शंख भस्म के फायदे और नुक्सान Shankh Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 21, 2020

शंख भस्म क्या है? Shankh Bhasma kya hai?

शंख भस्म एक आयुर्वेदिक एवं शास्त्रोक्त औषधि है जो शंख से बनाई जाती है । यह औषधि मुख्य रूप से यकृत अर्थात लीवर तिल्ली, अम्लपित्त एवं उदर के रोगों में प्रमुखता से प्रयोग की जाती है । यदि हम इस भस्म की प्रकृति की बात करें तो यह भस्म क्षारीय प्रकृति की होती है । यही कारण है कि यह औषधि अम्ल पित्त नाशक होती है तथा हाइपर एसिडिटी में इस औषधि का बहुत ही अच्छा प्रभाव देखा गया है ।

शंख भस्म पतले दस्त, डायरिया, चेहरे पर कील मुंहासे, फुंसियां, यकृत वृद्धि, प्लीहा वृद्धि, पेट दर्द, अपच, भूख ना लगना जैसी समस्याओं में भी लाभदायक होती है । यह औषधि सुरक्षित एवं प्रभावशाली है जिसका सामान्यतः कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।

शंख भस्म के घटक द्रव्य Shankh Bhasma ke ghatak dravy

  • शुद्ध शंख
  • नींबू का रस

शंख भस्म की रासायनिक संरचना

शंख भस्म में 90% से 95% तक कैल्शियम कार्बोनेट होता है तथा शेष मात्रा में जल एवं कुछ अन्य पदार्थ होते हैं ।

शंख भस्म के चिकित्सकीय लाभ

  • यह अम्ल पित्त नाशक है ।
  • पतले दस्त एवं डायरिया में लाभकारी है ।
  • पाचक, उत्तेजक एवं क्षुधा वर्धक है ।
  • यकृत वृद्धि एवं तिल्ली वृद्धि में लाभकारी है ।
  • उदर रोगों में लाभकारी है ।

शंख भस्म के फायदे Shankh Bhasma ke fayde

यकृत एवं तिल्ली के रोगों में लाभकारी शंख भस्म

शंख भस्म यकृत एवं तिल्ली के रोगों में प्रमुखता से प्रयोग की जाने वाली औषधि है । इस औषधि का सेवन करने से बढ़ा हुआ यकृत एवं तिल्ली मैं आराम मिलता है ।

दस्त एवं अतिसार में लाभकारी शंख भस्म

शंख भस्म बहुत ज्यादा दस्त होना जिसे अतिसार अर्थात डायरिया कहा जाता है मैं बहुत अच्छा फायदा करती है । इस रोग में व्यक्ति को बार-बार पतले दस्त आते हैं, पेट में दर्द होता है एवं टॉयलेट की बहुत तेज आवृत्ति होती है । इस स्थिति में शंख भस्म का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

उदर रोगों में लाभकारी शंख भस्म

दस्त एवं अतिसार के अलावा शंख भस्म अन्य उदर रोगों जैसे पेट में बहुत ज्यादा गैस बनना, अफारा हो जाना, पेट में दर्द होना जैसी स्थिति में भी लाभकारी होती है । इस समस्या में व्यक्ति को खट्टी डकार आती हैं, भोजन हजम नहीं होता है तथा पेट में गैस बनती है एवं दर्द रहता है । इस स्थिति में शंख भस्म को देने से अफारा तुरंत दूर हो जाता है एवं व्यक्ति को बहुत ज्यादा राहत मिलती है ।

शंख भस्म का सेवन करने से यकृत से पाचक रसों का स्राव सही मात्रा में होता है जिससे अपच दूर होती है एवं अपच के कारण होने वाला पेट दर्द तो दूर होता ही है साथ ही इस औषधि का सेवन करने से आम विश भी नष्ट हो जाता है ।

अम्ल पित्त नाशक शंख भस्म

शंख भस्म अम्लपित्त अर्थात एसिडिटी के लिए बहुत ही अच्छी औषधि है । शंख भस्म प्रकृति में क्षारिय होती है । यही कारण है कि यह अम्लपित्त को तुरंत नष्ट कर देती है जिससे एसिडिटी के कारण छाती में होने वाली जलन में बहुत जल्दी लाभ मिल जाता है ।

जिन लोगों को एसिडिटी के कारण अक्सर मुंह में छाले हो जाते हो उन्हें भोजन के 3 घंटे पश्चात शंख भस्म, शुक्ति भस्म शुक्ति भस्म एवं अमृता सत्व का सेवन अनार के शरबत के साथ करने से लाभ मिल जाता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

औषधीय मात्रा (Dosage)

शिशु 10 से 30 मिलीग्राम
बच्चे (5 वर्ष की आयु से ऊपर) 60 मिलीग्राम
वयस्क 125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम
अधिकतम संभावित खुराक 1000 मिलीग्राम (विभाजित मात्रा में)

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) शहद के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

  • इस दवा को शहद के साथ मिलकर लेना चाहिए अन्यथा जीब पर दरारे पड़ सकते हैं ।
  • इस दवा के सेवन के सेवन से कब्ज की समस्या भी पैदा हो जाती है ।
  • गर्भावस्था के दौरान जब गर्भवती महिला को कब्ज हो तो शंख भस्म का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए शंख भस्म संभवतः सुरक्षित है ।

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