शिर शूलादि वज्र रस के फायदे गुण उपयोग एवं नुकसान Shir Shuladi Vajra Ras ke fayde or nuksan

By | July 2, 2020

शिर शूलादि वज्र क्या है? Shir Shuladi Vajra Ras kya hai?

शिर शूलादि वज्र रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पुराने सिर दर्द, माइग्रेन एवं मानसिक तनाव में किया जाता है । इस औषधि में शुद्ध गंधक एवं शुद्ध पारा के अतिरिक्त कुछ अन्य भस्म व जड़ी बूटिया मौजूद होती हैं ।

आज के समय में लोगों का खान-पान एवं रहन सहन बहुत ज्यादा बिगड़ गया है । लोग रात को देर देर तक जागते हैं और सुबह को देर से ही सो कर उठते हैं, खान-पान का ध्यान नहीं रखते हैं, बाजार की वस्तुएं जैसे चाट पकौड़ी बर्गर टिक्की पिज़्ज़ा आदि का ज्यादा सेवन करते हैं ।

जिससे धीरे-धीरे उन्हें कब्ज हो जाती है तथा पाचन तंत्र के रोग भी हो जाते हैं । पेट में बनने वाली गैस सिर में ऊपर चढ़ती है तथा सिर में दर्द पैदा करती है । रात को देर तक जागने से या अन्य मानसिक थकान होने के कारण यदि नींद पूरी ना हो तो भी धीरे धीरे सिर में दर्द होना शुरू हो जाता है ।

यदि खानपान और रहन-सहन का ध्यान न रखा जाए यह दर्द धीरे धीरे बढ़ता चला जाता है एवं मस्तिष्क को कमजोर करता है । सिर में दर्द होने पर व्यक्ति तुरंत पेन किलर का इस्तेमाल करता है जिससे वह पेन किलर का आदी हो जाता है, जो कि इस समस्या का सही समाधान नहीं है ।

यदि खानपान और रहन-सहन का ध्यान रखा जाए, पेट साफ रखा जाए एवं पर्याप्त मात्रा में नींद ली जाए तो सिर दर्द एवं माइग्रेन की समस्या से निजात पाया जा सकता है । लेकिन फिर भी यदि किसी कारण से सिर दर्द व माइग्रेन की समस्या हो ही गई हो तो ऐसी स्थिति में शिर शूलादि वज्र रस सर्वोत्तम औषधि है, जो इस रोग को समूल नाश कर देती हैं ।

शिर शूलादि वज्र के घटक द्रव्य Shir Shuladi Vajra Ras ke ghatak dravy

  • रस Rasa (Shuddha parada) 48 g
  • गंधक Gandhak Shuddha 48 g
  • लौह भस्म Lauha (bhasma) 48 g
  • ताम्र भस्म Ravi (Tamra Bhasma) 48 g
  • गुग्गुलु Guggulu Shuddha (Exd.) 192 g
  • त्रिफला Triphala raja (Churna) 96 g
  • कुष्ट Kushtha (Rt.) 12 g
  • मुलेठी Madhu (Yashti) (Rt.) 12 g
  • पिप्पली Kana (Pippali) (Fr.) 12 g
  • सोंठ Shunthi (Rz.) 12 g
  • गोखरू Gokshura (Fr.) 12 g
  • विडंग Kriminashana (Vidanga) (Fr.) 12 g
  • बेल Bilva (Rt.) 12 g
  • अग्निमंथ Agnimantha (Rt.) 12 g
  • श्योनाक Shyonaka (Rt.) 12 g
  • गंभारी Gambhari (Rt.) 12 g
  • पटल Patala (Rt.) 12 g
  • शालपर्णी Shalaparni (Rt.) 12 g
  • पृश्नीपर्णी Prishniparni (Rt.) 12 g
  • बृहती Brihati (Rt.) 12 g
  • कंटकारी Kantakari (Rt.) 12 g
  • गोखरू Gokshura (Rt.) 12 g
  • दशमूल काढ़ा Dashamula kvatha Q. S. for bhavana
  • गाय का घी Ghrita (Goghrita) Q. S. for bhavana

शिर शूलादि वज्र रस के चिकित्सक के उपयोग Shir Shuladi Vajra Ras ke upyog in hindi

इस औषधि को निम्न रोगों में सफल औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है ।

  1. शरीर में वात, पित्त या कफ के कारण उत्पन्न होने वाले सिर दर्द में
  2. अत्यधिक धूप में काम करने के कारण होने वाले सिर दर्द में
  3. मस्तिष्क की कमजोरी के कारण होने वाले सिर दर्द में
  4. ज्यादा काम करने एवं मानसिक तनाव के कारण होने वाले सिरदर्द में
  5. सर्दी खांसी जुकाम, माथे में कफ जमा होने के कारण होने वाले सिर दर्द में
  6. माइग्रेन आधासीसी के सिरदर्द में
  7. बिना किसी कारण के होने वाले सिर दर्द में

शिर शूलादि वज्र रस के फायदे Shir Shuladi Vajra Ras in hindi

  1. यह पुराने सिरदर्द एवं माइग्रेन को दूर करने की एक सफल ओषधि है ।
  2. वात प्रकोप, कफ प्रकोप एवं पित्त प्रकोप आदि कारणों से उत्पन्न हुए सिर दर्द को यह औषधि दूर करने में सक्षम होती हैं ।
  3. कई बार सिर दर्द सूर्य उदय होते ही शुरू हो जाता है और दोपहर तक बढ़ जाता है तथा कई बार दोपहर में होना शुरू होता है और सूर्यास्त तक होता रहता है, दोनों ही रोगों में यह औषधि लाभ पहुंचाती है ।
  4. यह औषधि मस्तिष्क को बल प्रदान करती है तथा मस्तिष्क में रक्त संचरण को नियमित करती हैं ।

मात्रा एवं सेवन विधि

इस औषधि की एक से दो गोली सुबह एवं शाम को मिश्री मिलाकर बकरी या गाय के दूध के साथ सेवन कर सकते हैं । दूध ना हो तो ताजे पानी के साथ भी सेवन किया जा सकता है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्परिणाम नहीं है । इस औषधि को अधिक मात्रा में सेवन करने पर गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं । इस औषधि को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए ।

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