शतावरी चूर्ण के फायदे, उपयोग एवं दुष्प्रभाव Shatavari Powder Benefits, Uses and Side Effects

By | March 12, 2020

शतावरी चूर्ण क्या है Shatavari Powder in Hindi

नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे शतावरी चूर्ण (Shatavari Powder) के बारे में । शतावरी चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है जो शतावरी नामक जड़ी बूटी से बनाई जाती है । शतावरी चूर्ण का प्रयोग अनेक बीमारियों को दूर करने में किया जाता है ।

शतावरी चूर्ण महिलाओं के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है । महिलाओं की यौन समस्याओं में इस चूर्ण का बहुत अधिक लाभ देखा गया है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह चूर्ण केवल महिलाओं को ही फायदा पहुंचाता है ।



शतावरी चूर्ण के फायदे Shatavari Powder Benefits in Hindi

 

यह चूर्ण पुरुषों की वीर्य संबंधी समस्याओं में भी बहुत अधिक फायदा करता है । आइए इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे शतावरी चूर्ण के फायदे के बारे में ।

 

बांझपन की समस्या में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण महिलाओं की बांझपन की समस्या में बहुत अधिक लाभकारी होता है । यह चूर्ण महिलाओं के गर्भाशय को मजबूती प्रदान करता है, जिससे महिलाओं में बांझपन की समस्या में लाभ मिलता है ।

शतावरी चूर्ण में फाइटो एस्ट्रोजन नामक हारमोंस होते हैं जो महिलाओं के गर्भाशय को मजबूती प्रदान करते हैं ।

 

मासिक धर्म की समस्याओं में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो महिलाओं की मासिक धर्म की समस्याओं जैसे मासिक धर्म के समय दर्द होना तथा मासिक धर्म के पश्चात बहुत ज्यादा गर्मी लगना, पसीना आना एवं मानसिक तनाव होना आदि में लाभकारी होता है ।

 

योनि संक्रमण में लाभकारी शतावरी चूर्ण Shatavari Powder Benefits in Vaginal Infection

 

शतावरी चूर्ण योनि संक्रमण में भी लाभकारी होता है । योनि के संक्रमण का प्रमुख कारण कैंडिडा बैक्टीरिया होता है । शतावरी चूर्ण के नियमित प्रयोग करने से यह बैक्टीरिया नष्ट हो जाता है, जिससे योनि संक्रमण को ठीक करने में मदद मिलती है ।

 

दूध ना आने में लाभकारी शतावर चूर्ण

 

कुछ महिलाओं में मां बनने के पश्चात दूध नहीं आता है । ऐसी महिलाओं को यदि 5 ग्राम शतावरी चूर्ण गाय के दूध के साथ दे तो उनका दूध आने लगता है तथा दूध कम आने की समस्या खत्म हो जाती है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं ।

 

पेशाब में खून आने में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

बहुत अधिक अप्राकृतिक मैथुन जैसे कि गुदामैथुन या हस्तमैथुन करने से अथवा कई बार बिना मिथुन के ही पेशाब में खून आ जाता है । यदि ऐसे पुरुषों को निम्न विधि के अनुसार शतावरी चूर्ण का प्रयोग कराया जाए तो इस समस्या में काफी लाभ मिलता है ।

एक चम्मच शतावरी चूर्ण को एक कप दूध में डालकर उबालें । इसके पश्चात जब दूध थोड़ा ठंडा हो जाए उसमें शक्कर मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम दिन में 3 बार पीने से पेशाब में से पेशाब में खून आने की समस्या में लाभ मिल जाता है ।

 

खांसी में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

जिन्हें बहुत अधिक खांसी की समस्या हो उन्हें शतावरी चूर्ण को मानसा के पत्तों के रस एवं मिश्री के साथ मिलाकर खाने से खांसी में आराम मिल जाता है ।

 

नपुंसकता में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

यदि किसी व्यक्ति को नपुंसकता हो अर्थात लिंग में उत्तेजना एवं तनाव बिल्कुल ही खत्म हो गया हो तो ऐसे में शतावरी चूर्ण को अश्वगंधा चूर्ण, सफेद मूसली चूर्ण, कोच के बीज का चूर्ण संभाग लेकर मिश्रण तैयार कर लें । 

इस मिश्रण को गाय के दूध के साथ एक-एक चम्मच सुबह-शाम लेने से नपुंसकता में आराम मिलता है । साथ ही हमदर्द कंपनी का डायनामोल तिला भी इस्तेमाल किया जा सकता है ।

 

जोड़ों के दर्द में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण का उपयोग जोड़ों के दर्द में भी किया जाता है । इसके लिए शतावरी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण एवं आमलकी का चूर्ण संभाग लेकर मिश्रण तैयार कर लें । इस मिश्रण को सुबह शाम हल्के गुनगुने पानी या गर्म दूध के साथ लेने पर जोड़ों के दर्द में आराम मिल जाता है ।

 

शरीर को बलवान बनाने में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण को शरीर को बलवान एवं हष्ट पुष्ट बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है । इसके लिए शतावरी चूर्ण, मुलेठी चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण तीनों को बराबर बराबर मात्रा में ले ले तथा मिश्रण को तैयार करके सुरक्षित रखें ।

इस मिश्रण में से 5 ग्राम मिश्रण ले ले तथा उसमें थोड़ा सा देसी घी मिलाकर चाट जाएं । ऊपर से एक गिलास दूध पी ले । दूध में चीनी की बजाय मिश्री का प्रयोग करें । इससे शरीर तो बलवान होगा ही, साथ ही वीर्य दोष भी दूर हो जाएगा एवं चेहरे पर एक नई रोनक एवं ताजगी आ जाएगी ।

 

जुखाम में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

जुखाम की समस्या में 10 ग्राम शतावरी चूर्ण में 8 से10 दाने काली या भूरी मिर्च को पीसकर मिलाकर गर्म पानी के साथ चांटने से जुखाम में तुरंत लाभ मिल जाता है ।

 

इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण इम्यूनिटी सिस्टम को भी मजबूत करता है । शतावरी चूर्ण के नियमित प्रयोग से महिलाओं एवं पुरुषों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिस कारण वे स्वस्थ रहते हैं । शतावरी चूर्ण के प्रयोग से शरीर को नई ऊर्जा और जोश की प्राप्ति होती है ।

 

मर्दाना कमजोरी में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण पुरुषों की मर्दाना कमजोरी में भी बहुत अधिक फायदेमंद सिद्ध होता है । जिन पुरुषों को स्वपनदोष या शीघ्रपतन की समस्या हो तथा जिन पुरुषों का वीर्य बहुत अधिक पतला हो गया हो, उन्हें शतावरी चूर्ण का प्रयोग करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है ।

शतावरी चूर्ण का प्रयोग करने से वीर्य गाढ़ा होता है तथा शुक्राणुओं की संख्या और क्वालिटी में भी वृद्धि होती है, जिससे स्वपनदोष एवं शीघ्रपतन जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है । शतावरी चूर्ण का उपयोग पुरुषों की नपुंसकता में भी किया जाता है ।

 

पाचन तंत्र में लाभकारी शतावरी चूर्ण

 

शतावरी चूर्ण में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो हमारी बड़ी आत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होते हैं । शतावरी चूर्ण का सेवन करने से बड़ी आत साफ एवं स्वस्थ रहती हैं जिससे पाचन तंत्र को नई ऊर्जा एवं ताजगी मिलती है ।

 

शतावरी चूर्ण की सेवन विधि

 

शतावरी चूर्ण को एक चम्मच सुबह एवं एक चम्मच शाम को खाना खाने के पश्चात दूध के साथ सेवन किया जा सकता है । दूध के अतिरिक्त शतावरी चूर्ण को शहद या मिलाई के साथ भी लिया जा सकता है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।

 

शतावरी चूर्ण की मात्रा

 

प्रारंभिक अवस्था में शतावरी चूर्ण को एक चौथाई चम्मच लेना सुरक्षित होता है । यदि समस्या ज्यादा हो तो शुरुआत में आधा चम्मच चूर्ण को लिया जा सकता है ।

बाद में मात्रा को बढ़ाकर एक से दो चम्मच तक किया जा सकता है । यह मात्रा एक समय की है । शतावरी चूर्ण लेने से पहले अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।

 

शतावरी चूर्ण के दुष्प्रभाव

 

हालांकि शतावरी चूर्ण एक पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक औषधि है जिसका सामान्य रूप से कोई दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं है । लेकिन यदि आप शतावरी चूर्ण को अनियमित मात्रा में लेंगे तो इससे आपको निम्न दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं ।

भार बढ़ना
पेट खराब होना
दस्त लगना
स्किन एलर्जी होना
उल्टी होना
सिर दर्द या सिर चकराना
थकान होना
दिल घबराना
जोड़ों में दर्द होना

यदि आपको इनमें से कोई भी समस्या हो तो आप तुरंत शतावरी चूर्ण का प्रयोग करना बंद कर दें तथा तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।

 

शतावरी चूर्ण प्रयोग करने में सावधानियां

 

आप बाजार से किसी भी कंपनी का शतावरी चूर्ण जब भी खरीदें तो आप सबसे पहले पैक के ऊपर एक्सपायरी डेट जरूर देखें ।

यदि आप पहले से ही किसी बीमारी से ग्रसित हैं तथा आपका ट्रीटमेंट चल रहा है तो आप शतावरी चूर्ण का प्रयोग ना करें या अपने चिकित्सक से सलाह लेने के पश्चात ही शतावरी चूर्ण का प्रयोग करें ।

शतावरी चूर्ण का प्रयोग करते समय ऊपर बताई गई कोई भी समस्या आपको महसूस हो तो तुरंत इस चूर्ण का सेवन करना बंद करते हैं ।

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