टंकण भस्म के फायदे और नुक्सान Tankan Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 21, 2020

टंकण भस्म क्या है? Tankan Bhasma kya hai?

टंकण भस्म जिसका प्रचलित नाम सुहागा भी है एक आयुर्वेदिक योगिक है तथा इसका निर्माण सुहागा पाउडर से किया जाता है । टंकण भस्म एक सुरक्षित आयुर्वेदिक योग है जिसका उपयोग योग्य चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही करना चाहिए ।

यह औषधि बलगम वाली खांसी, श्वसन तंत्र से संबंधित समस्याओं, सांस लेने में तकलीफ, गले में से घर-घर आहट की आवाज आना, पेट दर्द, बालों के रूखापन, सांस में से बदबू आना एवं दुर्गंध युक्त मूत्र के उपचार के लिए प्रयोग की जाती है ।

इसके अतिरिक्त यह गला बैठ जाना, सर में रूसी या डेंड्रफ रहना, नाखूनों का खराब हो जाना एवं स्त्री रोगों में भी उपयोग की जाती है ।

टंकण भस्म के घटक द्रव्य

  • शुद्ध सुहागा (बोरेक्स)

टंकण भस्म की निर्माण विधि

टंकण भस्म को बनाना बहुत ही आसान होता है तथा इसे आप घर पर भी बना सकते हैं । इसके लिए सबसे पहले आप शुद्ध सुहागा ले लीजिए तथा इसे कड़ाई में डालकर अग्नि पर रख दीजिए । कुछ देर में सुहागा पिघलना शुरू हो जाएगा तथा पानी छोड़ देगा ।

इसके पश्चात पानी सूख जाएगा एवं सुहागा बिल्कुल सफेद रंग का दूध की तरह भुरभुरा हो जाएगा । इसके पश्चात आप इसे अग्नि पर से उतार लें तथा ठंडा होने के लिए रख दें । ठंडा होने के पश्चात आप इसे कूट पीसकर छानकर किसी जार में भरकर रख लें, इसे ही टंकण भस्म कहते हैं ।

टंकण भस्म के चिकित्सकीय गुण

  • बलगम वाली खांसी में लाभदायक ।
  • सांस लेने में तकलीफ में लाभदायक ।
  • छाती में गड़गड़ाहट होना ।
  • पेट में दर्द होना ।
  • बालों में रूसी एवं डेंड्रफ होना ।
  • दुर्गंध युक्त श्वास में लाभकारी ।
  • दुर्गंध युक्त पेशाब एवं मूत्र संक्रमण में लाभकारी ।

टंकण भस्म के फायदे Tankan Bhasma ke fayde

श्वसन संबंधित रोगों में लाभकारी टंकण भस्म

यह दवा श्वसन तंत्र से संबंधित समस्याओं जैसे सांस लेने में परेशानी होना, छाती में जकड़न होना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना, बहुत ज्यादा बलगम बनना आदि समस्याओं में बहुत अच्छा कार्य करती है । इस औषधि को सूखी खांसी में नहीं देना चाहिए ।

कफ नाशक टंकण भस्म

टंकण भस्म का सेवन करने से फेफड़ों में जमा हुआ बलगम पिंघल कर निकल निकल जाता है । यह बलगम युक्त खांसी में लाभ करती है, साथ ही फेफड़ों को नई ऊर्जा एवं ताकत प्रदान करती है ।

दमा श्वास (ब्रोंकाइटिस) में लाभकारी टंकण भस्म

टंकण भस्म दमा श्वास अर्थात ब्रोंकाइटिस में भी फायदा करती है । लेकिन इस रोग में इसे सितोपलादि चूर्ण एवं अन्य औषधियों के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है । यह दमा श्वास के उन रोगियों के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होती है जिनकी छाती में वर्षों से कफ जमा हुआ है तथा जिन्हें खांसते वक्त बहुत ज्यादा बलगम आता हो ।

बालों में रूसी एवं डैंड्रफ में लाभकारी टंकण भस्म

टंकण भस्म बालों की रूसी एवं डैंड्रफ के लिए प्रयोग की जाती है । इसके लिए नारियल या सरसों के तेल में थोड़ी सी टंकण भस्म मिलाकर बालों में अच्छी तरह मालिश करनी चाहिए तथा आधे घंटे पश्चात किसी अच्छे शैंपू से बालों को धो लेना चाहिए ।

यहां आपको एक सावधानी रखनी है की टंकण भस्म को केवल सप्ताह में एक बार ही बालों में लगाना चाहिए अन्यथा बालों का कमजोर होने का खतरा हो सकता है, परिणाम स्वरूप बाल जल्दी झड़ने की समस्या पैदा हो सकती है ।

अन्य फायदे

  • यह मुंह आने व मुंह में छाले हो जाने पर मुंह में लगाया जाता है जिससे तुरंत फायदा हो जाता है ।
  • यदि किसी व्यक्ति की आवाज बैठ गई हो तो एक चुटकी टंकण भस्म को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसना चाहिए, जिससे गला खुल जाता है ।
  • कुछ लोगों के मुंह से बहुत ज्यादा बदबू आती है ऐसे लोगों को पानी में टंकण भस्म मिलाकर कुल्ला करने से मुंह की बदबू दूर हो जाती है ।
  • यदि आपके पसीने में से बदबू आती हो तो आप नहाने के पानी में थोड़ी सी टंकण भस्म मिला लें एवं उसके पश्चात स्नान करें इससे आपके पसीने में से बदबू आने बंद हो जाएगी ।
  • टंकण भस्म चोट लगने के पश्चात खून को जल्दी बंद करने के लिए प्रयोग की जाती है ।

मात्रा और सेवन विधि

टंकण भस्म की सामान्य औषधीय मात्रा  व खुराक इस प्रकार है:

औषधीय मात्रा (Dosage)

शिशु 10 मिलीग्राम प्रति किलो शरीर के वजन के बराबर *
बच्चे 50 से 125 मिलीग्राम *
वयस्क (19 से 60 वर्ष) 125 से 500 मिलीग्राम *
वृद्धावस्था (60 वर्ष से ऊपर) 125 से 250 मिलीग्राम *
अधिकतम संभावित खुराक 1000 मिलीग्राम **

* एक दिन में दो बार       ** विभाजित मात्रा में कुल दैनिक खुराक

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?)  सह-औषध के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

  • अपच
  • भूख में कमी
  • मतली और उल्टी
  • दुर्बलता
  • श्वेतकमेह
  • बाल झड़ना

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