वासारिष्ट के फायदे और नुक्सान vasarishtam ke fayde or nuksaan

By | May 22, 2020

वासारिष्ट क्या है? vasarishtam kya hai?

वासारिष्ट एक आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधि है जो आयुर्वेद में आरिष्ट विधि से तैयार की जाती है । यह पूर्णतया प्राकृतिक औषधि है तथा इसका सेवन करने से किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव यह साइड इफेक्ट नहीं होता है ।

यह औषधि सर्दी खांसी, जुखाम, सीने की जकड़न, सांस लेने में तकलीफ होना, दमा श्वास(ब्रोंकाइटिस) एवं बुखार जैसी बीमारियों में प्रमुखता से उपयोग की जाती है । यह बहुत ही लाभकारी और सुप्रसिद्ध औषधि है ।

जैसा कि इस औषधि के नाम से ही पता चलता है कि इस औषधि का प्रमुख घटक द्रव्य वासा या वसाका होता है । इस औषधि में 5% से 10% तक सेल्फ जेनरेटेड अल्कोहल होता है, जिस कारण यह औषधि तुरंत अपना कार्य शुरु कर देती है ।

वासारिष्ट के घटक द्रव्य vasarishtam ke ghatak dravy

  • गुड 500 पार्ट्स
  • धाताकी फूल- वुडफोर्डिया फ्रूटिकोसा 40 पार्ट्स
  • दालचीनी – 5 भाग
  • ग्रीन इलायची- एलेटरीरिया इलायची 5 भाग
  • तेजपाता 5 भाग
  • नागकेसर – मेसुआ फेरेआ 5 भाग
  • कंकोल पाइपर क्यूबबा 5 भाग
  • नेत्रबाला (सुगंध बाला) – पाविोनिया ओडोराटा 5 भाग
  • सोंठ (अदरक राइज़ोम) – ज़िंगिबर अधिकारी 5 भाग
  • काली मिर्च (काली मिर्च) – पाइपर निग्राम 5 भाग
  • पिपली (लम्बी मिर्च) – पाइपर लांगम 5 भाग

वासारिष्ट के औषधीय गुण

  • कफ एवं पित्तदोष नाशक
  • एंटी इन्फ्लेमेटरी
  • एंटीट्यूसिव
  • एंटी एलर्जीक
  • एंटीफंगल
  • एंटीवायरल
  • एंटीबैक्टीरियल

वासरिष्ट के फायदे vasarishtam ke fayde

  • इस औषधि का सबसे अच्छा फायदा फेफड़ों के संक्रमण में होता है, जैसे कि सांस लेने में दिक्कत होना, सांस फूलना या घबराहट होना इत्यादि ।
  • इसका सेवन करने से खांसी जुखाम, नजला एवं अस्थमा की समस्या में लाभ मिलता है ।
  • यह गले में टॉन्सिल्स होने के कारण होने वाले दर्द में लाभकारी है, साथ ही यह गले के अंदर सूजन को भी सही करती है ।
  • मौसमी बुखार के कारण होने वाले सर्दी जुखाम को सही करती है तथा छाती में जमे हुए बलगम को बाहर निकाल देती है ।
  • यह मौसमी बुखार जोकि बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है को दूर करती है ।
  • इसके अलावा यह औषधि पाचन तंत्र पर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाती है तथा इसका सेवन करने से भूख बढ़ती है एवं यकृत को बल मिलता है ।
  • यह औषधि बहुत ही अच्छी एंटीवायरल औषधि के रूप में कार्य करती हैं, क्योंकि इस औषधि में कबाब चीनी, सोंठ, पीपल, दालचीनी, छोटी इलायची के अतिरिक्त अन्य बहुत सी जड़ी बूटियां होती हैं,  जो एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल औषधि के रूप में कार्य करती हैं ।
  • यह एक ऐसा टॉनिक है जिसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक शक्ति अर्थात इम्यूनिटी पावर बढ़ जाती है ।

सेवन विधि और मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 5 से 10 मिलीलीटर
वयस्क 12 से 24 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

दुष्प्रभाव एवं सावधानियां Precautions & Side Effects

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, लेकिन हम आपको सलाह देते हैं कि आप इस औषधि का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें । गर्भावस्था में एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए ।

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