9. अर्शोघ्नी

By | November 28, 2019

अर्शोघ्नी
(बवासीर की दवा)

बवासीर दो प्रकार की होती है खूनी व वादी । बवासीर वाले मरीज के गुदा में मस्से हो जाते हैं व मल त्याग करते समय बहुत अधिक दर्द होता है । बादी में गुदा में दर्द खाज होती है तथा मस्से फुल कर उनमें दर्द होता है । यह आयुर्वेद की बहुमूल्य औषधियों द्वारा तैयार की गई बेहतरीन दवा है । खूनी व बादी कैसी ही बवासीर की बीमारी हो, मर्द को हो या औरत को,  हर किस्म की बवासीर में यह दवा अत्यंत गुणकारी है। खाते ही खून बंद कर मस्सों को सुखा देते हैं ।

गुदा में जलन, खुजलाहट, दर्द होना, शौच करते समय खून आना, कमजोरी, कब्ज, दस्त साफ ना होना आदि सभी शिकायतें शीघ्र ही दूर होकर वर्षों पुरानी बवासीर की पुरानी बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है और दोबारा पैदा नहीं होती है । अगर जरूरत समझे तो अर्शोघ्नी मलहम को लगाए ।

सेवन विधि मलहम को सुबह शाम गुदा  में लगाएं । पहले गुदा को पानी से धोकर साफ कर ले फिर उंगली से गुदा में अच्छी तरह लगाएं । खाने की गोलियां ताजे पानी से सुबह-शाम सेवन करें ।

मूल्य – एक माह की दवा का मूल्य 600/- मात्र डाक पैकिंग खर्च अलग ।

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