रजः प्रवर्तनी वटी के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Rajahpravartani Vati ke fayde or nuksan

By | June 20, 2020

रजः प्रवर्तनी वटी क्या है? Rajahpravartani Vati kya hai?

रजः प्रवर्तनी वटी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधित रोगों में सफलतापूर्वक प्रयोग की जाती है ।

इस औषधि का सेवन करने से मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं जैसे मासिक धर्म का बिल्कुल ना होना, रजोरोध, मासिक धर्म का बहुत कम होना, मासिक धर्म के दौरान दर्द होना, महिलाओं की कमर में दर्द रहना, मासिक धर्म के कारण अन्य लक्षण जैसे भूक की कमी, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आदि समस्याएं दूर होती हैं ।

रजः प्रवर्तनी वटी का वर्णन भैषज्य रत्नावली के स्त्री रोग अधिकार में किया गया है । इस औषधि में मुसब्बर (एलवा), शुद्ध कासीस एवं घृतकुमारी जैसी जड़ी बूटियां मौजूद होती है ।

रजः प्रवर्तनी वटी इन हिंदी Rajahpravartani Vati in hindi

यदि हम घृतकुमारी जिसे एलोवेरा भी कहा जाता है, कि बात करें तो हम आपको बता दें कि घृतकुमारी में सूजन एवं दर्द को दूर करने के गुण मौजूद होते हैं ।

इसके अलावा यह हमारे शरीर से कोलेस्ट्रॉल एवं लिपिड के स्तर को भी कम करती है । एलोवेरा में एंटी प्रोस्टाग्लैंडइन भी होता है जो दर्द और सूजन को दूर करने में मदद करता है ।

इसके अलावा शुद्ध कासिस कि यदि हम बात करें तो यह औषधि गर्भाशय से खून के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है । इस प्रकार यह औषधि गर्भाशय से जुड़ी हुई समस्याओं में बहुत ही अच्छा फायदा दिखाती है ।

रजः प्रवर्तनी वटी के घटक द्रव्य Rajahpravartani Vati ke ghatak dravy

  • मुसब्बर
  • शुद्ध हींग
  • शुद्ध टंकण
  • शुद्ध कसीस
  • घृत कुमारी का रस Q.S.

रजः प्रवर्तनी वटी के फायदे Rajahpravartani Vati ke fayde in hindi

रजः प्रवर्तनी वटी महिलाओं की निम्न समस्याओं में प्रयोग किया जाता है ।

अनियमित मासिक धर्म में लाभकारी रजः प्रवर्तनी वटी
रजः प्रवर्तनी वटी का सबसे प्रमुख फायदा महिलाओं की मासिक धर्म में अनियमितता को दूर करना होता है । जिन महिलाओं को मासिक धर्म कई कई महीनों तक नहीं आता है या मासिक धर्म बहुत कम आता है, मासिक धर्म कई कई दिनों तक चलता है, ऐसी स्थिति में रजः प्रवर्तनी वटी बहुत अच्छा लाभ पहुंचाती है ।

मासिक धर्म की अनियमितता गर्भाशय के संक्रमित होने के कारण हो जाती है । कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के गर्भाशय और डिम्बाशय में कठोरता आ जाती है, जिससे उन्हें मासिक धर्म के समय रक्त स्राव बहुत कम होता है । इन सभी स्थितियों में गधे प्रवर्तनी वटी लाभदायक होती है ।

मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द में लाभकारी रजः प्रवर्तनी वटी

कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के समय बहुत अधिक कष्ट होता है तथा जब भी ऐसी महिलाओं का मासिक धर्म के समय नजदीक आता है तो ऐसी महिलाए पहले से ही डरने लगती हैं ।

मासिक धर्म के समय महिलाओं के पेट में, कमर में एवं कंधे में बहुत अधिक दर्द होता है तथा महिलाएं पूरा पूरा दिन बिस्तर पर ही लेटे रहती हैं ।

उनसे ना तो कुछ काम होता है और ना ही उनका कुछ खाने पीने को मन करता है । ऐसी स्थिति में रजः प्रवर्तनी वटी को सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

सहायक औषधियों के रूप में हेमपुष्पा, कुमारी आसव या अशोकारिष्ट जैसे टॉनिक का इस्तेमाल करने से ज्यादा फायदा मिलता है ।

आंखों की समस्या में लाभकारी रजः प्रवर्तनी वटी

गर्भाशय की समस्या के कारण कभी-कभी महिलाओं को नेत्र विकार भी हो जाते हैं । जिससे उनकी आंखों में दर्द रहना या जलन होना जैसी समस्या पैदा हो जाती हैं । ऐसी स्थिति में भी रजः प्रवर्तनी वटी बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

एक से दो गोली (250 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम) दिन में दो बार सुबह एवं शाम को सेवन कर सकते हैं । इस औषधि को गरम पानी या कुमारी आसव के साथ लिया जा सकता है । इस औषधि को मासिक धर्म शुरू होने से 1 सप्ताह पहले ही सेवन करना शुरू कर देना चाहिए । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।

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