वातगजांकुश रस के फायदे गुण उपयोग और नुकसान Vatgajankush Ras ke fayde or nuksan

By | June 27, 2020

वातगजांकुश रस क्या है? Vatgajankush Ras kya hai?

वातगजांकुश रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से गंभीर वात रोगों में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से पैरालाइसिस (पक्षाघात) व लकवा जैसे गंभीर वात रोग रोगों में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

इसके अलावा यह औषधि गठियाबाय, ग्रधसी (साइटिका), कंधे में होने वाला दर्द, जांघों मे होने वाला खिंचाव एवं दर्द एवं अन्य सभी वात रोगों में बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है । वाद गजंकुश रस कफ प्रधान वात रोगों को ठीक करने के लिए एक सुप्रसिद्ध औषधि है ।

यदि हम इस औषधि के नाम की बात करें तो इस औषधि के नाम में 3 शब्द हैं: वात, गज एवं अंकुश । वात का अर्थ होता है वायु, गज का अर्थ होता है हाथी तथा अंकुश का मतलब होता है नियंत्रण करना ।

वातगजांकुश रस इन हिंदी Vatgajankush Ras in hindi

इस प्रकार इस औषधि के नाम का अर्थ यह है कि यह औषधि हाथी के समान भयंकर वात रोगों पर अंकुश लगाने वाली होती है । जैसा इस औषधि का नाम है वैसा ही इसका प्रभाव भी है । यह औषधि भयंकर वात रोगों में बहुत ही अच्छा लाभ पहुंचाती है ।

इस औषधि के साथ सहायक औषधि के रूप में महावत विधवानसन रस का सेवन भी अवश्य करना चाहिए । यह औषधि शरीर से अतिरिक्त चर्बी को भी दूर करती है ।

वक्त गजंकुश रस आम दोष नाशक औषधि है, क्योंकि इस औषधि में काली मिर्च, सौंठ, पिपली, हरीतकी एवं अन्य ऐसी जड़ी बूटियां मौजूद है जो जठराग्नि को प्रदीप करती हैं एवं मंदाकिनी का नाश करती हैं ।

यह औषधि अग्निमांद्य का नाश करती है, जो कि आमदोष का मुख्य कारण होता है । आमदोष के नष्ट होने पर आमवात एवं अन्य वात रोग धीरे-धीरे करके सही होते चले जाते हैं । यह औषधि वात एवं कफ नाशक है तथा पित्त की वृद्धि करने वाली है ।

वातगजांकुश रस के घटक द्रव्य Vatgajankush Ras ke ghatak dravy

  • रस सिन्दूर Rasa sindura 1 Part
  • लोहा Loha (Lauha bhasma) 1 Part
  • माक्षिक Tapya (Makshika bhasma) 1 Part
  • गंधक Gandhaka shuddha 1 Part
  • हरिताल Talaka (Shuddha Haritala) 1 Part
  • हरीतकी Pathya (Haritaki) (P.) 1 Part
  • काकडाश्रृंगी Shringi (Karkatashringi) (Gl.) 1 Part
  • वत्सनाभ Visha (Vatsanabha) (Rt.) 1 Part
  • काली मिर्च Marica (Fr.) 1 Part
  • पिप्पली Pippali (Fr.) 1 Part
  • सोंठ Shunthi (Rz.) 1 Part
  • अग्निमंथ Agnimantha (Rt.) 1 Part
  • टंकण Tankana shuddha 1 Part
  • मुंडीद्रव Mundidrava (Munditika) (Fl.) Q. S. for mardana One day
  • निर्गुन्डी Nirgundi drava (Lf.) Q. S. for mardana One day

वातगजांकुश रस के गुणधर्म Vatgajankush Ras ke gun in hindi

वातगजांकुश रस में निम्नलिखित औषधीय गुण मौजूद होते हैं ।

  1. वात नाशक
  2. कफ नाशक
  3. दर्द एवं सूजन नाशक
  4. एंटीइन्फ्लेमेटरी
  5. डिटॉक्सिफायर
  6. पित्तवर्धक

वातगजांकुश रस के फायदे Vatgajankush Ras ke fayde in hindi

यह औषधि गंभीर वात रोगों जैसे लकवा एवं पक्षाघात (पैरालाइसिस) की सर्वोत्तम औषधियों में गिनी जाती है । ग्रधसी अर्थात साइटिका रोग को यह औषधि मात्र 7 से 10 दिनों में ही ठीक कर देती है । गठियाबाय, जोड़ों का दर्द, अकड़न एवं सूजन में इस औषधि को महावत विधवानसन रस एवं योगराज गूगल के साथ सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

यह औषधि अन्य वात एवं कफ रोगों को दूर करती है । यह औषधि तासीर गर्म होती है तथा चर्बी को घटाने वाली होती है । यह औषधि जठराग्नि प्रदीप्त करती है एवं पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव दिखाती है । यह रक्त में से आमदोष को नष्ट करती हैं ।

सेवन विधि एवं मात्रा

इस औषधि की एक से दो गोली दिन में दो बार सुबह एवं शाम को ले सकते हैं । इस औषधि को गर्म पानी, रास्नादी क्वाथ या दशमूल क्वाथ के साथ लेना चाहिए । इस औषधि को भोजन करने के पश्चात ही सेवन करना चाहिए । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है ।

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