रोहितकारिष्ट के फायदे और नुक्सान Rohitakarishta ke fayde or nuksaan

By | May 18, 2020

रोहितकारिष्ट क्या है? rohitakarishta kya hai?

रोहितकारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका निर्माण आयुर्वेद में अरिष्ट विधि से किया जाता है । यह औषधि पूर्णतः प्राकृतिक एवं हर्बल है तथा सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है । यह औषधि अनेक रोगों में कार्य करती है तथा मुख्य रूप से यह दवा जिगर एवं तील्ली के रोगों में प्रयोग की जाती है । इसके अतिरिक्त यह दवा रक्तशोधक भी है तथा इस औषधि का हृदय पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है ।

इस औषधि का प्रमुख घटक द्रव्य रोहिड़ा वृक्ष की छाल होती है । रोहिडा को संस्कृत में रोहितक कहा जाता है, इसीलिए औषधि का नाम रोहित का रिश्ता रखा गया है ।यह औषधि जिगर एवं तिल्ली की बीमारियों के लिए एक सर्वश्रेष्ठ औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है ।

यह हमारे शरीर में से बैक्टीरिया, विषाणु एवं परजीवी संक्रमण के कारण उत्पन्न हुए विषाक्त पदार्थों को दूर कर रक्त को साफ करती है । यह रक्त में सफेद रक्त कोशिकाओं अर्थात लिंफोसाइट्स का निर्माण कर इनकी मात्रा को बढ़ाती है । यह प्लीहा में आई हुई सूजन को भी कम करती है ।

रोहितकारिष्ट के घटक द्रव्य Rohitakarishta ke ghatak dravy

  • Rohitaka रोहीतक Tecomella undulata St. Bk 4.8 kg
  • Jala पानी for decoction Water 49.152 l reduced to 12.288 l
  • Guda गुड़ Jaggery 9.6 kg

रोहितकारिष्ट के प्रक्षेप द्रव्य

  • Dhataki धातकी Woodfordia fruticosa Fl. 768 g
  • Pippali पिप्पली Piper longum Fr. 48 g
  • Pippalimula पिप्पलामूल Piper longum St. 48 g
  • Cavya चव्य Piper retrofractum St. 48 g
  • Citraka चित्रक Plumbago zeylanica Rt. 48 g
  • Shunthi सोंठ Zingiber officinale Rz. 48 g
  • Tvak दालचीनी Cinnamomum zeylanicum St. Bk. 48 g
  • Ela (Sukshmaila) इलाइची Elettaria cardamomum Sd. 48 g
  • Patra (Tejapatra) तेजपत्र Cinnamomum tamala Lf. 48 g
  • Haritaki हरीतकी Terminalia chebula P. 48 g
  • Bibhitaka बहेड़ा Terminalia belerica P. 48 g
  • Amalaki आवंला Emblica officinalis P. 48 g

Lf. =Leaf; P. =Pericarp; Rt. =Root; Fr. =Fruit; Rz. =Rhizome; St. =Stem; Sd. =Seed; Fl. =Flower; Fl. Bd. =Flower Bud; St. Bk. = Stem Bark; Rt. =Root;

रोहितकारिष्ट के चिकित्सकीय उपयोग

  •   यकृत एवं तिल्ली वृद्धि
  •   हेपेटाइटिस
  •   पीलिया
  •   कोलाइटिस
  •   रक्त एवं त्वचा के रोग
  •   बवासीर
  •   हृदय के रोग

रोहितकारिष्ट के फायदे Rohitakarishta ke fayde

  • यह औषधि लीवर अर्थात यकृत को सुरक्षा प्रदान करती है तथा लिवर से जुड़ी हुई बीमारियों को दूर करती है ।
  • यह दवा तिल्ली के रोगों में बहुत अधिक लाभदायक है ।
  • यह एक रक्तशोधक दवा है तथा इस दवा के सेवन से त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाते हैं ।
  • त्वचा रोगों में इस औषधि को सहायक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है ।
  • यह बड़े हुए यकृत एवं तिल्ली को कम कर देती है ।
  • यह पाचक, उद्दीपक एवं क्षुधा वर्धक है अर्थात भूख बढ़ाने वाली औषधि है ।
  • यह प्लीहा अर्थात स्प्लीन को सुरक्षा प्रदान करती है ।
  • यह जीवाणुओं, विषाणु एवं परजीवी संक्रमण के कारण रक्त में आई विषाक्तता को दूर करती है ।

रोहितकारिष्ट के दोषकर्म

यह औषधि कफ दोष एवं पित्त दोष को शांत करती है । अतः जिन लोगों को कफ एवं पित्त की समस्याएं हो उन्हें यह औषधि सकारात्मक लाभ पहुंचाती है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 5 से 10 मिलीलीटर
वयस्क 12 से 24 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां Saavdhaniyan

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, लेकिन हम आपको सलाह देते हैं कि आप इस औषधि को अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करें । इस दवा में चित्रक जड़ी बूटी का प्रयोग किया गया है तथा यह जड़ी बूटी गर्भाशय में रक्त स्राव को प्रोत्साहित करती है । इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस औषधि का सेवन करने से नुकसान हो सकता है । स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस औषधि का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए ।

कहाँ से खरीदें

आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

This medicine is manufactured by Dabur, Shree Baidyanath Ayurved Bhawan, Sandu, Kottakkal Rohitakarishtam, Arya Vaidya Sala Rohitakarishtam, and some other pharmacies.

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