त्रिकटु चूर्ण के गुण उपयोग फायदे और नुकसान trikatu churna uses and benefits in hindi

By | June 5, 2020

त्रिकटु चूर्ण क्या है? What is trikatu churna in hindi

त्रिकटु चूर्ण एक हर्बल आयुर्वेदिक एवं सुरक्षित औषधि है जो तीन जड़ी बूटियों काली मिर्च, सोंठ एवं पीपल के संभाग मिश्रण से बनाई जाती है । त्रिकटु चूर्ण को आयुर्वेद विशेषज्ञों के द्वारा प्राचीन काल से ही अस्थमा, खांसी, मोटापा एवं श्वसन रोगों में प्रयोग किया जाता रहा है ।

इन रोगों के अलावा त्रिकूट चूर्ण गठियाबाय, नजला जुखाम आदि में भी प्रयोग की जाती है । यह चूर्ण तासीर में गर्म होता है तथा इसका सेवन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति अर्थात इम्यूनिटी पावर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है ।

त्रिकटु चूर्ण को काली मिर्च, पिपली (इंडियन लॉन्ग पेपर), सोंठ (ड्राई जिंजर) से बनाया जाता है । यह चूर्ण कफ नाशक है जबकि पित्त को बढ़ाता है । यह पाचन तंत्र पर अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाता है एवं यकृत को सही कार्य करने के लिए उत्तेजित करता है । तासीर में गर्म होने के कारण यह शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिंस) को निकालने में मदद करता है ।

त्रिकटु चूर्ण के घटक द्रव्य trikatu churna ingredients in hindi

  • काली मिर्च Piper nigrum पाइपर निग्रम Black Pepper
  • सोंठ Zingiber officinale जिंजिबर ओफीशिनेल Dry Ginger
  • पीपल (पिप्पली) Piper longum पाइपर लोंगम Long Pepper

त्रिकटु चूर्ण बनाने की विधि

त्रिकटु चूर्ण को बनाना बहुत ही आसान है तथा आप इस चूर्ण को घर पर ही बड़ी आसानी से बना सकते हैं । इसके लिए आप किराना स्टोर से काली मिर्च, सोंठ एवं पिपली ले आइए । काली मिर्च एवं सोंठ तो आपको किराना स्टोर से मिल ही जाएगी लेकिन यदि पिपली किराना स्टोर से ना मिले तो इसे आप पंसारी से ला सकते हैं ।

पिपली को इंग्लिश में लॉन्ग पेपर या इंडियन लॉन्ग पेपर भी कहा जाता है । दिखने में यह हमारी रसोई में पाई जाने वाली लॉन्ग से मिलती-जुलती होती है । इन तीनों को आप बराबर बराबर मात्रा में ले लीजिए तथा कूट पीसकर इनका चूर्ण बनाकर मिक्स करके किसी प्लास्टिक या कांच के जार में भरकर रख लीजिए, इसे ही त्रिकटु चूर्ण कहा जाता है । आइए अब हम जानते हैं कि त्रिकटु चूर्ण का सेवन करने से आपको कौन कौन से फायदे होते हैं ।

त्रिकटु के औषधीय गुण Medicinal Properties in Hindi

  1. एंटी-वायरल Anti-viral: वायरस के खिलाफ प्रभावी
  2. एंटी-इन्फ्लेमेटोरी Anti-inflammatory: सूजन को कम करने वाला
  3. कफ निकालने वाला expectorant
  4. वातहर Carminative
  5. कफहर Phlegm reducing
  6. एंटीहाइपरग्लैसिमिक Anti-hyperglycemic: रक्त में ग्लूकोज को कम करता है
  7. वमनरोधी Anti-emetic: उलटी रोकने वाला
  8. एंटीहिस्टामिन Anti-histamine

त्रिकटु चूर्ण के फायदे trikatu churna uses in hindi

त्रिकटु चूर्ण अत्यंत लाभदायक एवं गुणकारी चूर्ण है जो विभिन्न श्वसन रोको एवं पाचन तंत्र से जुड़ी हुई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है । यह चूर्ण वात, पित्त एवं कफ तीनों दोषों के कारण पैदा होने वाली विभिन्न बीमारियों को दूर करने में सहायक है । यह अस्थमा, सांस लेने में दिक्कत होना, खांसी एवं मोटापे जैसी बीमारी में लाभदायक होता है । इस चूर्ण के विभिन्न लाभ इस प्रकार हैं ।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for immune system in hindi

त्रिकटु चूर्ण में जो जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं वे सभी हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति अर्थात इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने में मददगार होती हैं । इस चूर्ण का सेवन करने से जठराग्नि प्रदीप्त होती है जिससे पाचन क्रिया सुचारू हो जाती है व भूख बढ़ती है ।

इस प्रकार शरीर मैं बीमारियों से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनती हैं, जिनसे हमारा शरीर अनेकों संक्रामक रोगों से लड़ने में सक्षम हो जाता है  । इस चूर्ण का प्रतिदिन रात को सोने से पहले एक चम्मच सेवन किया जा सकता है ।

दमा श्वास (ब्रोंकाइटिस) में लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for asthma in hindi

त्रिकूट चूर्ण दमा श्वास ब्रोंकाइटिस एवं अन्य श्वसन रोगों के लिए अत्यंत लाभदायक औषधि माना जाता है । इस चूर्ण की तासीर गर्म होती है जिससे यह फेफड़ों से बलगम को दूर करता है । गले के संक्रमण जैसे गले में खराश या दर्द होना, बार बार खांसी आना एवं नजले जुखाम जैसे श्वसन संबंधी संक्रमण में मददगार होता है । इस समस्या में त्रिकटु चूर्ण को भोजन से आधा घंटा पहले शहद के साथ आधा से एक चम्मच चाटने से लाभ होता है ।

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वजन घटाने में लाभदायक त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for weight loss in hindi

यह चूर्ण जठराग्नि प्रदीप्त करता है एवं यकृत को उत्तेजित कर पाचक रसों का सही मात्रा में स्राव करवाता है, जिससे भोजन सही प्रकार से हजम होता है एवं भोजन में मौजूद एक्स्ट्रा फैट और कैलोरी बर्न होती है ।

यदि इस चूर्ण को त्रिफला चूर्ण के साथ सेवन किया जाए तो अतिरिक्त वजन और फैट को कम करने में बहुत ज्यादा मदद मिल सकती हैं । जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं उन्हें त्रिकटु चूर्ण को त्रिफला चूर्ण के साथ भोजन से आधा घंटा पहले गर्म पानी से लेना चाहिए ।

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कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रखने में लाभदायक त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for cholesterol in hindi

त्रिकटु चूर्ण रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रोल के स्तर को सामान्य रखने में मददगार होता है । कोलेस्ट्रोल का स्तर सामान्य रहने से हार्ट प्रॉब्लम का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है । यदि आप कोलेस्ट्रोल या हार्ट की प्रॉब्लम से पीड़ित हैं और अपना कोलेस्ट्रॉल नार्मल रखना चाहते हैं तो आप त्रिकटु चूर्ण का सेवन कर सकते हैं । कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित रखने के लिए त्रिकटु चूर्ण को खाना खाने से आधा घंटा पहले आधा से एक चम्मच लिया जा सकता है ।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for irritable bowel syndrome in hindi

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) एक ऐसी समस्या है जिसमें रोगी के पेट में भयंकर दर्द होता है, पेट में बहुत ज्यादा गैस बनती है, ऐंठन होती है और मरोड़ के साथ दस्त आते हैं । मल में बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है तथा रोगी को बहुत ज्यादा पीड़ा होती है ।

हालांकि इस पर अभी वैज्ञानिक शोध जारी हैं लेकिन माना जाता है कि यह समस्या पाचन तंत्र की गड़बड़ी एवं पेट की गर्मी के कारण होती है । ऐसी स्थिति में त्रिकटु चूर्ण को दिन में दो बार सुबह शाम ताजे पानी के साथ सेवन करने से काफी लाभ मिलता है ।

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शरीर के दर्द में लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for body pain in hindi

बढ़ती उम्र में शरीर में दर्द होना, हाथों पैरों में अकडाहट होना एक सामान्य से बात होती है । यदि आपके शरीर में भी दर्द या अकडाहट बनी रहती है तो आप त्रिकटु चूर्ण का सेवन कर सकते हैं । यह चूर्ण तासीर में गर्म होता है तथा इस चूर्ण में जो जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं उन्हें दर्द निवारक गुण मौजूद होते हैं । इसलिए सुबह शाम आधा-आधा चम्मच त्रिकूट चूर्ण को हल्के गर्म पानी से सेवन करने से बदन दर्द में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

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प्रजनन अंगों के लिए लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for productive organs in hindi

यह चूर्ण प्रजनन अंगों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाता है । इस चूर्ण में कामोद्दीपक गुण मौजूद होते हैं तथा यह चूर्ण वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या को भी बढ़ाता है ।

थायराइड के उपचार में लाभदायक त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for thyroid in hindi

त्रिकटु चूर्ण का उपयोग थायराइड से संबंधित समस्या में भी किया जाता है। इस समस्या में 50 ग्राम त्रिकटु चूर्ण को 10 ग्राम गोदंती भस्म के साथ मिलाकर रख ले तथा सुबह शाम 2 – 2 ग्राम शहद के साथ चाटने से थायराइड से संबंधित रोग दूर होते हैं ।

त्वचा रोगों में लाभकारी त्रिकटु चूर्ण trikatu churna for skin diseases in hindi

त्रिकटु चूर्ण त्वचा रोगों में भी लाभ दिखाता है इसका वर्णन भाव प्रकाश नामक ग्रंथ में इस प्रकार दिया गया है ।

त्र्यूषणं दीपनं हन्ति श्वास-कास त्वगामयान् ।
गुल्म मेह कफ स्थौल्य मेदः श्लीपदपीनसान् ॥

अर्थात, यह चूर्ण अग्नि को प्रदीप्त करता है, श्वसन रोगों को दूर करता है, खांसी को सही करता है, त्वचा के रोगों में फायदा पहुंचाता है, गुल्म, प्रमेह, खांसी, स्थूलता एवं पीनस रोगों में रोगों को नष्ट करता है ।

त्रिकटु चूर्ण के अन्य फायदे trikatu churna other benefits in hindi

  • यह चूर्ण लीवर अर्थात यकृत को उत्तेजित कर पाचक रसों का सही मात्रा में स्राव कराता है, जिससे पाचन बिल्कुल सही रहता है ।
  • यह कफ एवं वायु नाशक है जबकि इसके सेवन से पित्त बढ़ सकता है ।
  • यह पेट फूलना, खट्टी डकार आना एवं अफारा जैसी समस्या में लाभदायक होता है ।
  • यह शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिंस) को निकालने में मदद करता है ।
  • यह मेटाबॉलिज्म को बिल्कुल सही रखता है एवं वजन को नियंत्रित रखने में मददगार होता है ।
  • इसका सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण सही प्रकार से होता है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी पावर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है ।
  • कफ नाशक होने के कारण यह हाई ब्लड प्रेशर मैं फायदा पहुंचाता है ।
  • यह फेफड़ों के संक्रमण में लाभ पहुंचाता है ।
  • यह अपच के कारण पैदा होने वाले आमदोष को नष्ट करता है ।
  • यह शरीर में लिपिड के स्तर को सामान्य करता है ।
  • यह पेट कम करता है एवं मोटापा तथा वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है ।
  • यह बैड कोलेस्ट्रॉल एलडीएल तथा ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने में मदद करता है ।
  • यह हार्ट को सकारात्मक लाभ पहुंचाता है ।
  • यह शरीर में हिस्टामिन के निर्माण को रोकता है तथा शरीर को किसी भी प्रकार की एलर्जी से बचाता है ।

त्रिकटु चूर्ण की मात्रा एवं सेवन विधि Dosage & Directions

  • पाचन रोगों में त्रिकटु चूर्ण को आधा ग्राम से 1 ग्राम दिन में दो से तीन बार ले सकते हैं ।
  • मोटापा एवं वजन करने में कम करने में त्रिकटु चूर्ण को त्रिफला चूर्ण के साथ आधा-आधा चम्मच भोजन से पहले आधा घंटा पहले गर्म पानी के साथ ले सकते हैं ।
  • श्वसन तंत्र एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों में त्रिकटु चूर्ण को शहद के साथ चाटने से लाभ मिलता है ।
  • भोजन करने से 15 से 20 मिनट पहले त्रिकूट चूर्ण का सेवन करने से भोजन सही प्रकार से हजम होता है ।
  • आप इसे सलाद के ऊपर छिड़ककर भी खा सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

त्रिकटु चूर्ण का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । आप इस चूर्ण को लंबे समय तक सेवन कर सकते हैं । बस आपको एक बात का ध्यान रखना है, इसे निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में सेवन ना करें । अधिक मात्रा में सेवन करने से इससे आपको गैस्ट्रिक समस्या हो सकती हैं एवं पेट में हल्की-फुल्की जलन हो सकती है ।

यह चूर्ण पित्त को बढ़ाता है, इसलिए जिन लोगों को पित्त की समस्या हो उन्हें इस चूर्ण का सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए । जिनके पेट में सूजन हो या गैस्ट्राइटिस की प्रॉब्लम हो उन्हें इस चूर्ण का सेवन नहीं करना चाहिए ।

जिनके हाथों पैरों में जलन रहती हो, मुंह में छाले हो, अल्सर हो या किसी भी प्रकार का रक्तअतिसार (ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स) हो, उन्हें इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । इस चूर्ण की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्भावस्था में इस चूर्ण का सेवन नहीं करना चाहिए ।

उपलब्धता

यह एक क्लासिकल आयुर्वेदिक दवा है और बहुत सी फार्मेसियों द्वारा निर्मित है। यह पाउडर, सिरप और गोली के रूप में उपलब्ध है।

  1. Baidyanath Trikatu Capsules
  2. Divya / Patanjali Trikatu churna (A.S.S)
  3. Himalaya Trikatu (गोली और सिरप के रूप में)
  4. Gopala Trikatu Three Spices (Traditional Spice Blend)
  5. Vyas Trikatu Churna (A.F.I)
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