पुष्पधन्वा रस के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Pushpadhanwa Ras ke fayde or nuksan

By | June 20, 2020

पुष्पधन्वा रस क्या है? Pushpadhanwa Ras kya hai?

पुष्पधन्वा रस मात्र कोई साधारण औषधि ही नहीं है बल्कि यह एक रसायन है जो स्त्रियों एवं पुरुषों दोनों के लिए ही किसी वरदान से कम नहीं है । विवाह के पश्चात पति और पत्नी के बीच जो दांपत्य संबंध होता है उसमें पति के द्वारा अपनी पत्नी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से संतुष्ट करना परम आवश्यक होता है ।

यदि पुरुष में किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी जैसे शीघ्रपतन, नपुंसकता, वीर्य का पतलापन या मानसिक कुंठा हो तो ऐसी स्थिति में ऐसे महिला एवं पुरुष का दांपत्य जीवन धीरे धीरे फीका होने लगता है और कुछ समय पश्चात दांपत्य जीवन में कड़वाहट भी आने लगती है ।

विवाह के पश्चात प्रत्येक महिला चाहती है कि उसके पति द्वारा उसे पूर्ण रूप से संतुष्ट किया जाए एवं अपने आलिंगन में लेकर प्रेमालाप किया जाए ।

पुष्पधन्वा रस इन हिंदी Pushpadhanwa Ras in hindi

पुष्पधन्वा रस एक ऐसा आयुर्वेदिक रसायन है जो महिला एवं पुरुष दोनों के द्वारा ही प्रयोग किया जा सकता है । यह रसायन पुरुषों की खोई हुई शक्ति को वापस लौटाने की शक्ति रखता है । इसका सेवन करने से पुरुष के वीर्य का पतलापन दूर होता है एवं वीर्य गाढ़ा हो जाता है ।

यदि शीघ्रपतन की समस्या हो तो शीघ्रपतन की समस्या में अत्यधिक लाभ मिलता है और यदि नपुंसकता हो तो वह भी बिल्कुल दूर हो जाती है । कुल मिलाकर यह औषधि पुरुष को नामर्द से मर्द बनाने के लिए सुप्रसिद्ध औषधि है ।

यदि महिलाओं की समस्याओं की बात करें तो महिलाओं में सेक्स के दौरान रुचि ना लेना अर्थात काम शीतलता, गर्भाशय की कमजोरी के कारण होने वाला बांझपन व अन्य सेक्स प्रॉब्लम्स में पुष्पधन्वा रस को देने से लाभ मिलता है । तो आइए जानते हैं पुष्पधन्वा रस का सेवन करने से क्या-क्या लाभ होते हैं ।

पुष्पधन्वा रस के घटक द्रव्य Pushpadhanwa Ras ke ghatak dravy

  1. रस सिन्दूर
  2. नाग भस्म
  3. लोह भस्म
  4. अभ्रक भस्म
  5. वंग भस्म
  6. धतूरा
  7. भांग
  8. मुलहठी
  9. सेमल की छाल
  10. नागर बेल

पुष्पधन्वा रस बनाने की विधि Pushpadhanwa Ras kaise banaye

पुष्पधन्वा रस बनाने की विधि इस प्रकार है । सबसे पहले क्रम संख्या 1 से लेकर 5 तक के सभी द्रव्यों को अच्छी तरह मिला लीजिए । इसके पश्चात क्रम संख्या 6 से लेकर 10 तक के सभी द्रव्यों की 1-1 भावना देते रहे एवं घुटाई करते रहे । अंत में एक एक रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें एवं शीशी में भरकर रख लें । इसे ही पुष्पधन्वा रस कहते हैं ।

पुष्पधन्वा रस के चिकित्सक के उपयोग Pushpadhanwa Ras ke upyod in hindi

पुष्पधन्वा रस को निम्न रोगों के उपचार में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

  1. वीर्य के पतलेपन को दूर करने में लाभदायक
  2. शीघ्रपतन नाशक
  3. नपुंसकता नाशक
  4. शुक्राणु वर्धक
  5. मूत्र संक्रमण में लाभकारी
  6. महिलाओं के गर्भाशय में आई कमजोरी को दूर करने में लाभदायक
  7. बांझपन नाशक
  8. हड्डियों की कमजोरी में लाभदायक
  9. प्रमेह नाशक
  10. मधुमेह नाशक
  11. शुक्रमेह नाशक

पुष्पधन्वा रस के फायदे Pushpadhanwa Ras ke fayde in hindi

पुष्पधन्वा रस को हम आयुर्वेद का वरदान कह सकते हैं, क्योंकि यह ओषधि पुरुषों एवं महिलाओं की निम्न समस्याओं में अतिउत्तम लाभ पहुंचाती है ।

वीर्य के पतलेपन को दूर करने में लाभदायक पुष्पधन्वा रस

यदि अत्यधिक हस्तमैथुन, अप्राकृतिक मैथुन, गुदामैथुन या योनि मैथुन के कारण या अनियमित खानपान एवं रहन-सहन के कारण वीर्य बहुत अधिक पतला हो गया हो तो ऐसी स्थिति में पुष्पधन्वा रस का सेवन कराने से लाभ मिलता है ।

सहायक औषधियों के रूप में अलवर वीर्य पोस्टिक चूर्ण, शतावरी चूर्ण एवं मूसली पाक चूर्ण का सेवन कराने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है ।

शीघ्रपतन नाशक पुष्पधन्वा रस

यदि अप्राकृतिक मैथुन या स्त्री मैथुन के कारण वीर्य वाहिनी नाड़ियों में वीर्य को धारण करने की शक्ति बहुत कम हो गई हो तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति शीघ्रपतन से ग्रस्त हो जाता है । ऐसे व्यक्ति के मन में जैसे ही थोड़ा सा भी कामुक विचार आता है या व्यक्ति स्त्री के बारे में विचार करता है या स्त्रियों के आभूषणों जैसे कि हाथों की चूड़ियां या पायजेब आदि की आवाज सुनता है तो व्यक्ति का तुरंत ही वीर्यपात हो जाता है ।

रोग पुराना हो जाने पर लिंग में तनाव भी नहीं आता है एवं वीर्यपात हो जाता है । ऐसे व्यक्ति स्त्री संभोग करने के लायक नहीं होते हैं, क्योंकि जैसे ही व्यक्ति स्त्री की योनि में लिंग प्रवेश कराता है तुरंत ही वीर्यपात हो जाता है एवं महिला अतृप्त रह जाती है, जिसका नकारात्मक प्रभाव महिला के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है । ऐसी स्थिति में शीघ्रपतन के रोगी को पुष्पधन्वा रस का सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

इस रोग में सहायक औषधि के रूप में मन्मथ रस, वसंत कुसुमाकर रस एवं हिमालय कॉन्फीडो टेबलेट का सेवन कराने से लाभ बहुत जल्दी मिलता है । यदि हस्तमैथुन के कारण लिंग की नसें दिखाई देती हो या लिंग टेढ़ा हो गया हो तो हमदर्द कंपनी का तीला डायनामोल की लिंग के आगे के भाग को छोड़कर मालिश करने से लिंग सीधा एवं सख्त हो जाता है एवं लिंग का ढीलापन दूर होकर लिंग बिल्कुल कठोर हो जाता है ।

नपुंसकता नाशक पुष्पधन्वा रस

यदि बचपन की गलतियों के कारण या जन्मजात कारणों से व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो गया हो, जिसके कारण व्यक्ति का लिंग में लिंग में बिल्कुल भी तनाव ना आता हो तथा लिंग बिल्कुल भी उत्तेजित ना होता हो अर्थात खड़ा ना होता हो तो ऐसी स्थिति में पुष्पधन्वा रस को मन्मथ रस, वसंत कुसुमाकर रस, काम चूड़ामणि रस, कामिनी विद्रावण रस आदि औषधियों के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है ।

उपरोक्त उपचार के साथ साथ लिंग की एक्सरसाइज करने के लिए पेनिस एनलार्जमेंट पंप से लिंग की खिंचाई करना भी आवश्यक होता है । साथ ही हमदर्द कंपनी का तीला डायनमोल या वैद्यराज कंपनी का तीला एनलार्ज का प्रयोग भी किया जा सकता है ।

काम शीतलता में लाभदायक पुष्पधन्वा रस

जिस प्रकार बहुत अधिक काम करने, मानसिक श्रम करने, व्यापार में बिजी रहने या नौकरी के कारण तनाव के कारण व्यक्ति में सेक्स करने की इच्छा कम हो जाती है या बिल्कुल ही मर जाती है, बिल्कुल उसी प्रकार कुछ महिलाओं में भी सेक्स करने की इच्छा बिल्कुल भी नहीं होती है ।

यह भी दांपत्य जीवन को खराब करने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कारक माना जाता है । यदि इस समस्या का शीघ्र ही समाधान ना किया जाए तो पति पत्नी के बीच तलाक तक की नौबत भी आ जाती है, क्योंकि दोनों में से एक की सेक्स करने की बहुत ज्यादा इच्छा होती है जबकि दूसरा पार्टनर सेक्स करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होता है ।

इसलिए काम शीतलता होने पर पुष्पधन्वा रस को कोच पाक के साथ सेवन कराने से कामोत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है एवं स्त्री एवं पुरुष दोनों की काम शीतलता दूर हो जाती है ।

गर्भाशय के लिए लाभदायक पुष्पधन्वा रस

यदि किसी महिला का गर्भाशय सही प्रकार से कार्य ना कर रहा हो या बीजकोश का पर्याप्त मात्रा में विकास ना हुआ हो, जिस कारण महिला बांझपन की शिकार हो गई हो तो ऐसी स्थिति में  पुष्पधन्वा रस का सेवन कराने से गर्भाशय के सभी दोष दूर होते हैं एवं महिला का बांझपन दूर होता है । इसके अलावा यदि सुजाक या उपदंश के कारण महिला की योनि से बदबूदार पानी आता हो तो ऐसी स्थिति में भी पुष्पधन्वा रस का सेवन लाभदायक होता है ।

तो इस प्रकार हम कह सकते हैं यह पुष्पधन्वा रस महिलाओ एवं पुरुषों दोनों के लिए ही एक बाजीकारक एवं पौष्टिक रसायन है जो दांपत्य जीवन की मिठास एवं मधुरता के लिए परम आवश्यक है ।

विशेष नोट: यदि इस दवा को पुरुषों से संबंधित समस्याओं जैसे शीघ्रपतन, वीर्य का पतलापन या नपुंसकता के लिए सेवन किया जा रहा हो, तो ऐसे पुरुषों को अपने खानपान एवं रहन-सहन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है ।

सबसे पहले तो ऐसे पुरुषों को खटाई वाली चीजें, चटपटी चीजें, तेज मिर्च मसाले वाली चीजें, मीट, मांस, मछली, अंडा एवं नशीले पदार्थ जैसे शराब, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू इत्यादि का सेवन बिल्कुल ही बंद कर देना चाहिए ।

जब तक व्यक्ति इन पदार्थों का सेवन करता रहेगा तब तक यह औषधि अपना सही प्रभाव नहीं दिखाएगी । यदि आपको इस औषधि का पूर्ण लाभ उठाना है तो सबसे पहले अपना रहन सहन, खानपान एवं आहार-विहार को ठीक करना होगा ।

सुबह जल्दी सो कर उठे एवं रात को जल्दी सो जाएं । सुबह उठकर पानी खूब पिए व पेट को बिल्कुल साफ रखें । ध्यान रहे, आपको कब्ज बिल्कुल भी नहीं रहनी चाहिए । यदि आप कब्ज से पीड़ित रहेंगे, पेट में गैस बनी रहेगी तो भी आप शीघ्रपतन एवं नपुंसकता जैसी समस्याओं से घिरे रहेंगे ।

इसलिए पेट को साफ करने के लिए त्रिफला चूर्ण या पंचसाकर चूर्ण का सेवन भी अवश्य करते रहे । खाने में हरी सब्जियां, दाले, दूध अधिक सेवन करें । प्रतिदिन सुबह शाम को वाकिंग के लिए जाएं, मन को भक्ति भजन में लगाएं एवं ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए इस औषधि का सेवन करें तो निश्चित ही आपको इस औषधि का पूरा लाभ मिल पाएगा ।

मात्रा एवं सेवन विधि

पुष्पधन्वा रस की एक एक गोली सुबह शाम भोजन करने के पश्चात शहद में मिलाकर चाट लें तथा ऊपर से मिश्री मिले हुए दूध का सेवन करें । यदि शहद उपलब्ध ना हो तो शहद के स्थान पर मक्खन या मिलाई का प्रयोग भी किया जा सकता है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्परिणाम

पुष्पधन्वा रस में धतूरा एवं भांग जैसे नशीले पदार्थों की भावना दी जाती है । इसलिए इस औषधि का सेवन किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में कम समय के लिए ही करना चाहिए । अधिक मात्रा में इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । इस औषधि को अविवाहित महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों को सेवन नहीं करना चाहिए ।

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