अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन करने का तरीका और फायदे Ardha Baddha Padmottanasana (Half Bound Lotus Standing Forward Bend) steps and benefits in Hindi

By | May 11, 2020

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन क्या है? What is Ardha Baddha Padmottanasana in hindi

 
अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन यह नाम 4 शब्दों से मिलकर बना है जोकि क्रमशः अर्द्ध, बद्ध, पदम एवं उत्थान हैं । अर्द्ध का मतलब होता है आधा, बद्ध का अर्थ होता है बंधा हुआ या बांधा हुआ, पदम का अर्थ कमल का फूल तथा उत्तान का मतलब खींचा होना या तनाव की स्थिति में होना माना जाता है । अतः इस प्रकार इस आसन में योगी का शरीर आधा खिला हुआ कमल के पुष्प के समान तनाव की स्थिति में होता है ।
 
Image Source: https://www.jackcuneo.com/blog/2014/10/4/ardha-baddha-padmottanasana-half-bound-lotus-standing-forward-fold-pose

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यह आसन करने में ज्यादा कठिन नहीं होता है एवं थोड़े से ही अभ्यास के पश्चात इस आसन को करने में दक्षता आ जाती है । लेकिन जिन लोगों का पेट निकला हुआ होता है या वजन बहुत ज्यादा होता है उन्हें इस आसन को करने में समस्या हो सकती है या हम कह सकते हैं कि ऐसे लोगों से यह आसन परफेक्ट नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस आसन में पेट का चर्बी मुक्त होना आवश्यक है । आइए अब हम इस आसन के बारे में विस्तार से बात करते हैं ।

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन करने का तरीका Ardha Baddha Padmottanasana karne ka tarika

  1. सबसे पहले आप ताड़ासन की स्थिति में खड़े हो जाएं । इसके पश्चात अपनी बाई टांग को उठाकर दाई जंघा पर रख लीजिए ।
  2. ऐसा करने में शुरुआत में आपको कठिनाई महसूस हो सकती हैं, लेकिन अभ्यास करने पर आप इसे कर पाएंगे ।
  3. आपको अपनी बाई टांग, दाई टांग एवं धड़ के जोड़ तक लेकर आनी है ।
  4. इसके पश्चात अपने बाएं हाथ को कमर के पीछे से ले जाकर बाई टांग के अंगूठे को पकड़ लीजिए जिससे आपका बाया पैर नीचे ना फिसले ।
  5. अभी तक आप सामान्य रूप से सांस ले रहे थे । अब आप सांस को बाहर छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ों से धीरे धीरे नीचे की ओर झुके ।
  6. यहां आपको एक विशेष बात ध्यान रखनी है कि आपको कमर से नहीं झुकना है बल्कि कूल्हों से झुकना है । नीचे झुकते समय आप सास को छोड़ दें जिससे आपका पेट अंदर की ओर दब जाएगा ।
  7. सांस छोड़ते हुए अपने दाएं हाथ को अपने दाएं पैर के पंजे के बराबर में टिका दें । आपका हाथ तथा पैर दोनों एक ही सीध में होने चाहिए ।
  8. इस अवस्था में आप कम से कम 5 बार सांस अंदर ले एवं छोड़ें तथा 30 से 60 सेकंड तक इसी अवस्था में बने रहें । धीरे धीरे अभ्यास होने पर आप समय बढ़ा सकते हैं ।
  9. इसके पश्चात आप धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं तथा बाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को छोड़ दें तथा बाएं पैर को भी नीचे कर ले ।
  10. ऊपर उठते समय आप धीरे-धीरे सांस लेते रहे तथा ऊपर उठते रहे, इस बात का विशेष ध्यान रखें । यह आपका आसन एक साइड से कंप्लीट हो जाता है । इसी प्रकार अब आप दूसरे पैर के साथ इस आसन को करें ।

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन के फायदे Ardha Baddha Padmottanasana ke fayde 

  • यह आसन करने से टांगों की मांसपेशियां मजबूत होती है जिससे टांगे मजबूत एवं सीधी होती हैं ।
  • इस आसन को करने से कूल्हे एवं घुटनों से संबंधित समस्याएं जैसे घुटनों में दर्द या अकड़ आहट रहना जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं ।
  • इस आसन से पेट की मसाज होती है जिससे पेट की समस्याओं में आराम मिलता है ।
  • यकृत सही रहता है तथा यकृत से पाचक रसों का पर्याप्त मात्रा में स्राव होता है । जिससे अपच, पेट गैस एवं कब्ज आदि रोगों में लाभ मिलता है ।
  • मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ने से मस्तिष्क रोगों में लाभ मिलता है एवं स्मरण शक्ति बढ़ती है ।
  • शारीरिक सुंदरता एवं सुडोल ता बढ़ती है एवं व्यक्तित्व आकर्षक हो जाता है ।

यह आसन करने से पहले किए जाने वाले आसन Ardha Baddha Padmottanasana se pahe ye asana karen

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन करने से पहले आप यह आसन कर सकते हैं इनसे आपकी हॅम्स्ट्रिंग, कूल्हे, और जांघे पर्याप्त मात्रा में खुल जाएँगे।

  • उत्थित पार्श्वकोणासन (Utthita Parsvakonasana or Extended Angle Pose)
  • परिवृत्त पार्श्वकोणासन (Parivrtta Parsvakonasana or Revolved Side Angle Pose)
  • प्रसारित पादोत्तासन (Prasarita Padottanasana or Wide-Legged Forward Bend)
  • पर्श्वोत्तनासन (Parsvottanasana or Intense Side Stretch Pose)
  • उत्थित हस्त पादंगुष्ठासन (Utthita Hasta Padangusthasana or Extended Hand-To-Big-Toe Pose)

यह आसन करने के बाद किए जाने वाले आसन Ardha Baddha Padmottanasana ke baad ye asana karen 

  • उत्कटासन (Utkatasana or Chair Pose)
  • वीरभद्रासन 1 (Virabhadrasana 1 or Warrior Pose 1)
  • वीरभद्रासन 2 (Virabhadrasana 2 or Warrior Pose 2)
  • दंडासन (Dandasana or Staff Pose)

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन करते समय सावधानियां Ardha Baddha Padmottanasana karte samay savdhaniya

यह आसन शुरुआत में करने में थोड़ा कठिन होता है इसलिए इस आसन को करते समय अधिक ऊर्जा एवं बल का प्रयोग ना करें । जिन लोगों की तोंद निकली होती है उन्हें केवल उतना ही झुकना चाहिए जितना वे झुक सकें । ज्यादा जोर लगाने से कोई भी समस्या आ सकती हैं ।

जिन लोगों को पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहता हो या साइटिका की प्रॉब्लम हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए । जिन लोगों के घुटनों में दर्द रहता हो या जिन्होंने कुछ समय पहले ही घुटनों की सर्जरी कराई हो उन्हें भी इस आसन को नहीं करना चाहिए । संभव हो तो इस आसन को करते समय अपने नजदीक किसी सहायक को रखें ताकि संतुलन बिगड़ने पर वह आपको पकड़ ले ।

 

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