आपके हृदय के लिए अमृत है रूइबोस टी – जानिय रूइबोस टी के फायदे और नुकसान

आपने आज तक ग्रीन टी, ब्लैक टी तथा हर्बल टी का नाम सुना होगा, लेकिन क्या आपने रूइबोस टी का नाम भी सुना है । तो इसका जवाब होगा शायद नहीं । अधिकांश लोग रूइबोस टी के बारे में नहीं जानते हैं । आज इस लेख में हम आपको रूइबोस टी के बारे में विस्तार से बताएंगे ।

रूइबोस टी क्या है What is Rooibos Tea in Hindi

रूइबोस टी एक लाल रंग की चाय है जिसे Aspalathus linearis नामक झाड़ी की पतियों से किण्वन विधि के द्वारा बनाया जाता है । यह चाय दक्षिण अफ्रीका में सदियों से प्रयोग की जाती रही है ।

स्वादिष्ट होने के साथ-साथ रूइबोस टी काफी हद तक हमारे स्वास्थ्य के प्रति लाभदायक होती है । यही कारण है कि यह चाय बहुत तेजी से पॉपुलर हो रही है ।

साउथ अफ्रीका में इस चाय को पसंदीदा पेय पदार्थ के रूप में प्रयोग किया जाता है । रूइबोस टी में कैफीन तथा ओक्सालिक एसिड नहीं होता है तथा ब्लैक टी तथा ग्रीन टी की तुलना में इसमें टेनिन की मात्रा बहुत कम होती है, जिस कारण यह हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं होती है ।

रूइबोस टी एक प्रकार की हर्बल टी है जिसका ग्रीन टी या ब्लैक टी से कोई संबंध नहीं है । रूइबोस टी को रेड़ बुश टी (Red Bush Tea) के नाम से भी जाना जाता है ।

बाजार में रूइबोस टी के अलावा ग्रीन रूरूइबोस टी भी उपलब्ध है, लेकिन ग्रीन रूइबोस टी रेड रूइबोस टी की तुलना में ज्यादा महंगी होती है । उसका कारण यह है कि इसे किण्वन विधि से नहीं बनाया जाता, जिस कारण इसमें एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा रेड रूइबोस टी की तुलना में ज्यादा होती है । यह रेड रूइबोस टी से महंगी है तथा ज्यादा स्वादिष्ट भी है । रूइबोस टी को ब्लैक चाय या ग्रीन टी की तरह टी पी सकते हैं ।

रूइबोस टी में मौजूद पोषक तत्व

रूइबोस टी में प्रति 100 ग्राम में निम्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं

  • एनर्जीः 1 केसीएएल
  • कार्बोहाइड्रेटः 0.20 ग्राम
  • प्रोटीन :0 ग्राम
  • कुल वसाः 0 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉलः 0 मिलीग्राम
  • डाइट्री फाइबरः 0 ग्राम
  • पोटैशियम: 9 मिलीग्राम
  • कैल्शियम: 2 मिलीग्राम
  • कैफीन: 0

रूइबोस टी के फायदे एवं उपयोग

रूइबोस टी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक है । नीचे हमने रूइबोस टी के स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से बताया है ।

कैफ़ीन तथा ओक्सालिक एसिड मुक्त एवं टैनिन की मात्रा बहुत कम

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जो ग्रीन टी या ब्लैक कि आप पीते हैं उसमें कैफीन तथा ओक्सालिक एसिड मौजूद होते हैं । कैफीन की थोड़ी मात्रा हमारे स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती है तथा यह हमारे लिए स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भी है । जो लोग एक्सरसाइज करते हैं तथा ध्यान को एकाग्र करने के लिए योगा इत्यादि करते हैं उन्हें ग्रीन टी या ब्लैक टी में मौजूद कैफीन फायदा पहुंचाती है क्योंकि यह मस्तिष्क को उत्तेजित करती हैं तथा रिलैक्स करने में मदद करते हैं ।

लेकिन कैफीन की अधिक मात्रा हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है जिस कारण यह दिल की धड़कन बढ़ा सकती है, चिंता एवं अवसाद में वृद्धि हो सकती हैं, नींद की समस्या हो सकती हैं तथा सिर दर्द माइग्रेन की समस्या भी हो सकती है ।

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यही कारण है कि चिकित्सक कैफीन का सेवन करने के लिए मना करते हैं । कैफीन मुक्त चाय के रूप में रेड रूइबोस टी बाजार में मौजूद है जिसे आप ब्लैक टी या ग्रीन टी का बहुत ही बेहतरीन विकल्प मान सकते हैं ।

रूइबोस टी में ब्लैक टी तथा ग्रीन टी की तुलना में टैनिन भी बहुत कम होता है । टैनिन एक ऐसा योगिक है जो भोजन के द्वारा अवशोषित पोषक तत्वों में से लोहे के अवशोषण में बाधा उत्पन्न करता है । रूइबोस टी में हरी तथा काली चाय की तुलना में ओक्सालिक एसिड भी नहीं होता है ।

ओक्सालिक एसिड की अधिक मात्रा का सेवन करने पर गुर्दे की पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है । जिन लोगों को पहले से ही किडनी की समस्या है एक किडनी में पथरी है उन्हें रूइबोस टी का सेवन करना चाहिए ना कि किसी अन्य टी का ।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

रूईबोस टी में हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट की पर्याप्त मात्रा होती है तथा इसमें एस प्राचीन तथा की बैटिंग नामक दो एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं । एंटीऑक्सीडेंट हमारी कोशिकाओं को मुक्त करके फ्री रेडिकल्स के द्वारा नुकसान पहुंचाने से मदद करते हैं ।

विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधान से यह बात सामने आई है कि लंबे समय तक एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हृदय रोग तथा कैंसर जैसी बीमारियों में काफी सकारात्मक लाभ देखने को मिले हैं ।

अमेरिका में 15 लोगों पर एक अध्ययन किया गया तथा उन्हें रेड रूईबोस टी पिलाई गई । बाद में पता चला कि जिन लोगों ने रेड रूईबोस टी पी थी उनके एंटीऑक्सीडेंट का स्तर 2.9% तक बढ़ गया । कुछ लोगों को ग्रीन रूईबोस टी भी पिलाई गई । उनके एंटीऑक्सीडेंट के स्तर में 6% तक की वृद्धि पाई गई ।

तो यह बात स्पष्ट है की रेड टी की तुलना में ग्रीन रूईबोस टी में एंटी ऑक्सीडेंट ज्यादा मात्रा में होते हैं ।

हृदय रोगों में फायदेमंद

रेड रूईबोस टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारे हृदय के लिए बहुत अधिक लाभदायक होते हैं । रेड रूईबोस टी का सेवन करने से रक्त में मौजूद एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है तथा रक्त में एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती हैं ।

बेड कोलेस्ट्रोल विभिन्न रोगों के लिए जिम्मेदार होता है जबकि गुड कोलेस्ट्रॉल हृदय को सहायता प्रदान करने के लिए कुछ प्रोटीन को संश्लेषित करता है जो हृदय को स्ट्रोक्स तथा अटैक से बचाने में मददगार होते हैं ।

हाल ही में अमेरिका में 40 वजनी एवं मोटे लोगों पर एक रिसर्च की गई, जिन्हें हार्ट की प्रॉब्लम थी । इन्हें रूईबोस टी के 6 कप प्रतिदिन 6 सप्ताह तक पिलाई गए । बाद में पता चला की इनके रक्त में से एलडीएल की मात्रा कम हुई है तथा एचडीएल की मात्रा में वृद्धि हुई है ।

कुल मिलाकर माना गया कि रेड रूईबोस टी हृदय संबंधी समस्याओं के लिए बेहतरीन पेय पदार्थ है ।

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कैंसर में लाभदायक

रेड रूईबोस टी में कौन सी टीम तथा लिटिल ऑल इन नामक दो एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में मददगार होते हैं तथा किसी भी प्रकार के ट्यूमर को बनने से रोकते हैं ।

हालांकि क्वारसी टीम तथा लूटेओलिन नामक दोनों एंटीऑक्सीडेंट सब्जियों तथा फलों में पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं, इसलिए आप रोटी के साथ साथ अधिक से अधिक फलों तथा सब्जियों कभी सेवन करें ।

अन्य फायदे जिन पर अभी रिसर्च जारी है

रूईबोस टी के कुछ अन्य फायदे भी हो सकते हैं । अभी इन पर रिसर्च जारी है तथा इनके बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी ।

  • रूईबोस टी टाइप टू डायबिटीज वाले रोगियों को फायदा पहुंचा सकती हैं । चूहों पर किए गए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि रूईबोस टी रक्त में मौजूद शर्करा के स्तर को संतुलित करती है । लेकिन मनुष्य के बारे में अभी रिसर्च पूरी नहीं हुई है ।
  • रूईबोस टी हड्डियों से जुड़ी हुई समस्याओं में फायदेमंद हो सकती हैं ।
  • पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद हो सकती है ।
  • इसके अलावा नींद ना आना, सिर दर्द तथा अन्य मानसिक रोगो में भी फायदेमंद हो सकती है ।

रूईबोस टी के दुष्प्रभाव Side Effects of Rooibos Tea in Hindi

सामान्यत यह चाय बिल्कुल सुरक्षित मानी जाती है । यदि आप इसे दिन में एक या दो बार लेंगे तो इसका कोई नुकसान नहीं होता है लेकिन अधिक मात्रा में लेने पर इसके कुछ साइड इफेक्ट हो सकते हैं ।

हाल ही में ज्यादा मात्रा में रूईबोस टी पीने वाले लोगों पर एक अध्ययन किया गया जिसमें पाया गया कि इस चाय को ज्यादा मात्रा में पीने से लिवर एंजाइम में वृद्धि हो सकती है, जिस कारण लिवर से जुड़ी हुई बीमारियां हो सकती हैं ।

कुछ अन्य मामलों में इस चाय का सेवन करने से महिला सेक्स हार्मोन (एस्ट्रोजन) का निर्माण भी होने लगता है जो पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है ।

निष्कर्ष Conclusion

रूईबोस टी एक बेहतरीन स्वास्थ्य वर्धक चाय हैं जिसमें कैफ़ीन तथा ऑक्जेलिक एसिड बिल्कुल भी नहीं होता है तथा टैनिन की मात्रा बहुत कम होती है । यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जिस कारण यह फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से हमें बचाती है । यह बढ़ती उम्र में आने वाली समस्याओं जैसे त्वचा पर झुर्रियां पड़ जाना, बालों का जल्दी सफेद होना मैं भी लाभ पहुंचाती है ।

यह चाय ह्रदय के लिए बेहतरीन पेय पदार्थ है । यह कैंसर को बढ़ने से रोकती है । यह बैड कोलेस्ट्रॉल को खत्म करती है तथा अच्छा कोलेस्ट्रोल बढ़ाती है । कुल मिलाकर यह हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बेहतरीन पेय पदार्थ हैं ।

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