स्फटिक भस्म के फायदे नुक्सान एवं साइड इफ़ेक्ट Sphatika Bhasma (Shubhra Bhasma) Uses Benefits & Side Effects in Hindi

By | August 28, 2020

स्फटिक भस्म क्या है? What is Sphatika Bhasma (Shubhra Bhasma) in hindi

स्फटिक भस्म जिसे फिटकरी भस्म या शुभ्रा भस्म भी कहा जाता है एक आयुर्वेदिक औषधि है । इस औषधि को आयुर्वेद चिकित्सकों के द्वारा आंतरिक रोगों एवं बाह्य रोगों में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

  • अन्य नाम: Subhra Bhasma, Sphatika Bhasma
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • मुख्य उपयोग: खून बहने के विकार, श्वसन रोग, और त्वचा रोग
  • मुख्य गुण: संकोचक astringent और खून के बहने को रोकने वाला

इस औषधि का सेवन करने से फेफड़ों से संबंधित रोग जैसे कफ से संबंधित समस्या या सांस लेने में दिक्कत, रक्त प्रदर, सीने में होने वाला दर्द, पुरानी खांसी, ब्रोंकाइटिस, तपेदिक बुखार के कारण होने वाली उल्टी, खून की उल्टी, मासिक धर्म के समय होने वाली समस्याएं एवं विषाक्तता के कारण पेट में दर्द जैसी समस्याओं में बहुत अच्छा आराम मिलता है ।

इसके अतिरिक्त त्वचा रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली, ल्यूकोडरमा एवं सफेद दाग आदि में भी इस औषधि का प्रयोग किया जाता है । फिटकरी भस्म का वर्णन चरक संहिता, रतन समुच्चय एवं रस तरंगिनि में किया गया है ।

स्फटिक भस्म की रसायनिक संरचना

स्फटिक भस्म को फिटकरी से बनाया जाता है । फिटकरी एक रंगहीन क्रिस्टलीय पदार्थ है जिसका रासायनिक नाम पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट होता है तथा इसका रसायनिक सूत्र KAl(SO4)2.12H2O होता है ।

फिटकरी भस्म के घटक द्रव्य Sphatika Bhasma (Shubhra Bhasma) ingredients in hindi

शुद्ध फिटकरी Alum (Sphatika)

स्फटिक भस्म बनाने की विधि

स्फटिक भस्म बनाने के लिए सबसे पहले फिटकरी के टुकड़ों को साफ कर लेते हैं तथा इनके छोटे-छोटे टुकड़े कर लेते हैं । इन टुकड़ों को मिट्टी के बर्तन (मटका) में डालकर इसे कपट मिट्टी कर देते हैं तथा गजपुट करने के पश्चात भस्म तय्यार कर ली जाती है ।

दूसरी विधि: फिटकरी के टुकड़ों को साफ करने के पश्चात गरम तवे पर रखकर फूला लेते हैं तथा इसको पीसकर इसको पीसकर इसकी भस्म बना ली जाती हैं । ज्यादातर आयुर्वेदिक चिकित्सकों के द्वारा दूसरी विधि के द्वारा ही इस भस्म बनाई जाती है ।

स्फटिक भस्म औषधीय गुण

  1. स्तम्मक
  2. कसैला – रक्तस्राव रोकता है
  3. कृमिनाशक
  4. सौम्य ज्वरनाशक
  5. दस्त रोकने वाला
  6. खाजनाशक (बाहरी अनुप्रयोग के रूप में)
  7. कफ-निस्सारक
  8. जीवाणुरोधी

स्फटिक भस्म के चिकित्सीय संकेत Sphatika Bhasma (Shubhra Bhasma) Uses in hindi

स्फटिक भस्म (शुभ्र भस्म) स्वास्थ्य की निम्नलिखित स्थितियों में सहायक है।

आंतरिक (मौखिक) उपयोग

  • काली खांसी
  • निमोनिया के कारण छाती में दर्द
  • ब्रोंकाइटिस (श्वसनीशोध)
  • तपेदिक में उल्टी करना
  • विषाक्तता के कारण पेट में दर्द
  • दस्त
  • गुदा रक्तस्राव
  • रक्त स्राव वाला बवासीर
  • उल्टी में रक्त
  • अत्यार्तव
  • रक्तप्रदर
  • भारी मासिक चक्र
  • आंत्र परजीवी संक्रमण
  • मलेरिया

बाहरी उपयोग

  1. रक्त स्राव
  2. घाव
  3. खुजली
  4. खाज
  5. श्वेत प्रदर
  6. कान का निर्वहन

स्फटिक भस्म के फायदे Sphatika Bhasma (Shubhra Bhasma) Benefits in hindi

स्फटिक भस्म को निम्न रोगों एवं समस्याओं में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

काली खांसी में लाभदायक स्फटिक भस्म

स्फटिक भस्म का सेवन करने से बार-बार बड़ी तेजी से आने वाली खांसी के दौरों में आराम मिलता है । यह भस्म खांसी के दौरों को शांत करती है । इसमें जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं । यदि खांसी के कारण उल्टी की समस्या भी हो तो भी यह ओषधि अच्छा फायदा करती है ।

निमोनिया में लाभदायक स्फटिक भस्म

स्फटिक भस्म निमोनिया में लाभदायक होती है । इस रोग में रोगी के फेफड़ों के आसपास सूजन आ जाती है तथा पसलियां चलने लगती हैं । इस स्थिति में यह भी लाभदायक होती है ।

विषाक्तता के कारण पेट दर्द में लाभदायक

यदि दूषित खान पान या लैड की विषाक्तता के कारण पेट में दर्द या ऐंठन की स्थिति हो तो इस भस्म का सेवन करने से लाभ मिलता है । स्फटिक भस्म पेट में मौजूद विषाक्तता को दूर करती है तथा पेट दर्द में आराम पहुंचाती हैं ।

मात्रा और सेवन विधि

बच्चे 65 से 250 मिलीग्राम
वयस्क 125 से 500 मिलीग्राम
अधिकतमसंभावित खुराक प्रति दिन 1500 मिलीग्राम (विभाजित मात्रा में)

स्फटिक भस्म कैसे लें

खुराक (मुझे कितनी बार लेना चाहिए?) 2 से 3 बार
सही समय (मुझे कब लेना चाहिए?) भोजन के बाद
सहायक शर्करा, शहद या शर्बत बनफ्शा

सावधनियाँ / साइड-इफेक्ट्स / कब प्रयोग न करें Cautions/Side effects/Contraindications in Hindi

  • इस दवा को केवल डॉक्टर की देख-रेख में आंतरिक प्रयोग के लिए इस्तेमाल करें।
  • इसे बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • इसे डॉक्टर द्वारा बताई मात्रा से ज्यादा मात्रा में न लें।
  • इसे गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान न लें।
  • यह लम्बे समय तक नहीं ली जानी चाहिए।
  • इसके प्रयोग से पेट में सूजन, अल्सर या मतली-उलटी हो सकता है।

उपलब्धता

  • इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।
  • बैद्यनाथ Baidyanath Sphatika Bhasma
  • पतंजलि दिव्य Patanjali Divya Pharmacy Sphatik Bhasma R.T. स्फटिक भस्म के 5 ग्राम के पैकेट की क्मिमत 10 रुपए है।
  • Well cure remedies pvt. ltd. Sphatika Bhasma
  • तथा अन्य बहुत सी फर्मसियाँ।

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