वज्रासन कैसे करें और इसके फायदे Vajrasana yoga steps and benefits in hindi

By | May 9, 2020

वज्रासन क्या है?

वज्रासन एक सुप्रसिद्ध योगासन है जो अन्य योगासनों के साथ किया जाता है । वज्रासन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है वज्र एवं आसन । वज्र का अर्थ होता है पत्थर या चट्टान । इस प्रकार वज्रासन शब्द का अर्थ हुआ वह आसन जिसको करने से शरीर चट्टान की तरह मजबूत बन जाए ।

वज्रासन पाचन संस्थान के लिए बहुत ही उत्तम योगासन है । जिन लोगों को पेट की समस्याएं रहती हो जैसे खाना हजम ना होता हो एवं बदहजमी एवं पेट में भारीपन रहता हो, ऐसे लोगों को वज्रासन का नियमित प्रयोग करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है ।

इस आसन को आप खाना खाने से पहले भी कर सकते हैं और खाना खाने के पश्चात भी । इस लेख में हमने आपको वज्रासन करने का तरीका एवं वज्रासन करने के फायदों के बारे में विस्तार से बताया है, तो आइए वज्रासन के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

वज्रासन करने का तरीका How to do Vajrasana step by steps

  • वज्रासन करना बहुत ही आसान है । अन्य आसनों की तुलना में यह आसन काफी सरल होता है । इसकी विधि इस प्रकार है ।
  • सबसे पहले आप जमीन पर कोई सूती मोटा कपड़ा बिछा लीजिए । इसके पश्चात इस आसन पर आप घुटनों के बल बैठ जाएं ।
  • पैर के दोनों अंगूठे को आपस में मिलाकर रखें तथा एडीओ को यथासंभव फैला कर रखें, जिससे v shape बन जाएगी ।
  • नितंबों को पैरों के तलवों पर इस प्रकार टिकाए की नितंब पैर के तलवों के बाहरी हिस्से अर्थात साइड वाले हिस्से को स्पर्श करें ।
  • अपने दोनों हाथ घुटनों पर रखें एवं हथेलियां नीचे की ओर होनी चाहिए । यह आसन करते समय आपकी कमर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए ।
  • योगासन करते समय आंखें बंद रखें एवं सामान्य सांसे लेते रहे । अपना ध्यान मूलाधार केंद्र पर रखें ।
  • यदि आसन करते समय पैरों में बहुत ज्यादा खिंचाव या दर्द महसूस हो तो सुखासन में बैठकर थोड़ा आराम करें एवम पुनः प्रयास करें ।
  • आप अपने पैरों के नीचे कोई तकिया या गद्दी भी रख सकते हैं । इस प्रकार यह आसन संपन्न हो जाता है ।
  • इस आसन को आप अपनी सुविधा एवं शक्ति के अनुसार 5 मिनट से लेकर 15 मिनट तक कर सकते हैं ।

वज्रासन करते समय सावधानियां Precautions while doing vajrasana

  • इस आसन को करते समय रीड की हड्डी अर्थात मेरुदंड को बिल्कुल सीधा रखना चाहिए, लेकिन जिन लोगों को रीड की हड्डी में या पीठ दर्द में दर्द रहता हूं उन्हें इस आसन को नहीं करना चाहिए ।
  • हर्निया,आंतों के अल्सर एवं आंतों से संबंधित बीमारियों के मरीजों को यह आसन नहीं करना चाहिए ।
  • यह आसन शुरुआत में 5 मिनट ही करना चाहिए, क्योंकि इस आसन को करते समय पैरों में बहुत ज्यादा खिंचाव होता है । इसलिए शुरुआत में 5 मिनट ही इस आसन को करें एवं बाद में धीरे धीरे समय को बढ़ाएं ।
  • वज्रासन करते समय पैरों के नीचे तकिया या कोई नरम गद्दी रख सकते हैं, जिससे पैरों में दर्द ना हो ।
  • जिन लोगों को घुटने की समस्या हो या जिन्होंने कुछ समय पहले ही घुटने की सर्जरी कराई हो उन्हें इस आसन को नहीं करना चाहिए ।

वज्रासन करने से पहले किए जाने वाले आसन

यदि आप वज्रासन का अभ्यास करते हैं तो वज्रासन करने से पहले आपको निम्न 2 आसनों को करना चाहिए ताकि आपका शरीर वज्रासन करने के लिए वार्म अप हो जाए ।

  1. अर्ध शलभासन (Ardha Shalabhasana or Half Locust Pose)
  2. शलभासन (Shalabhasana or Locust Pose)

वज्रासन करने के बाद किए जाने वाले आसन

वज्रासन के बाद आप यह आसन करें:

  1. मकरासन (Makarasana or Crocodile Pose)
  2. बालासन (Balasana or Child Pose)
  3. शवासन (Shavasana or Corpse Pose)

वज्रासन करने के फायदे Vajrasana benefits in hindi

  • वज्रासन करने का सबसे प्रमुख लाभ पाचन तंत्र के रोगों को दूर करना होता है । वज्रासन करने से पेट की बीमारियां जैसे कब्ज, अपच, एसिडिटी, पेप्टिक अल्सर, पेट गैस आदि में लाभ मिलता है ।
  • वज्रासन करने से जननांगों में रक्त का प्रभाव सही होता है, जिससे जनन अंगों से संबंधित बीमारियां दूर होती हैं ।
  • जिन पुरुषों के अंडकोष में सूजन आ गई हो उन्हें इस आसन को करने से लाभ मिलता है ।
  • वज्रासन बवासीर में भी बहुत अधिक फायदेमंद होता है । जिन लोगों को काफी इलाज कराने के बाद भी बवासीर ठीक ना हो रही हो उन्हें वज्रासन करने से ही कुछ ही समय में लाभ मिल जाता है ।
  • वज्रासन करने से पेल्विक फ्लोर मसल्स में रक्त का प्रवाह सही होता है, जिससे मूत्र संस्थान से संबंधित बीमारियां खत्म होती हैं ।
  • यह आसन महिलाओं के प्रसव में भी सहायता करता है, क्योंकि जैसा हमने आपको बताया कि यह आसन पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूती प्रदान करता है तथा प्रसव के दौरान महिलाओं को पेल्विक फ्लोर मसल्स की ही आवश्यकता होती है ।
  • वज्रासन करने से महिलाओं के मासिक धर्म संबंधी समस्याओं में भी लाभ मिलता है ।
  • इस आसन को करने से व्यक्ति का शरीर वज्र की तरह मजबूत हो जाता है ।
  • जिन लोगों को साइटिका की समस्या हो उन्हें इस आसन को करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है ।

आपको यह लेख कैसा लगा अपने विचार हमें कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताये, धन्यवाद ।

 

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