पुनर्नवादि गुग्गुल के गुण उपयोग फायदे एवं नुक्सान Punarnavadi Guggulu uses and benefits in hindi

By | April 20, 2020

पुनर्नवादि गुग्गुल क्या है? What is Punarnavadi Guggulu in hindi

 
पुनर्नवादि गुग्गुल (Punarnavadi Guggulu) एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रमुख कार्य गठियाबाय, जोड़ों के दर्द को दूर करना, जोड़ों की सूजन को दूर करना एवं मूत्र वर्धक के रूप में किया जाता है । पुनर्नवादि गुग्गुल बाजार में गोलियों के रूप में उपलब्ध है तथा इसका निर्माण वैद्यनाथ, दिव्य पतंजलि, डाबर एवं अन्य कंपनी के द्वारा किया जाता है ।
 
यदि हम इस ओषधि के नाम को देखें तो हमें पता चलता है कि इस औषधि के नाम में पुनर्नवा एवं गुग्गुल दो प्रमुख घटक है । पुनर्नवा का प्रमुख कार्य शरीर से अतिरिक्त जल को बाहर निकालना होता है तथा गुग्गुल का कार्य शरीर से दर्द एवं सूजन को कम करना होता है ।
 
इसलिए पुनर्नवादि गुग्गुल जहां एक और गठिया बाय एवं सूजन में बहुत अच्छा कार्य करती है वहीं दूसरी ओर यह मुत्रल है अर्थात शरीर से अतिरिक्त जल को बाहर निकलती है । जिससे शरीर में आई हुई सूजन कम होती है एवं गुर्दों को नई ऊर्जा एवं बल प्राप्त होता है ।
 

पुनर्नवादि गुग्गुल के घटक द्रव्य Punarnavadi Guggulu Ingredients

    • Punarnavamula (Raktapunarnava) पुनर्नवा Boerhaavia diffusa Rt. 4.800 kg
    • Rubukamula (Eranda) एरंड Ricinus communis Rt. 4.800 kg
    • Shunthi सोंठ Zingiber officinale Rz. 768 g
    • Jala पानी for decoction Water 32 liter reduced to 4 liter
    • Kaushika (Guggulu-Shuddha) गुग्गुलु Commiphora wightii O.R. 864 g
    • Eranda Taila एरंड तेल Ricinus communis Sd. Oil 192 ml
    • Trivrit त्रिवृत Ipomoea turpethum Rt. 240 g
    • Nikumbha (Danti) दंती Baliospermum montanum Rt. 48 g
    • Guduci गिलोयTinospora cordifolia St. 96 g
    • Haritaki हरीतकी Terminalia chebula P. 96 g
    • Bibhitaka विभितकी Terminalia belerica P. 96 g
    • Amalki अमलकी Emblica officinalis P. 96 g
    • Shunthi सोंठ Zingiber officinale Rz. 96 g
    • Marica काली मिर्च Piper nigrum Fr. 96 g
    • Pippali पिप्पली Piper longum Fr. 96 g
    • Sindhuttha (Saindhava) सेंध नमक 96 g
    • Citraka चित्रक Plumbago zeylanica Rt. 96 g
    • Bhallata (Bhallataka-Shuddha) भिलावा Semicarpus anacardium Fr. 96 g
    • Vidanga विडंग Embelia ribes Fr. 96 g
    • Makshika Dhatu Curna माक्षिक (Bhasma) 12 g
    • Punarnava (Rakta-Punarnava) पुनर्नवा Boerhaavia diffusa Rt. 48 g
Note: Lf. =Leaf; P. =Pericarp; Rt. =Root; Fr. =Fruit; Rz. =Rhizome; Sd.= Seeds; St. =Stem; St. Bk.= Stem Bark; Fl. Bd. =Flower Bud.

पुनर्नवादि गुग्गुल इन हिंदी Punarnavadi Guggulu in hindi

 
पुनर्नवादि गुग्गुल में त्रिफला, त्रिकटु, स्वर्णमाक्षिक भस्म, सेंधा नमक, पुनर्नवा एवं गुग्गुल सहित अन्य कई जड़ी बूटियां प्रयोग की जाती हैं । गुग्गुल युक्त होने के कारण यह दवा दर्द एवं सूजन को कम करती है तथा वजन घटाने में भी सहायक होती है ।
 
पुनर्नवा शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल देता है जिससे शरीर में आई हुई सूजन कम हो जाती है ।
 
त्रिकटु की तासीर गर्म होती है तथा इसे कफ नाशक औषधि के रूप में मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है । इसलिए त्रिकटु जोड़ों में जमा हुए कफ को दूर करता है, जिससे दर्द में आराम मिलता है तथा रोगी को चलने फिरने में भी आराम मिलता है ।

त्रिफला पाचन संस्थान को दुरुस्त रखता है तथा शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर का शोधन करता है । आइए अब हम जानते हैं कि पुनर्नवादि गुग्गुल में कौन कौन से घटक द्रव्य प्रयोग किए जाते हैं ।
 
 
 

पुनर्नवादि गुग्गुल के लाभ Punarnavadi Guggulu benefits in hindi

    • पुनर्नवादि गुग्गुल का सबसे प्रमुख कार्य गठियाबाय एवं जोड़ों के दर्द को दूर करना होता है ।
    • इस औषधि को सेवन करने से जोड़ों में आई हुई सूजन भी कम हो जाती है ।
    • यह एक मूत्र वर्धक औषधि है ।
    • इस औषधि का सेवन करने से मूत्र खुलकर आता है, जिससे शरीर में आई हुई सूजन कम हो जाती है ।
    • यह ओषधि पाचन संस्थान को सही करके शरीर का शोधन करती है ।
    • यह ओषधि वात पित्त एवं कफ तीनों दोषों का शमन करती है ।
    • इसके अतिरिक्त पुनर्नवादि गुग्गुल को पित्ताशय एवं मूत्राशय में बनी हुई पथरी के कारण उत्पन्न हुए दर्द को दूर करने में भी प्रयोग किया जाता है ।
    • यह ओषधि अंडकोष में आई हुई सूजन एवं दर्द में भी उपयोगी होती है ।
    • इस औषधि का सेवन करने से कमर का दर्द, मूत्र संस्थान का दर्द एवं गुदा में होने वाले दर्द का भी निवारण होता है ।
    • इस औषधि का सेवन करने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कम हो जाता है ।
    • यह आमवात एवं आमदोष को ठीक करती है ।

पुनर्नवादि गुग्गुल की सेवन विधि और मात्रा Punarnavadi Guggulu Dosage and Directions

 
पुनर्नवादि गुग्गुल की एक से दो गोली दिन में दो बार सुबह एवं शाम को खाना खाने के पश्चात गर्म पानी के साथ या पुनर्नवादि काढा के साथ सेवन कर सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डाक्टर से संपर्क करें ।
 

पुनर्नवादि गुग्गुल प्रयोग करते समय सावधानियां Precautions while using Punarnavadi Guggulu


यद्यपि पुनर्नवादि गुग्गुल का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, लेकिन फिर भी आप इस औषधि को अपने चिकित्सक की देखरेख एवं सलामे ही सेवन करें ।
 

कहाँ से प्राप्त करें? From where to buy?

यह ओषधि निम्न कम्पनियों के द्वारा निर्मित की जाती है । आप इसे लोकल शॉप से या online भी मंगा सकते हैं ।
    • Shree Baidyanath Ayurved Bhawan
    • Divya Patanjali 
    • Banyan Botanicals
    • Shree Dhootapapeshwar Limited a
यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो अपने विचार एवं सुझाव हमें बताये ।
 

 

6 thoughts on “पुनर्नवादि गुग्गुल के गुण उपयोग फायदे एवं नुक्सान Punarnavadi Guggulu uses and benefits in hindi

  1. Atul shah

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