धातु रोग का कारण लक्षण उपचार इलाज एवं दवा Dhat Syndrome (Spermatorrhea) Treatment and Medicine in Hindi
धातु रोग एक ऐसा रोग है जिसे हम पुरुषों का शत्रु कह सकते हैं । इस रोग में पुरुषों के लिंग से बिना उनकी इच्छा के वीर्य का स्राव हो जाता है । वीर्य का स्राव जागृत अवस्था में एवं निंद्रा में किसी भी प्रकार से हो सकता है ।
लेकिन ज्यादातर परिस्थितियों में यह वीर्य पात नींद में सोते समय होता है तथा इसे आम भाषा में स्वपनदोष या नाईट फॉल कहा जाता है । कुछ अन्य परिस्थितियों में जब व्यक्ति पेशाब करते समय या मल त्याग करते समय जोर लगाता है तो लिंग में से सफेद रंग का चिपचिपा पदार्थ भी निकल जाता है जो वास्तव में वीर्य ही होता है । इस रोग को धातु रोग या धात रोग स्पर्मेटोरोए स्पर्म रोहिया कहा जाता है ।
आजकल के समय में अधिकांश नव युवकों को इस समस्या ने परेशान कर रखा है तथा यह पुरुषों की एक मुख्य समस्या है, जिसमें उनकी इच्छा के विपरीत वीर्यपात हो जाता है ।
धातु रोग के कारण पुरुषों में अनेक लक्षण प्रकट हो जाते हैं जैसे उनके चेहरे में निस्तेजता आ जाती है, आंखों के नीचे काले धब्बे आ जाते हैं, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है, पाचन शक्ति शीण हो जाती है, सहनशक्ति बहुत कम हो जाती है, कॉन्फिडेंस की कमी आ जाती है, मन एक जगह नहीं टिकता है अर्थात एकाग्रता की कमी आ जाती है तथा एक प्रकार की निराशा मन में छाई रहती है ।
धातु रोग के लक्षण Symptoms of
Dhat Syndrome in hindi
सबसे पहले यह जानना आवश्यक है कि धातु रोग के क्या क्या लक्षण होते हैं ताकि रोगी का सही प्रकार से ट्रीटमेंट किया जा सके । धातु रोग के लक्षण अनेक हो सकते हैं नीचे हमने धातु रोग के लक्षणों की एक तालिका दी है ।
- कमर के निचले भाग में दर्द होना
- अंडकोष में दर्द होना
- चक्कर आना
- सामान्य कमजोरी
- रात को पसीना आना
- अंडकोष के आसपास पसीना आना
- हाथों एवं पैरों के तलवों का गर्म होना
- पाचन शक्ति कम हो जाना
- नेत्र ज्योति कम हो जाना
- भूख ना लगना
- शारीरिक शक्ति कम हो जाना
धातु रोग के कारण Reasons of
spermatorrhea in hindi
धातु रोग के विभिन्न कारण हो सकते हैं जो कि इस प्रकार हैं ।
अत्यधिक हस्तमैथुन करना
अत्यधिक हस्तमैथुन, गुदामैथुन, अप्राकृतिक मैथुन करना धातु रोग का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है । जब नवयुवक युवावस्था में प्रवेश करते ही हस्तमैथुन करने लगे या किसी भी प्रकार का अप्राकृतिक मैथुन करने लगे तो लिंग संस्थान की नाडिया कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनमें वीर्य को रोकने की शक्ति कम हो जाती है । जिससे धातु रोग पैदा हो जाता है ।
उचित आहार-विहार ना होना
यदि उचित आहार विहार ना हो तो भी स्वपनदोष एवं धातु रोग जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं । रात को देर से सोना एवं सुबह देर से सोकर उठना, कब्ज रहना, बाहर की तली भुनी चीजें एवं फास्ट फूड ज्यादा खाना, पानी कम पीना, मोबाइल पर पोर्न मूवीस देखना इत्यादि ।
तंत्रिका तंत्र की कमजोरी
कई बार तंत्रिका तंत्र की कमजोरी के कारण भी धातु रोग की समस्या पैदा हो जाती है ।
योन असंतुष्टता
यदि सेक्स के दौरान कोई व्यक्ति सही तरीके से संतुष्ट ना हो या उसके मन में अतृप्त यौन भावना रह जाए तो यह स्थिति भी धातु रोग का कारण बन जाती है ।
अत्यधिक गर्मी के कारण
अत्यधिक गर्मी के कारण भी धातु रोग की समस्या पैदा हो जाती है । एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार यह पाया गया है ठंडे देशों की तुलना में गरम देशों के नव युवकों में स्वपनदोष एवं अन्य धातु रोग ज्यादा पाए जाते हैं । उसका कारण वृषण का अत्यधिक गर्म हो जाना हो जाता है । वृषण के गर्म होने पर शुक्राणु ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं तथा धातु रोग की समस्या पैदा हो जाती हैं ।
पाचन तंत्र की गड़बड़ी
पाचन तंत्र की गड़बड़ी स्वपनदोष का एक प्रमुख कारण है । यदि किसी व्यक्ति का पाचन तंत्र सही नहीं है, कब्ज, पेट गैस, एसिडिटी तथा अन्य पाचन संस्थान की समस्याएं हैं तो यह सभी समस्याएं धातु रोग का करण बनती हैं, जिससे रोगी को बिना उसकी इच्छा के ही वीर्यपात हो जाता है ।
खटाई एवं मसालेदार भोजन करना
खट्टा एवं तेज मसालेदार भोजन धातु रोग का कारण हो सकता है । विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग ज्यादा खटाई या तेज मसालेदार भोजन करते हैं उनमें धातु रोग की समस्या ज्यादा पाई जाती है ।
धातु रोग का घरेलू उपचार Treament of spermatorrhea in hindi
सबसे पहले तो हम आपको यह बता दें कि धातु रोग कोई गंभीर रोग नहीं है । यह एक आम समस्या है जिसे आहर विहार में परिवर्तन करके ही ठीक किया जा सकता है । नीचे हमने धातु रोग को दूर करने के कुछ सरल उपाय बताए हैं । इन उपायों को करके आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं ।
हस्तमैथुन का त्याग करें
सबसे पहले आपको हस्तमैथुन का त्याग करना होगा । बिना हस्तमैथुन का त्याग किए आप इस समस्या से निजात नहीं पा सकते, क्योंकि हस्तमैथुन करने से लिंग के नाड़ी संस्थान की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जो कि धातु रोग का मुख्य कारण होती हैं ।
कब्ज को दूर करें
आप अपना खानपान एवं रहन सहन दोनों में परिवर्तन करें । हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, दूध, फल इत्यादि का खूब सेवन करें तथा मैदे से बनी हुई चीजें तथा फास्ट फूड का कम से कम सेवन करें । पानी खूब पिए, रात को जल्दी सो जाएं, सुबह जल्दी सो कर उठे तथा कब्ज को दूर करने के लिए त्रिफला या पंचसाकर चूर्ण का सेवन भी कर सकते हैं ।
रात को सोते समय कम खाना खाए
रात को सोते ज्यादा खाना खाने से मूत्र संस्थान की नाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जो कि सोते समय स्वपनदोष का कारण बनता है । इसलिए रात को हल्का भोजन करें तथा सोने से 2 घंटा पहले भोजन कर ले । भोजन करने के पश्चात सैर अवश्य करें ।
सोने से पहले मूत्र त्याग करें
जब आप बिस्तर पर सोने जाएं तो आप मूत्र त्याग अवश्य करें । क्योंकि यूरिन ब्लैडर में मूत्र का दबाव बढ़ने से भी स्वपनदोष या धातु रोग की समस्या पैदा हो सकती है ।
सोते समय ढीले वस्त्र पहने
सोते समय आपको ढीले वस्त्र पहने चाहिए । तंग या टाइट कपड़े स्वपनदोष या धातु रोग का कारण बन सकते हैं ।
सुबह जल्दी सो कर उठे
स्वपनदोष ज्यादातर प्रातः काल 4:00 से 6:00 के बीच ही ज्यादातर होता है । इसलिए संभव हो तो सुबह 4:00 बजे सो कर उठ जाए तथा एक बार सोने के पश्चात उठने के पश्चात दोबारा ना सोए । क्योंकि दोबारा सोने के पश्चात स्वपन दोष होने के चांसेस 90% तक बढ़ जाते हैं । इसके लिए आप अलार्म का मदद ले सकते हैं ।
नशीले पदार्थों का त्याग करें
नशीले पदार्थ जैसे शराब, गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट इत्यादि धातु रोग का कारण बनते हैं । इसलिए इन सब नशीले पदार्थों का त्याग करें ।
मन को धार्मिक विचारों में लगाएं
यदि आपके मन में कामुक एवं अश्लील विचार भरे रहेंगे तो निश्चित ही आप स्वपनदोष एवं धातु रूप से लगातार परेशान रहेंगे । इसलिए मन को अच्छे विचारों में लगाएं । मंदिर, गुरुद्वारे जाएं । पूजा पाठ करें, अच्छा साहित्य पढ़े ।
अकेले ना रहे
धातु रोग के व्यक्ति को अकेले नहीं रहना चाहिए । क्योंकि अकेला रहने से मन में कामुक विचार आते हैं तथा मन में निराशा आती है । जहां तक संभव हो घर में सब के साथ बैठे । टीवी पर अच्छे-अच्छे प्रोग्राम देखें या परिवार के सदस्यों के साथ लूडो या कैरम बोर्ड जैसे इंडोर गेम खेलें तथा अपने आप को व्यस्त रखें ।
पानी खूब पीना
धातु रोग के व्यक्ति को पानी खूब पीना चाहिए । पानी पीने से शरीर की तासीर ठंडी रहती है तथा धातु रोग की समस्या में काफी हद तक लाभ मिलता है ।
धातु रोग दूर करने के लिए कीगल एक्सरसाइज करें
धातु रोग दूर करने के लिए कीगल एक्सरसाइज एक सर्वश्रेष्ठ एक्सरसाइज मानी जाती है । मेडिकल साइंस में कीगल एक्सरसाइज को धातु रोग एवं अन्य रोगों के लिए बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज बताया है । यह एक्सरसाइज करने से लिंग संस्थानों में वीर्य को रोकने की शक्ति आ जाती है जिससे स्वप्नदोष, शीघ्रपतन एवं अन्य धातु रोग दूर हो जाते हैं ।
कीगल एक्सरसाइज करने की विधि
- कीगल एक्सरसाइज करने के लिए आपको पहले अपनी पेल्विक फ्लोर मसल्स को ऊपर की तरफ या अंदर की तरफ खींचना पड़ता है ।
- सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पेल्विक फ्लोर मसल्स कौन सी होती हैं ।
- जब आप टॉयलेट जाते हैं तो पेशाब करते समय या मल त्याग करते समय यदि आप पेशाब को रोकना चाहे तो पेशाब को रोकने के लिए आप जिन मांसपेशियों को दबाते हैं या अंदर की तरफ खींचते हैं उन्हें ही पेल्विक फ्लोर मसल्स कहा जाता है ।
- कीगल एक्सरसाइज करने के लिए पेल्विक फ्लोर मसल्स को अंदर की तरफ खींच कर कम से कम 1 मिनट तक होल्ड करके रखना चाहिए । यदि आप 1 मिनट तक होल्ड ना कर सकें तो जितना भी संभव हो सके उतनी देर तक ही होल्ड करें । इस एक्सरसाइज करने में ज्यादा ताकत ना लगाएं ।
- इस एक्सरसाइज को आप पद्मासन या सुखासन में बैठकर कर सकते हैं या आप किसी कुर्सी पर बैठकर भी इस एक्सरसाइज हो कर सकते हैं ।
- शुरुआत में आप 10 सेकंड तक पेल्विक फ्लोर मसल्स को सिकोड़ कर रखें तथा धीरे-धीरे यह समय 1 मिनट तक बढ़ा सकते हैं ।
- इस प्रकार आप 8 से 10 बार इस एक्सरसाइज को करें । इस एक्सरसाइज को करने से पेल्विक फ्लोर मसल्स बहुत ज्यादा स्ट्रांग हो जाती हैं तथा धातु रोग में बहुत अच्छा आराम मिलता है ।
धातु रोग के आयुर्वेदिक उपाय Ayurvedic treatment of Dhat Rog in hindi
वैसे तो धातु रोग कोई समस्या नहीं है तथा इसे अपने आचरण तथा आहार-विहार में परिवर्तन करके ही ठीक किया जा सकता है । लेकिन यदि समस्या ज्यादा बढ़ गई हो तो ऐसी स्थिति में चंद्रप्रभा वटी का सेवन करने से बहुत अच्छा आराम मिलता है । चंद्रप्रभा वटी की दो दो गोलियां सुबह-शाम ताजे पानी से ली जा सकती है । अधिक जानकारी के लिए आपको अपने निकटवर्ती डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ।
आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें Contact to Ayurvedic doctor
यदि आप धातु रोग की चिकित्सा कराना चाहते हैं तो इसके लिए आप संत आयुर्वेद के संस्थापक वैद जसवंत सिंह जी के पुत्र वैद्य गजेंदर सिंह जी से संपर्क करें । गजेदर सिंह जी आयुर्वेद शास्त्री है एवं धातु रोग के विशेषज्ञ है । इस रोग की चिकित्सा ज्यादा महेंगी नहीं है । 1 माह की दवा का मूल्य 2250 रुपया होता है । आपको दवा डाक या कूरियर द्वारा भेज दी जाएगी । अधिक जानकारी के लिए हमारे Mobile No. 7409224797 पर संपर्क करें ।