दाद खाज खुजली की सामान्य जानकारी
दाद जिसे अंग्रेजी में रिंगवॉर्म भी कहा जाता है एक संक्रामक रोग है, जो बैक्टीरिया संक्रमण, दूषित खान पान एवम् छुआछूत के कारण फैलता है । यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तथा पशुओं से मनुष्य में फैलता है ।
इस रोग में व्यक्ति की त्वचा पर खाज होती है तथा त्वचा के ऊपर एक गोल परत बन जाती है जो कि देखने में हल्की लाल रंग की होती है । इसके आसपास हल्की हल्की सूजन भी बनी रहती है तथा इस स्थान पर बहुत अधिक खाज खुजली होती है ।
दाद को अंग्रेजी में टीनिया (Tinea) कहा जाता है । यदि आप साफ सफाई नहीं रखते हैं एवं खानपान का ध्यान नहीं रखते हैं तो आपको यह समस्या हो सकती हैं, इसलिए हम दाद खाज खुजली के लक्षण एवं इसके उपाय के बारे में जानेंगे ।
दाद रिंगवॉर्म क्या होता है What is Ringworm in hindi
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया त्वचा के ऊपर लाल एवं गुलाबी रंग की एक परत बन जाती है जिसके आसपास बहुत अधिक खाज खुजली होती है तथा कभी-कभी इसमें से पानी भी आता है ।इसे ही दाद या रिंगवॉर्म कहा जाता है ।
दाद क्यों होता है What is the reason of ringworm in hindi
ज्यादातर दाद के होने का कारण खानपान एवं रहन-सहन को ही माना जाता है । बहुत ज्यादा मीठा, नमकीन, बासा भोजन, दूषित आहार एवं साफ सफाई की कमी के कारण हमारे शरीर में कफ एवं पित्तदोष पैदा हो जाता है । जिसका प्रभाव रक्त पर पड़ता है एवं परिणाम स्वरूप हमें त्वचा से संबंधित समस्या होने लगती हैं । उन्हीं समस्याओं में एक समस्या है दाद एवं खाज ।
दाद के प्रकार Types of ringworm in hindi
दाद निम्नलिखित चार प्रकार का होता है ।
टीनिया क्रूरीस (Tinea cruris)– यह जोड़ो, आंतरिक जांघे और नितम्बों के आस-पास की त्वचा पर होता है।
टीनिया कैपीटीस (Tinea capitis)– यह दाद सिर की त्वचा (Scalp) में होता है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। यह प्रकार सामान्य रूप से स्कूलों में फैलता है। इससे सिर के कुछ हिस्सों में गंजापन दिखने लगता है।
टीनिया पैडिस (Tinea Paedis)– यह दाद पैर की त्वचा पर होता है। सार्वजनिक स्थानों पर नंगे पाँव जाने से इसका खतरा अधिक रहता है।
टीनिया बार्बी (Tinea Barbae) -यह चेहरे की दाढ़ी वाले क्षेत्र और गर्दन पर होता है। इसके कारण कई बार बाल टूटने लगते है। अक्सर यह नाईं के पास दाढ़ी कटवाने जाने के दौरान होता है इसलिए इसे बारबार्स इट्च (Barbar’s itch) भी कहते है।
दाद और एग्जीमा Ringworm & Eczema in hindi
यहां हम आपको एक बात और बता देते हैं की दाद एक प्रकार का फंगल इन्फेक्शन ही होता है । फंगल इंफेक्शन वह होता है जिसमें त्वचा की ऊपरी सतह के ऊपर बैक्टीरिया का प्रभाव हो जाता है तथा खाज खुजली एवं चकत्ते हो जाते हैं ।
दाद को हम एग्जिमा नहीं कह सकते हैं । एग्जिमा एक अलग रोग होता है । वास्तव में एग्जिमा में भी त्वचा पर खुजली और जलन होती है लेकिन इसके पीछे का कारण अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है, लेकिन विभिन्न अनुसंधानो के आधार पर यही निष्कर्ष निकलता है कि एग्जिमा का कारण खानपान एवं प्रदूषित वातावरण हो सकता है ।
जो लोग बहुत अधिक डेयरी उत्पादों का प्रयोग करते हैं, प्रतिदिन खट्टे भोजन खाते हैं, मछली अंडे एवं बहुत अधिक मसालेदार भोजन करते हैं उन्हें त्वचा से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं । इसके अलावा प्रदूषित वातावरण में रहने के कारण विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया एवं वायरस का प्रभाव भी हमारी त्वचा पर पड़ता है ।
इस प्रकार दाद एवं एग्जिमा दोनों के होने में काफी हद तक समानता होती है लेकिन दोनों अलग-अलग होते हैं तथा दोनों का उपचार भी अलग-अलग औषधियों से किया जाता है ।
दाद कैसे होता है How ringworm happens in hindi
दाद होने का प्रमुख कारण फंगल इंफेक्शन होता है । आपने देखा होगा बरसात के दिनों में खाने पीने की चीजों जैसे बर्फी, लड्डू या रोटी में फफूंदी लग जाती है, जिसे फूई भी कहा जाता है ।
बिल्कुल उसी प्रकार ज्यादातर बरसात के दिनों में हमारी त्वचा के ऊपर फफूंदी जैसा परजीवी (पैरासाइट)पैदा हो जाता है जो त्वचा की कोशिकाओं तक पहुंच जाता है । धीरे-धीरे यह परजीवी कोशिकाओं में फैलना शुरू हो जाता है तथा खाज एवं खुजली पैदा करनी शुरू कर देता है ।
फफूंदी के अतिरिक्त दाद पालतू पशुओं से भी हो सकता है । यदि हमारे घर में किसी पालतू पशु जैसे कुत्ता, गाय, भैंस, बकरी आदि को दाद का संक्रमण है तो उनके छूने से वह संक्रमण हमारे शरीर तक पहुंच सकता है ।
इसलिए जिन लोगों को दाद खाज की समस्या हो उनसे दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह एक प्रकार की छुआछूत की बीमारी है । ऐसे लोगों के व्यक्तिगत सामान जैसे कपड़े, तोलिया,।बिस्तर, ब्रश, कंघी इत्यादि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन सब से भी इस संक्रमण के होने की संभावना बनी रहती है ।
दाद के लक्षण Symptoms of ringworm in hindi
आइए अब जानते हैं दाद के क्या क्या लक्षण होते हैं । दाद होने पर व्यक्ति को केवल खाज और खुजली ही नहीं होती बल्कि निम्नलिखित समस्याएं भी हो सकती हैं ।
- दाद वाले स्थान पर व्यक्ति को खुजली के साथ-साथ जलन भी होती है ।
- दाद वाली जगह पर चकत्ते पड़ जाते हैं ।
- इस स्थान पर की त्वचा लाल हो जाती है ।
- इस स्थान की त्वचा पर हल्के हल्के जख्म हो जाते हैं ।
दाद से कैसे बचें How to prevent ringworm in hindi
दाद से बचने के लिए आपको अपने खान-पान, रहन सहन एवं जीवन शैली में परिवर्तन करना बहुत जरूरी है । यदि आप अपने आप को बिल्कुल साफ सुथरा रखेंगे एवं निम्न बातों का ध्यान रखेंगे तो आप इस संक्रामक रोग से बचे रहेंगे ।
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें ।
- यदि आपके आसपास दाद खाज से पीड़ित कोई व्यक्ति है,चाहे वह आपके परिवार का व्यक्ति ही क्यों ना हो, तो भी उस व्यक्ति के व्यक्तिगत सामान जैसे तोलिया, कपड़े, कंघी, brush इत्यादि का प्रयोग बिल्कुल ना करें ।
- यदि घर में पालतू जानवर है और आप उनकोे छूते हैं तो उनको छूने के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं । हाथ धोए बिना अपने हाथों को अपने कपड़ों, अपने चेहरे तथा त्वचा पर बिल्कुल ना लगाएं ।
- यदि आपको बहुत अधिक पसीना आता है तो निरंतर अपनी त्वचा को रुमाल से पोछते रहे तथा मौका मिलने पर अपने गुप्तांगों के आसपास की त्वचा को खासकर जंघासो को साफ सूती कपड़ों से अच्छी तरह साफ करें, क्योंकि इस स्थान पर दाद होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है ।
- अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें । बहुत ज्यादा मीठा, नमकीन, गुड, चॉकलेट, बहुत अधिक तली भूनी चीजें या मसालेदार खाद्य पदार्थ, जंक फूड इत्यादि का सेवन ना करें या बहुत कम करें ।
- धूम्रपान,शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें ।
- अपने भोजन में नियमित रूप से लॉन्ग का प्रयोग करें, क्योंकि लौंग का सेवन करने से फंगल इन्फेक्शन नहीं होता है तथा आप काफी हद तक दाद खाज खुजली से बचे रहते हैं ।
- अपने भोजन में विटामिन ई युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करे। विटामिन ए का सेवन करने से आपके शरीर में ल्यूकोसाइट्स का उत्पादन होता है जो फंगल को नष्ट करने में मदद करता है ।
- विटामिन ई प्राप्त करने के लिए आप जैतून का तेल, सूरजमुखी का तेल, अखरोट, मसूर की दाल, पालक, बादाम, तिल इत्यादि का सेवन प्रचुर मात्रा में कर सकते हैं ।
- प्रतिदिन स्नान करें तथा अंतः वस्त्र अर्थात अंडरवियर एवं बनियान को प्रतिदिन बदले । अपना तोलिया किसी के साथ शेयर ना करें ।
यदि आप इन सब बातों का ध्यान रखते हैं तो निश्चित रूप से आप इस संक्रामक रोग से बचे रहेंगे । दाद कोई गंभीर समस्या नहीं है, यह एक आम समस्या है जो सामान्यत बरसात के मौसम या गर्मियों में पसीना आने के कारण हो जाती हैं ।
यदि आपको यह रोग हो भी जाए तो हमने इस समस्या को दूर करने के कुछ घरेलू उपाय बताए हैं । यदि आप इन उपायों को करेंगे तो निश्चित रूप से आप इस समस्या को अपने घर पर ही दूर कर लेंगे ।
दाद, खाज, खुजली के घरेलु उपाय Home remedies of ringworm in hindi
दाद खाज खुजली के लिए नीचे दिए गए घरेलु उपय बहुत अधिक कारगर होते हैं । आप इन्हें जरुर अजमाए ।
दाद, खाज, खुजली के लिए प्रयोग करें इमली के बीज
इमली के बीज दाद खाज खुजली को दूर करने के लिए बहुत अच्छा काम करते हैं । इसके लिए इमली के बीजों को नींबू के रस के साथ पीसकर इसका पेस्ट बना लें । अब इस पेस्ट को दाद खाज वाले स्थान पर लगाएं कुछ ही दिनों में आपको आराम मिल जाएगा ।
राई के बीज दूर करें दाद, खाज, खुजली
राई के बीजों को नारियल के तेल के साथ मिलाकर पीस लें तथा इसका पेस्ट तैयार कर लें । इस पेस्ट को दाद खाज वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलता है ।
जोजोबा तेल एवं लेवेंडर तेल दूर करे दाद, खाज, खुजली
एक चम्मच जोजोबा तेल में एक बूंद लेवेंडर तेल की मिलाएं तथा इस मिश्रण को रुई की सहायता से दाद, खाज, खुजली वाले स्थान पर लगाने से कुछ ही दिनों में आराम मिल जाता है ।
करेले का रस एवं गुलाब जल तेल दूर करे दाद, खाज, खुजली
करेले का रस एवं गुलाब जल दाद खाज खुजली के लिए सबसे बेहतरीन घरेलू उपाय है । इस उपाय को दादी मां के नुस्खे में गिना जाता है । इसके लिए आप करेले का रस निकाल लें तथा उसमें थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर इसे दाद दाद खाज खुजली वाले स्थान पर लगाने से आराम मिल जाता है ।
लेमन ग्रास तेल दूर करे दाद, खाज, खुजली
लेमन ग्रास को इस्तेमाल करने की विधि इस प्रकार है । 50 ग्राम लेमन ग्राम ले तथा इसे 200 मिलीलीटर पानी में अच्छी तरह पकाएं । जब पानी पकते पकते 100 मिलीलीटर रह जाए तब इसे छानकर हल्का ठंडा होने पर दिन में दो से तीन बार पिए । इससे खुजली एवं दाद खाज में आराम मिल जाता है ।
सरसों के बीज दूर करे दाद, खाज, खुजली
सरसों के बीजों को लगभग आधा या 1 घंटे के लिए पानी में भिगो दें तथा इनको पीसकर पेस्ट बना लें । इस पेस्ट को दाद खाज वाले स्थान पर लगाने से आराम मिल जाता है ।
एलोवेरा दूर करे दाद, खाज, खुजली
एलोवेरा में एंटीफंगल एवं एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं । एलोवेरा को त्वचा की विभिन्न समस्याओं जैसे कील,।मुंहासे आदि में भी प्रयोग किया जाता है । दाद, खाज, खुजली में एलोवेरा का प्रयोग पुराने समय से ही किया जाता है ।
इसके लिए जिस स्थान पर दाद खाज खुजली हो उस स्थान पर एलोवेरा जेल को अच्छी तरह लगाएं तथा कम से कम 6 घंटे के पश्चात इस स्थान को ताजे पानी से धो दें । ध्यान रखें साबुन का प्रयोग ना करें । केवल साधारण पानी से ही इस स्थान को साफ करें और किसी कॉटन के कपड़े से अच्छी तरह सूखा लें ।
टी ट्री ऑयल दूर करे दाद, खाज, खुजली
टी ट्रि ओयल बहुत ही लाभदायक तेल है । इस तेल को दाद खाज खुजली वाले स्थान पर रूई की सहायता से कम से कम दिन में तीन से चार बार लगाना चाहिए ।
सेब का सिरका दूर करे दाद, खाज, खुजली
सेब का सिरका दाद खाज खुजली के लिए एक लाभदायक एवं उपयोगी घरेलू उपाय हैं । सेब के सिरके को रुई की सहायता से संक्रमित स्थान पर लगाने से आराम मिलता है । यह प्रयोग प्रत्येक दो दो घंटे बाद दोहराते रहें ।
हल्दी दूर करे दाद, खाज, खुजली
हल्दी में एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं । यदि चोट लग जाए एवं शरीर में दर्द एवं सूजन हो तो हल्दी में दूध मिलाकर पीने से आराम मिलता है । हल्दी को पानी में मिलाकर यदि दाद, खाज, खुजली वाले स्थान पर लगाया जाए तो यह त्वचा रोगों में भी बहुत अच्छा लाभ दिखाती है ।
लहसुन दूर करे दाद, खाज, खुजली
लहसुन हमारे घर में पाई जाने वाली एक घरेलू जड़ी बूटी है । लहसुन में एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं जो त्वचा पर होने वाले फंगल संक्रमण को दूर करने के लिए बहुत अच्छा फायदा पहुंचाते हैं । लहसुन की दो तीन कलियों को पीसकर इनका पेस्ट बना लें तथा संक्रमित स्थान पर लगाकर ऊपर से पट्टी बांध सकते हैं । कुछ दिनों तक इस प्रयोग को दोहराने से आराम मिल जाता है ।
नारियल का तेल दूर करे दाद, खाज, खुजली
नारियल के तेल को संक्रमित स्थान पर दिन में तीन से चार बार लगाएं । यह त्वचा को नम बनाता है तथा त्वचा को फंगल संक्रमण से बचाए रखता है ।
जैतून की पत्तियां दूर करे दाद, खाज, खुजली
जैतून में रोग प्रतिरोधक गुण मौजूद होते हैं तथा जैतून का सेवन करने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है । इतना ही नहीं जैतून का सेवन करने से त्वचा रोगों में भी आराम मिलता है । जैतून की पत्तियों को दिन में दो से तीन बार चबाकर खाएं इससे त्वचा रोगों में आराम मिलता है ।
नमक एवं सिरका दूर करे दाद, खाज, खुजली
नमक में थोड़ा सा सिरका मिलाकर इसका पेस्ट बनाएं तथा इसे दाद खाज खुजली वाले स्थान पर लगाएं । इस प्रयोग को दिन में दो से तीन बार दोहराते है । लेकिन ध्यान रखें इस पेस्ट को त्वचा पर लगाने से बहुत अधिक जलन होगी जो धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी ।
नीम की पत्तियां दूर करे दाद, खाज, खुजली
जैसा आप जानते हैं नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल एवं एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं । नीम की पत्तियों का उपयोग विभिन्न बीमारियों में किया जाता है । त्वचा रोगों में नीम की पत्तियों का उपयोग मुख्य रूप से किया जाता है ।
इसके लिए आप तीन से चार नीम के पत्तों को दिन में दो से तीन बार चबा चबा कर खाएं । 20 से 25 नीम के पत्तों को पानी में उबालें तथा इस पानी को ठंडा करने के पश्चात पानी में मिलाकर स्नान करें । इससे भी दाद खाज खुजली में आराम मिलता है ।
दालचीनी के पत्ते दूर करे दाद, खाज, खुजली
दालचीनी के पत्तों को पीस लें तथा इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका पेस्ट तैयार कर लें । इस पेस्ट को दाद खाज खुजली वाले स्थान पर लगाने से आराम मिलता है ।
देसी घी दूर करे दाद, खाज, खुजली
देसी घी तो लगभग लगभग सभी घरों में मौजूद होता है । थोड़ा सा देसी घी ले तथा इसे संक्रमित स्थान पर लगाएं ।
खीरा दूर करे दाद, खाज, खुजली
खीरे का रस निकाल लें तथा इसे सुरक्षित रख लें । इस रस को दिन में प्रत्येक दो दो घंटे बाद संक्रमित स्थान पर लगाएं । कुछ ही दिनों में दाद खाज खुजली से आराम मिल जाता है ।
इस प्रकार हमने आपको दाद, खाज, खुजली से संबंधित जानकारी देने का प्रयास किया है । यदि आपको दाद खाज से संबंधित कोई पुराना रोग हो जो दवाइयों से ठीक ना हो रहा हो तो आप हमारी फार्मेसी से संपर्क करें । 1 माह की दवाई मात्र ₹2550 की होती है तथा पहले महीने से ही आपको आराम मिलना शुरू हो जाएगा । अधिक जानकारी के लिए हमारे व्हाट्सएप नंबर 7409224797 पर संपर्क करें ।