सिंहनाद गुग्गुल क्या है? What is Singhnad Guggulu
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे सिंहनाद गुग्गुल (Singhnad Guggulu) के बारे में । सिंहनाद गुग्गुल एक आयुर्वेदिक एवं पूर्णत सुरक्षित हर्बल औषधि है, जिसका उपयोग वायु रोगों में सफलतापूर्वक किया जाता है । यह दवाई आमवात, आमदोष, गठियाबाय, संधिशोथ अर्थात जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, बदन दर्द, कंधे का दर्द आदि में बहुत अच्छा कार्य करती हैं । यह ओषधि टेबलेट के रूप में अवेलेबल है तथा इस औषधि को डाबर, बैद्यनाथ एवं दिव्य पतंजलि कंपनी के द्वारा बनाया जाता है ।
हमारे शरीर में आम वृद्धि होने से आमवात एवं वात की वृद्धि होने से वायु दोष जैसे कि गठियाबाय एवं संधि शूल जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं । सिंहनाद गुग्गुल एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो सभी प्रकार के आम दोषों एवं वायु दोषों को नष्ट करने के लिए सुविख्यात है । यहां तक कि इस औषधि का सेवन करने से लकवा जैसी बीमारी में भी बहुत ज्यादा फायदा मिलता है । आइए सबसे पहले जानते हैं कि सिंह नाद गुग्गुल में कौन-कौन सी जड़ी बूटियां घटक द्रव्यों के रूप में मौजूद होती है ।
सिंहनाद गुग्गुल के घटक द्रव्य
Singhnad Guggulu Ingredients
- आमलकी – 48 ग्राम
- हरीतकी – 48 ग्राम
- विभितकी – 48 ग्राम
- शुद्ध गंधक – 48 ग्राम
- शुद्ध गुग्गुलु – 48 ग्राम
- एरंड तेल – 96 ग्राम (शास्त्रोक्त 192 ग्राम लेकिन एरंड तेल अधिक लेने से गुटिका का निर्माण नहीं होता)
- जल – 576 मिली. (क्वाथ निर्माण के पश्चात 144 मिली बचता है)
सिंहनाद गूगल की निर्माण विधि How to produce Singhnad Guggulu
- सिंहनाद गुग्गुल को बनाने के लिए सबसे पहले हरड़, बहेड़ा एवं आमला इन तीनों को दी गई मात्रा के अनुसार लेते हैं तथा इन्हें कूट पीसकर इनका मिश्रण तैयार कर लेते हैं ।
- इस मिश्रण को त्रिफला कहा जाता है । इसके पश्चात इस त्रिफला को ऊपर दिए गए मात्रा के अनुसार जल में डालकर इसका क्वाथ अर्थात काढा बनाया जाता है ।
- जब जल एक चौथाई रह जाए तब पात्र को अग्नि से उतारकर ठंडा करने के लिए रख दिया जाता है । इसे त्रिफला क्वाथ कहा जाता है ।
- इस क्वाथ में शुद्ध गुग्गुल को डाला जाता है तथा दोबारा से आंच पर रखकर मिश्रण को गर्म किया जाता है ।
- जब गुग्गुल क्वाथ में अच्छी तरह मिक्स हो जाए उसके पश्चात इसमें शुद्ध गंधक एवं अरंड का तेल डालकर पकाते हैं ।
- अच्छी तरह पकाने के पश्चात इस मिश्रण को आंच से उतार लेते हैं तथा ठंडा होने के लिए रख देते हैं ।
- ठंडा होने के पश्चात इस मिश्रण की गोलियां बना ली जाती है ।
- इन गोलियों को छाया में सुखाया जाता है । इस प्रकार सिंहनाद गुग्गुल बनकर हो जाती है ।
सिंहनाद गुग्गुल के फायदे Singhnad Guggulu Benefits in hindi
- सिंहनाद गुग्गुल आमवात के कारण उत्पन्न हुए आम दोष एवं वायु वृद्धि के कारण उत्पन्न हुए वायु दोषों को दूर करने के लिए सबसे प्रमुख ओषधि होती हैं ।
- इस औषधि का प्रयोग करके जोड़ों का दर्द, जोड़ों में सूजन होना, चलने फिरने में परेशानी होना जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है ।
- यह दवा एंटीबैक्टीरियल एवं इन्फ्लेमेटरी होती है । लकवा की बीमारी में यह ओषधि बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है ।
- यह ओषधि शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करती है । यह वात, पित्त, कफ नाशक ओषधि है ।
- पाचन संस्थान पर इस औषधि का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।
सिंहनाद गुग्गुल की सेवन विधि
Singhnad Guggulu Dosage and Directions
इस औषधि की एक से दो गोली दिन में दो बार सुबह एवं शाम को खाना खाने के पश्चात गर्म पानी के साथ सेवन कर सकते हैं । इस दवा को हमेशा गर्म पानी के साथ ही सेवन करना चाहिए । अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।
सिंहनाद गुग्गुल के दुष्प्रभाव Singhnad Guggulu Side Effects
सिंहनाद गुग्गुल के सामान्यतः कोई दुष्प्रभाव नहीं है, लेकिन फिर भी आप अपने डॉक्टर की सलाह के पश्चात ही इस औषधि का सेवन करें । गर्भवती महिलाओं या रक्त स्राव जैसी समस्याओं में इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।