है, तथा यह कैल्शियम का एक प्राकृतिक स्रोत मानी जाती है । मुक्ता पिष्टी प्रकृति में अक्षारिय होती है ।  यही कारण है कि इस औषधि का सेवन करने से एसिडिटी, छाती में जलन व अल्सर में फायदा मिलता है ।

इतना ही नहीं यह औषधि मस्तिष्क विकारों में भी मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से मस्तिष्क के रोगों जैसे सिर दर्द, माइग्रेन, एकाग्रता की कमी, याददाश्त की कमी, अनिद्रा आदि रोग दूर होते हैं ।

यह औषधि आंखों के रोगों हृदय रोगों महिलाओं के बांझपन एवं गर्भाशय संबंधी बीमारियों एवं हार्मोनल असंतुलन में प्रयोग की जाती है । यह एक बहुमूल्य औषधि है तथा इस औषधि को रोग के गंभीर होने पर ही प्रयोग किया जाता है ।जब रोग सामान्य औषधियों से ठीक ना हो रहा हो तो उस स्थिति में मुक्ता पिष्टी का सेवन कराया जाता है ।

मुक्त पिष्टी के घटक द्रव्य Mukta Pishti ke ghata dravy

  • मोती (मुक्ता)
  • गुलाब जल

मुक्त पिष्टी के फायदे Mukta Pishti ke fayde

  • यह औषधि मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र को ताकत प्रदान करती है ।
  • इसका सेवन करने से सर दर्द, माइग्रेन,  याददाश्त की कमी, स्मृति भ्रम,  अनिद्रा, दिमागी दौरे पड़ना, चिंता, तनाव, मानसिक अवसाद, दिमाग खराब होना एवं पागलपन जैसे गंभीर रोगों में बहुत अच्छा परिणाम मिलता है ।
  • यह औषधि अक्षारिय प्रकृति की होती है इसलिए इस औषधि का सेवन करने से पित्त की अधिकता दूर होती है एवं एसिडिटी हाइपर एसिडिटी गैस्ट्रिक अल्सर बहुत ज्यादा प्यास लगना हाथों पैरों में जलन रहना एवं आंखों के रोगों में फायदा होता है ।
  • यह औषधि ह्रदय बलवर्धक है अर्थात इस औषधि का सेवन करने से हृदय को बल मिलता है एवं हाई ब्लड प्रेशर एवं कोलेस्ट्रॉल कम होता है
  • ।यह औषधि दिल को ताकत प्रदान करती है इसलिए दिल के रोगियों को इस औषधि का सेवन जरूर करना चाहिए ।
  • यह औषधि कैल्शियम का एक प्राकृतिक स्रोत है इसलिए कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए इस औषधि का सेवन कराया जा सकता है ।
  • यह औषधि हड्डियों एवं जोड़ों को मजबूती प्रदान करती है ।
  • यह मुक्ता भस्म से ज्यादा सोम्य एवं शीतल होती है इसलिए यह शरीर की गर्मी एवं जलन को दूर कर व्यक्ति को शीतलता प्रदान करती है ।
  • यह बहुत ही अच्छी वीर्य वर्धक एवं शक्तिवर्धक औषधि है । पुरुषों के वीर्य विकारों में इसे शक्तिवर्धक टॉनिक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है ।
  • यह महिलाओं के रोगों में भी प्रयोग की जाने वाली लाभदायक औषधि है । महिलाओं की मासिक धर्म की गड़बड़ी अनियमित महावारी ल्यूकोरिया एवं गर्भाशय के रोगों में इस औषधि का सेवन करने से फायदा मिलता है ।
  • यह औषधि मानसिक तनाव एवं हाइपरटेंशन को दूर करती है एवं मस्तिष्क की तंत्रिका को शांत करती है ।
  • जिन लोगों का मस्तिष्क मानसिक श्रम करने के कारण बहुत ज्यादा एक्टिव हो गया हो तथा जिन्हें रात को नींद ना आती हो एवं पूरी रात मन में विचारों की श्रंखला चलती रहती हो उन्हें इस औषधि का सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है ।
  • यह औषधि मस्तिष्क की तंत्रिका ओं को शिथिल करती है जिससे मानसिक विचार आने रुक जाते हैं एवं अनिद्रा की समस्या में लाभ मिलता है ।
  • मुक्ता पिष्टी गर्भवती महिलाओं के लिए कैल्शियम का एक बहुत अच्छा स्रोत है ।
  • गर्भावस्था में इसे चिकित्सक की देखरेख एवं सलाह में सेवन कराया जा सकता है ।
  • यह नेत्र रोगों एवं कमजोर नजरों वाले रोगियों को लाभ पहुंचाती है ।
  • इसलिए जिन लोगों की नजरें कमजोर हो गई हूं उन्हें इस औषधि का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

सेवन विधि एवं मात्रा Dosage & Directions

  • सुबह और शाम में 30 से 120 मिलीग्राम का उपभोग करें । अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क जरुर करें ।
  • यह मुख्या रूप से शहद, मक्खन या दूध के साथ ली जाती है।
  • दवाओं के सही संयोजन के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

  • इस औषधि को चिकित्सक की देखरेख में ही लेना चाहिए ।
  • स्वयं इस औषधि का सेवन करने से गंभीर परिणाम मिल सकते हैं ।
  • इस औषधि की अधिक मात्रा से रक्तचाप कम हो सकता है ।
  • इसलिए जिन रोगियों को लो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम हो उन्हें इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • इस औषधि को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए ।

यदि किसी व्यक्ति को निम्न में से कोई भी एक समस्या हो तो इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।

  • गुर्दे की पथरी
  • खून में कैल्शियम के स्तर का बढ़ जाना
  • शरीर के तरल पदार्थों का नुकसान होना
  • पैरा थायराइड ग्रंथि का ज्यादा सक्रिय हो जाना

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