टाइफाइड के लक्षण, कारण और घरेलू इलाज : Symptoms, Causes and Home Remedies for Typhoid in Hindi

टाइफाइड क्या है? What is Typhoid in Hindi

टाइफाइड एक संक्रामक रोग है जो सालमोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण फैलता है । यह रोग प्राणघातक भी हो सकता है यदि इसका सही समय पर उपचार न कराया जाए । टाइफाइड पाचन तंत्र एवं रक्त वाहिनी नाड़ियों में अपना प्रभाव दिखाता है तथा इन अंगों में अपने संक्रमण को फैलाता है । टाइफाइड में रोगी को बुखार होता है, बुखार के साथ ठंड लगती है, सिर में एवं शरीर में दर्द रहता है, भूख नहीं लगती है तथा बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है ।

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टाइफाइड (Typhoid) फैलने का मुख्य कारण गंदा पानी, संक्रमित जूस या संक्रमित पेय पदार्थ हो सकता है । संक्रमित खान-पान के कारण टाइफाइड के बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं तथा व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम कर देते हैं ।

जब रोगी को टाइफाइड होता है तो कुछ समय बाद ही इसके लक्षण प्रकट होने लगते हैं जैसे कि हमने आपको ऊपर बताए हैं । यदि टाइफाइड का सही समय पर उपचार न कराया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है ।

टाइफाइड के बैक्टीरिया ठहरे हुए पानी या सूखे मल में कई दिनों तक जिंदा रह सकते हैं । दूषित पानी पीने से, गंदे या प्रदूषित वातावरण में से गुजरने पर, प्रदूषित खानपान से इस रोग के जीवाणु हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जिससे टाइफाइड होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है । इस लेख में हम टाइफाइड रोग से संबंधित सभी जानकारी देंगे तथा टाइफाइड दूर करने के घरेलू उपाय बताएंगे ।

टाइफाइड के बारे में सामान्य जानकारी General Information Regarding Typhoid in Hindi

टाइफाइड एक संक्रामक रोग है जो प्रदूषित पानी, संक्रामक या बासी भोजन एवं प्रदूषित वातावरण के कारण फैलता है । इसके अलावा यह रोग वात, पित्त एवं कफ तीनों दोषों के असंतुलित होने के कारण भी हो सकता है ।

यदि परिवार में किसी एक सदस्य को टाइफाइड हो जाए तो इस रोक के बैक्टीरिया परिवार के एक सदस्य से दूसरे सदस्य के शरीर तक पहुंच सकते हैं, इसलिए परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह बीमारी हो सकती है ।

टाइफाइड के रोगी को आइसोलेट कर देना चाहिए ताकि यह बीमारी घर के अन्य सदस्यों एवं बच्चों को ना पहुंचे । कई बाहर मौसम में परिवर्तन एवं इम्यूनिटी पावर कम होने के कारण भी यह संक्रामक बीमारी हो जाती है लेकिन उपचार करने पर यह रोग ठीक भी हो जाता है, यह एक साध्य (curable) रोग है ।

टाइफाइड होने के कारण Causes of Typhoid Fever in Hindi

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया टाइफाइड रोग का मुख्य कारण सालमोनेला टायफी बैक्टीरिया होता है । यह बैक्टीरिया भोजन, पानी, बाजारी वस्तुएं एवं प्रदूषित वातावरण में मौजूद होते हो सकते हैं । यदि आप बिना ढका हुआ भोजन या पानी प्रयोग करते हैं तो हो सकता है कि इस रोग के कीटाणु आपके शरीर में प्रवेश कर जाएं ।

इस रोग के होने की संभावना बरसात के दिनों में ज्यादा होती हैं क्योंकि इन दिनों इस रोग के बैक्टीरिया वातावरण में पनपने लगते हैं तथा हवा के साथ भोजन एवं पानी को प्रदूषित कर सकते हैं ।

यह बैक्टीरिया पाचन तंत्र में पहुंचकर अपनी संख्या बढ़ा लेते हैं तथा व्यक्ति को रोगी कर देते हैं । यह एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को लग जाता है, इसलिए टाइफाइड के रोगी से दूर रहना चाहिए तथा दूर से ही बात करनी चाहिए ।

टाइफाइड के लक्षण Symptoms of Typhoid Fever in Hindi

टाइफाइड के रोगी में निम्न लक्षण हो सकते हैं ।

  • टाइफाइड के रोगी को तेज बुखार आता है । बुखार 102 डिग्री से लेकर 104 डिग्री तक या इससे भी ऊपर जा सकता है ।
  • जैसे-जैसे रोगी का बुखार या संक्रमण बढ़ता जाता है वैसे वैसे रोगी की भूख कम होती जाती है ।
  • रोगी धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है ।
  • रोगी के सिर में, मांसपेशियों में तथा पूरे शरीर में दर्द रहने लगता है ।
  • बुखार के समय रोगी को ठंड लगती है ।
  • शरीर में सुस्ती, आलस्य एवं कमजोरी का अनुभव होता है ।
  • कभी-कभी रोगी को दस्त भी होते है तथा बच्चों के केस में बच्चों को कब्ज हो सकती है ।

टाइफाइड से बचाव के उपाय Typhoid Prevention Measures in Hindi

टाइफाइड एक संक्रामक तथा प्राण घातक रोग है लेकिन उपचार करने पर यह सही भी हो जाता है । यदि आप कुछ सावधानियां रखें तो आप अपने आपको तथा अपने परिवार के सदस्यों को इस रोग से बचा सकते हैं । इसके लिए आपको अपने आहार-विहार, भोजन एवं जीवन शैली में बदलाव करना आवश्यक होता है ।

आहार विहार में बदलाव Chang in your Diet Plan

टाइफाइड बुखार होने पर अपने आहार विहार में बदलाव करना बहुत जरुरी है । यदि आप नीचे दिए गए नियमो का पालन करेंगे तो आपको निश्चित ही जल्दी आराम मिल जायेगा ।

  1. टाइफाइड होने पर आपको लहसुन, प्याज एवं तीव्र गंध वाले खाद्य पदार्थ खाने से बचना चाहिए ।
  2. टाइफाइड में तेज मिर्च मसाले, गरम मसाले, चटपटी वस्तुएं आदि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  3. टाइफाइड में गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे आलू, कटहल, समोसे या मैदे से बनी हुई चीजें नहीं खानी चाहिए ।
  4. टाइफाइड में भारी भोजन जैसे छोले, राजमा तथा गरिष्ठ भोजन नहीं करना चाहिए ।
  5. टाइफाइड में मीट, मांस, मछली, अंडा इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  6. टाइफाइड रोग में बहुत ही हल्का-फुल्का खाना खाना चाहिए । मूंग की दाल की खिचड़ी, मसूर की दाल, दलिया इत्यादि का सेवन करना चाहिए ।
  7. टाइफाइड में नशीले पदार्थों जैसे बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, शराब, चाय, कॉफी इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  8. टाइफाइड के रोगी को रेशेदार खाद्य पदार्थों जैसे हरी सब्जियां व फल का खूब सेवन करना चाहिए ।
  9. टाइफाइड के रोगी को केला, पपीता, शकरकंद एवं साबुत अनाज का परहेज करना चाहिए ।

जीवन शैली में बदलाव करके Chang in your Daily Routine

आपको और आपके परिवार के सदस्यों को टाइफाइड ना हो तथा आप इस रोग से बचे रहें इसके लिए निम्न सावधानियों को बरते ।

  1. घर में साफ सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखें ।
  2. अपने हाथों को दिन में चार से पांच बार 20 सेकेंड के लिए धोएं । संभव हो तो गर्म पानी से हाथ धोए ।
  3. पानी उबालकर बोतल में भरकर रख लें तथा इस पानी को ही पीने के लिए प्रयोग करें ।
  4. कच्ची सब्जियां या कच्चा आहार ना लें । भोजन को सही तरीके से पकाकर ही खाएं ।
  5. बिना ढका हुआ या बासा भोजन ना खाएं ।
  6. बाजार के खाद्य पदार्थ एवं पेय पदार्थ बिल्कुल ना खाएं ।
  7. संक्रमित व्यक्ति के पास ना जाए ना ही उसके घर जाएं ।
  8. संक्रमित व्यक्ति को अपने घर में प्रवेश करने से स्पष्ट मना कर दें ।
  9. घर में रुका हुआ पानी तुरंत बाहर निकाल दें । कूलर, गमलों, छत या किसी अन्य स्थान पर रूका हुआ पानी निकाल कर बाहर फेंके तथा उस स्थान पर फिनाइल डाल दे ताकि रोग के संक्रामक कीटाणु नष्ट हो जाए ।
  10. यदि घर में कोई व्यक्ति टाइफाइड से संक्रमित हो जाए तो उससे 2 गज की दूरी बनाकर रखें तथा संभव हो तो उसे आइसोलेट कर दें ।
  11. संक्रामक व्यक्ति का झूठा ना खाएं तथा उसके बर्तनों को अलग से साफ करें ।
  12. रात को सोते समय पूरी बाजू के कमीज तथा फुल पैंट पहनकर सोए ताकि मच्छर ना काटे ।
  13. घर में पर्याप्त रोशनी रखें तथा साफ-सफाई के विशेष व्यवस्था होनी चाहिए ।

विशेष नोट: टाइफाइड की वैक्सीन अवेलेबल है । डॉक्टर के पास जाकर इसकी वैक्सीन लगाएं तथा डॉक्टर से ट्रीटमेंट ले ।

टाइफाइड के उपचार के लिए घरेलू उपाय Home Remedies for Typhoid in Hindi

यदि आपको टाइफाइड के लक्षण महसूस होते हैं तो शुरुआती स्थिति में आप इसके घरेलू उपचार भी कर सकते हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे । नीचे हमने टाइफाइड बुखार को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय दिए हैं । यदि बुखार बहुत तेज हो रहा हो तथा आप किसी भी कारण से डॉक्टर के पास जाने में असमर्थ हैं तो जब तक आप डॉक्टर के पास ना पहुंच पाए तब तक इन घरेलू उपायों को कर सकते हैं, इससे बहुत अधिक लाभ मिलता है ।

ठंडे पानी की पट्टियों का प्रयोग करें Use Cold Water Cotton Strips

टाइफाइड बुखार में रोगी के शरीर का तापमान 102 डिग्री से लेकर 104 डिग्री तक हो जाता है जो कि बहुत अधिक होता है । इस स्थिति में रोगी को बहुत अधिक परेशानी एवं बेचैनी होती है । इस स्थिति में ठंडे पानी को एक जग में भरकर रख लें तथा सूती कपड़े की पट्टी या रुमाल को इस पानी में भिगोकर पट्टी बनाकर माथे पर रख दें ।

प्रत्येक 2 मिनट बाद पट्टी को निचोड़कर दोबारा ठंडे पानी में डुबोकर माथे पर रख दें । यह प्रक्रिया कम से कम 30 मिनट से 45 मिनट तक करें तथा इस प्रक्रिया को प्रत्येक 2 से ढाई घंटे बाद दोहराते रहें । इससे भी शरीर का तापमान काफी कम हो जाता है ।

विशेष नोट: ठंडे पानी के रूप में फ्रिज या बर्फ का पानी का इस्तेमाल ना करें । यह रोगी के लिए घातक सिद्ध हो सकता है ।

डब्ल्यूएचओ द्वारा स्वीकृत ओ आर एस का प्रयोग करें Use ORS Prescribed by WHO

टाइफाइड के रोगी के शरीर में रोग के कारण कमजोरी आ जाती है, साथ ही निर्जलीकरण की समस्या भी पैदा हो जाती है । इस स्थिति में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा स्वीकृत ओ आर एस का प्रयोग रोगी को कराया जा सकता है ।

ओआरएस आपको किसी भी मेडिकल स्टोर से मिल जाएगा । इसे आप घर पर भी बड़ी आसानी से बना सकते हैं । ओआरएस को बनाने का विधि इस प्रकार है ।

4 कप पानी में एक चम्मच नमक एवं छह चम्मच चीनी के मिलाएं तथा इसे सुरक्षित रखें, ओआरएस बनकर तैयार है । ओआरएस को, रोगी को प्रत्येक 30 मिनट बाद दिन में 10 से 12 बार पिलाएं ।

लहसुन का प्रयोग करें Use Garlic in Your Diet

टाइफाइड दूर करने के लिए लहसुन भी बहुत अधिक फायदेमंद होता है । लहसुन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीबायोटिक एवं एंटीवायरल गुड मौजूद होते हैं । यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बहुत अधिक बढ़ा देता है, साथ ही हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों (टॉक्सिंस) को निकालता है तथा किसी भी बीमारी के बाद बड़ी तेजी से शरीर को रिकवर करने में मदद करता है । टाइफाइड के रोगी को खाली पेट दो से तीन कलियां लहसुन की प्रतिदिन खिलानी चाहिए । इस प्रयोग को तब तक करना चाहिए जब तक रोगी ठीक ना हो जाए ।

विशेष नोट: गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों को लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि लहसुन की तासीर गर्म होती है । इसलिए यह इन्हें नुकसान कर सकता है ।

टाइफाइड बुखार दूर करने के लिए तुलसी का उपयोग करें Consume Basil to Cure Typhoid in Hindi

तुलसी केवल टाइफाइड ही नहीं बल्कि दूसरे कई बुखारो एवं संक्रामक रोगों को दूर करने के लिए प्रयोग की जाने वाली एक रामबाण जड़ी बूटी है । तुलसी की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है । इसे हम अमृत मान सकते हैं, क्योंकि वास्तव में ही तुलसी में जीवन दायिनी शक्ति को बढ़ाने वाले गुण मौजूद होते हैं । टाइफाइड के रोगी को तुलसी के पत्ते का सेवन करने की विधि इस प्रकार है ।

  • एक कप पानी में कम से कम 20 तुलसी के पत्ते तथा एक चम्मच पिसा हुआ अदरक मिलाएं तथा इस पानी को तब तक उबालें जब तक पानी आधा नहीं रह जाता, इसमें स्वाद अनुसार गुड भी मिला सकते हैं । यह तुलसी और अदरक का काढ़ा तैयार हो गया है । इस काढ़े को रोगी को दिन में दो से तीन बार पिलाएं ।
  • एक अन्य प्रयोग: 8 से 10 तुलसा के पत्तों का पेस्ट बना लीजिए इसमें एक चुटकी काली मिर्च का पाउडर मिला लीजिए तथा टाइफाइड के रोगी को दिन में दो से तीन बार चाटने को कहें । इससे भी टाइफाइड में आराम मिलता है । तुलसी के पत्ते एंटीबायोटिक एवम् एंटीबैक्टीरियल होते हैं तथा यह हमारी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने में मददगार होती हैं ।

टाइफाइड बुखार में प्रयोग करें लॉन्ग का Use Cloves to Cure Typhoid in Hindi

लॉन्ग के तेल में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण लॉन्ग टाइफाइड पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करने में मददगार होता है । टाइफाइड के रोगी को नियमित रूप से प्रतिदिन लोंग का सेवन कराया जाता है, इसकी विधि इस प्रकार है ।

1 लीटर पानी में 15 से 20 लॉन्ग को डाल दें तथा इस पानी को तब तक उबालें जब तक यह पानी आधा नहीं रह जाता है । इसके पश्चात इस पानी को ठंडा होने के लिए रख दें तथा दिन भर रोगी को थोड़ा-थोड़ा करके इस पानी को ही पिलाते रहे । इस प्रयोग से टाइफाइड बुखार के अतिरिक्त रोगी को उल्टी और दस्त में भी आराम मिल जाता है ।

टाइफाइड बुखार में केले का प्रयोग करें Consume Banana to Cure Typhoid in Hindi

टाइफाइड के रोगी को दिन में दो से तीन पके हुए केले खिलाने चाहिए । पके हुए केले में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर मौजूद होता है जो रोगी की आंतो से तरल पदार्थों को अवशोषित कर लेता है तथा दस्त में आराम पहुंचाता है ।

इसके अलावा केले में पोटेशियम प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है जिस कारण रोगी को बुखार में जो बेचैनी होती है उस में राहत मिलती है । इतना ही नहीं केला शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को भी पुनर्स्थापित करता है । टाइफाइड के रोगी को दिन में दो से तीन पके हुए केले भी खिला सकते हैं या केले को दही में मेश करके एक चम्मच शहद मिलाकर भी खिलाया जा सकता है ।

टाइफाइड बुखार में छाज़ का प्रयोग करें Consume Buttermilk to Cure Typhoid in Hindi

छाज़  टाइफाइड बुखार को दूर करने के लिए बहुत ही उत्तम घरेलू उपचार है । छाज में निर्जलीकरण को दूर करने के गुण मौजूद होते हैं तथा यह टाइफाइड बुखार के कारण पाचन तंत्र की दुर्बलता को भी दूर करने में मदद करता है ।

टाइफाइड के कारण रोगी की भूख खत्म हो जाती है, खाने पीने का जी नहीं करता । इन सभी समस्याओं में छाछ बहुत अच्छा लाभ पहुंचाता है । इसके लिए एक गिलास छाछ में थोड़े से धनिए को पीसकर मिला दें तथा रोगी को दिन में दो बार पिलाएं । इस प्रयोग को तब तक करें जब तक रोगी बिल्कुल ठीक ना हो जाए ।

टाइफाइड बुखार को दूर करने के लिए अन्य घरेलू उपाय Other Home Remedies for Typhoid in Hindi

  1. फलों के रस का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें ।
  2. अंडे, दूध एवं प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें ।
  3. उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें ताकि शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलती रहे ।
  4. पानी खूब पिए एवं ठोस आहार का कम सेवन करें ।
  5. 8 से 10 घंटे की नियमित नींद ले तथा कठोर परीक्षण करने से बचें ।

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