सप्तामृत लौह के फायदे नुकसान उपयोग विधि एवं मूल्य

By | March 17, 2020
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे सप्तामृत लौह के बारे में जो कि Baidyanath, Dabur, Zandu एवं Divya Patanjali कंपनियों के द्वारा बनायीं जाती है । सप्तामृत लोह एक आयुर्वेदिक औषधि है जो आंखों, कान, नाक, गला एवं दिमाग की ताकत के लिए प्रयोग की जाती है । इसके अतिरिक्त सप्तामृत लोह का उपयोग एसिडिटी, अल्सर, पेट गैस एवं मूत्र संबंधी रोगों में भी किया जाता है ।
 

सप्तामृत लौह क्या है Wha is Saptamrit Lauh in hindi


सप्तामृत लौह एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसे हम लोह कल्प भी कह सकते हैं । इस औषधि का प्रमुख घटक लोहा अर्थात आयरन होता है । इस औषधि में आमला, हरीतकी, बहेड़ा, मुलेठी तथा लोह भस्म का प्रयोग किया जाता है । यह दवा मुख्य रूप से आंखों की बीमारियों में प्रयोग की जाती है । यदि किसी व्यक्ति को नेत्र रोग हो तो ऐसे व्यक्ति को पतंजलि का दृष्टि आई ड्रॉप के साथ-साथ सप्तामृत लोह नियमित रूप से 3 से 4 महीने तक सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है ।
 

सप्तामृत लोगों के घटक द्रव्य

Saptamrit Lauh Ingredients


सप्तामृत लौह में निम्न औषधियां प्रयोग की जाती हैं ।
 
    • मुलेठी
    • हरड़
    • बहेड़ा
    • आंवला
    • लोह असम
 
 

घर पर ही बनाएं सप्तामृत लोह Prepare Saptamrit Lauh at home

 
जी हां दोस्तों, सप्तामृत लोह को आप घर पर भी बड़ी आसानी से बना सकते हैं । इसको बनाने की विधि इस प्रकार है ।
 
    • आमला 10 ग्राम
    • हरड़ 10 ग्राम
    • बहेड़ा 10 ग्राम
    • मुलेठी 10 ग्राम
    • लौह भस्म 10 ग्राम
 
सबसे पहले भस्मो को छोड़कर शेष सभी जड़ी बूटियों को धूप में अच्छी तरह सुखा कर साफ कर ले तथा उन्हें अच्छी तरह कूट पीसकर कपड़े से छान लें । इसके पश्चात इस मिश्रण में लोह भस्म को मिला कर मिश्रण को खूब अच्छी तरह मिक्स कर लें । सप्तामृत लौह बनकर तैयार है ।
 

सप्तामृत लौह के लाभ

Saptamrit Lauh benefits in hindi

 
सप्तामृत लोह का सबसे ज्यादा प्रयोग आंखों की कमजोरी को दूर करने में किया जाता है । इसका सेवन करने से आंखों का लाल होना, आंख में खुजली होना, आंख से पानी आना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, रात को दिखाई ना देना, रतौंधी, आंखों में दर्द होना आदि समस्याओं में लाभ मिलता है ।

यह ओषधि आंखों के अतिरिक्त नाक, गला तथा मस्तिष्क रोग में भी फायदा करती है । लोह भसम होने के कारण यह ओषधि रक्ताल्पता अर्थात एनीमिया की समस्या में भी फायदा करती हैं । हरड़,बहेड़ा एवं अमला अर्थात त्रिफला युक्त होने के कारण यह दवा पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालती है तथा इसके प्रयोग से कब्ज भी नहीं होती है ।

इस दवाई का नियमित सेवन करने से यदि किसी को चश्मा लगा हुआ हो तो वह भी हट जाता है । इस औषधि को हम आयुर्वेदिक टॉनिक कह सकते हैं क्योंकि यह दवा दिमाग एवं नेत्र संबंधी विकारों के लिए बहुत ही उत्तम रसायन है ।
 

सप्तामृत लोह के चिकित्सीय उपयोग

Saptamrit Lauh benefits in hindi

    • इस औषधि को महात्रिफला घृत के साथ सेवन करने से नेत्रों की ज्योति बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तथा बहुत जल्दी ही चश्मा भी हट जाता है ।
    • इस औषधि के सेवन से असमय होने वाले सफेद बालों में भी रोकथाम हो जाती है तथा बाल असमय सफेद नहीं होते हैं ।
    • इसके सेवन से वीर्य वृद्धि होती हैं तथा चेहरे पर एक नई रोनक आ जाती है ।
 

सप्तामृत लोह की सेवन विधि एवं मात्रा

Saptamrit Lauh dosage

 
सप्तामृत लोह की एक से दो गोली दिन में दो बार सादे पानी या दूध के साथ ले सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।

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