बद्ध कोणासन करने का तरीका और फायदे Baddha Konasana (Bound Angle Pose) karne ka tarika or fayde

By | May 17, 2020

बद्ध कोणासन क्या है? Baddha Konasana kya hai

बद्ध कोणासन एक ऐसा योगासन है जो हमारे शरीर के अनेकों रोगों को दूर करता है । यह आसन मूत्राशय के रोगों, महिलाओं के मासिक धर्म संबंधी रोगों के साथ-साथ अन्य कई रोगों को दूर करता है, जिसके बारे में हम विस्तार से बात करेंगे ।

यदि हम इस आसन के नाम की बात करें तो हम देखते हैं कि इस आसन के नाम में दो शब्द है, बद्ध एवं कोण । बद्ध का अर्थ होता है बंधा हुआ या बांधा हुआ तथा कोण का अर्थ होता है झुका हुआ । अर्थात इस आसन में व्यक्ति अपने शरीर के एक हिस्से को बांधकर अर्थात मोड़ कर अपने आप को किसी निश्चित कोण में झुका लेता है ।

यह आसन करने में ज्यादा कठिन नहीं है तथा थोड़े से अभ्यास के पश्चात ही इस आसन को सुगमता पूर्वक किया जा सकता है । लेकिन इस आसन में उन लोगों को थोड़ी समस्या हो सकती है जिनका पेट बाहर निकला होता है ।

बद्ध कोणासन करने का तरीका Baddha Konasana karne ka tarika

सबसे पहले आप दंडासन की स्थिति में बैठ जाएं । इसके पश्चात तितली आसन जिसे बटरफ्लाई आसन भी कहा जाता है की स्थिति में अपने दोनों घुटनों को मोड़ लीजिए, तथा पैरों के तलवों को आपस में मिला लीजिए ।

जिन लोगों के शरीर में एक्स्ट्रा फैट होती है उन्हें शुरुआत में दोनों पैरों के तलवों को मिलाने में कुछ समय लग सकता है, इसलिए ऐसे लोग इस आसन को करने से पहले बटरफ्लाई अर्थात तितली आसन का ही अभ्यास करना चाहिए ।

इसके पश्चात अपने दोनों हाथों से दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाकर पकड़ ले, ताकि दोनों तलवे आपस में मिले रहे । अपने दोनों घुटनों को यथासंभव जमीन से लगाने का अभ्यास करें ।

इसके पश्चात दोनों पंजों को पकड़ कर रखते हुए कूल्हों से आगे की तरफ झुके तथा अपने सिर को जमीन से स्पर्श करा दें ।

शुरुआत में आप ऐसा नहीं कर पाएंगे क्योंकि इसके लिए अभ्यास की आवश्यकता होती है, लेकिन आपसे जितना झुका जाए उतना ही झुके । शुरुआत में आप अपने दोनों पैरों के तलवों को थोड़ा सा दूर रख सकते हैं और उतना ही झुके जितना आपसे झुका जाए ।

इस अवस्था में आप 30 सेकेंड से 60 सेकंड तक बने रहे तथा उसके बाद सामान्य स्थिति में आ जाएं ।

बद्ध कोणासन करते समय सावधानियां Baddha Konasana karte samay saavdhaniya

  • जिन लोगों के घुटनों में दर्द रहता हो यह जिन्होंने कुछ समय पूर्व ही घुटनों की सर्जरी कराई हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए ।
  • जिन्हें कमर दर्द या साइटिका की समस्या हो उन्हें भी यह आसन नहीं करना चाहिए ।
  • जिन्हें कुछ समय पहले कमर में चोट लगी हो या जिन्होंने कमर की सर्जरी कराई हो उन्हें यह आसन करने से बचना चाहिए ।
  • इस आसन को करते समय अतिरिक्त ऊर्जा एवं बल का प्रयोग ना करें ।
  • शुरुआत में यह आसन जितना हो सके उतना ही करें धीरे धीरे जैसे-जैसे आपके शरीर में लचीलापन आता जाएगा वैसे वैसे योगाभ्यास में आप कुशल होते जाएंगे ।

बद्ध कोणासन करने से पहले किए जाने वाले Baddha Konasana se pahle ye aasan karen

  • वीरासन (Virasana or Hero Pose)
  • प्रसारित पादोत्तासन (Prasarita Padottanasana or Wide-Legged Forward Bend)
  • जानुशीर्षासन (Janu Sirsasana or Head-to-Knee Forward Bend)
  • तितली आसन (Titli asana or Butterfly Pose)

बद्ध कोणासन करने के बाद किए जाने वाले आसन Baddha Konasana ke baad ye aasan karen

  • अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana or Half Lord of the Fishes Pose)
  • गोमुखासन (Gomukhasana or Cow Face Pose)
  • मरीच्यासन (Marichyasana or Pose of Marichi)
  • पद्मासन (Padmasana or Lotus Pose)

बद्ध कोणासन के फायदे Baddha Konasana ke fayde

  • इस आसन को करने से पेट की मसाज होती है जिससे पाचन तंत्र की बीमारियां दूर होती हैं ।
  • गुर्दे स्वस्थ रहते हैं जिससे मूत्र संस्थान की बीमारियां दूर होती हैं ।
  • प्रोस्टेट ग्रंथि एवं अंडाशय स्वस्थ रहते हैं ।
  • इस आसन को करने से जांघों, घुटनों एवं पीठ में खिंचाव पैदा होता है ।
  • यह आसन शरीर में रक्त परिसंचरण को सुचारू करता है एवं हृदय को स्वस्थ रखता है ।
  • यह आसन करने से मानसिक तनाव चिंता एवं अवसाद दूर होता है ।
  • इस आसन को करने से साइटिका एवं कमर दर्द की समस्या में आराम मिलता है ।
  • महिलाओं की मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में इस आसन को करने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है ।
  • हाई बीपी एवं अस्थमा की समस्या में आराम मिलता है ।
  • गर्भावस्था के दौरान इस आसन को किसी योग्य प्रशिक्षक की देखरेख में करने से प्रसव में आसानी मिलती है ।

यह लेख आपको कैसा लगा अपने विचार हमे कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताये ।

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