प्रवाल भस्म के फायदे और नुक्सान Praval Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 22, 2020

प्रवाल भस्म क्या है? Praval Bhasma kya hai?

प्रवाल भस्म एक आयुर्वेदिक एवं शास्त्रोक्त औषधि है जिसका निर्माण प्रवाल से किया जाता है  ।प्रवाल को हिंदी में मूंगा तथा अंग्रेजी में कोरल कहा जाता है । प्रवाल भस्म प्रवाल पिष्टी की तुलना में तासीर में गर्म होती है क्योंकि इसको अग्नि में भस्म करके बनाया जाता है ।

प्रवाल भस्म अक्षय रोग,टीवी, रक्तपित्त, पुरानी खांसी, मूत्र संक्रमण, सिर के रोग, आंखों की जलन, खूनी बवासीर, पीलिया, यकृत की बीमारियां आदि में प्रयोग की जाती है ।

प्रवाल भस्म को अग्निमांद, अरुचि इत्यादि में भी प्रयोग कराया जाता है । इस रोग में व्यक्ति को भोजन सही प्रकार से हजम नहीं होता है एवं भोजन को देखकर ही अरुचि हो जाती है । इस स्थिति में प्रवाल भस्म को अग्निकुमार रस एवं हिंगवादी वटी के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है ।

प्रवाल भस्म के फायदे Praval Bhasma ke fayde

ज्वरनाशक प्रवाल भस्म

प्रवाल भस्म प्रवाल पिष्टी की ही तरह ज्वर नाशक के रूप में बहुत अच्छा कार्य करती है । यदि बुखार में व्यक्ति को चक्कर आते हो, हाथों पैरों में दर्द व खींचाव रहता हो, खाने में अरुचि रहती हो, उल्टी आती हो तो ऐसी स्थिति में प्रवाल भस्म को गिलोय सत्व एवं आंवले के साथ देने पर लाभ मिलता है ।

हाइपरहाइड्रोसिस में लाभकारी प्रवाल भस्म

बच्चों में अत्याधिक पसीना आना मुख्य रूप से कैल्शियम की कमी के कारण होता है । इसके अतिरिक्त यदि बच्चों में पित्त की अधिकता हो जाए तो भी बच्चों को बहुत ज्यादा पसीना आना की समस्या हो जाती है । इस समस्या को हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है । इस स्थिति में प्रवाल भस्म को देने से लाभ मिलता है, क्योंकि इसका सेवन करने से कैल्शियम की कमी दूर होती है एवं पित्त शांत होता है ।

आंखों की जलन में लाभकारी प्रवाल भस्म

प्रवाल भस्म का सेवन करने से आंखों की जलन दूर होती है एवं जलन के कारण आंखों से पानी आना जैसी समस्या में लाभ मिलता है ।

उन्माद एवं मनोरोग में लाभकारी प्रवाल भस्म

प्रवाल भस्म उन्माद, बेचैनी, घबराहट जैसे मानसिक रोगों में लाभकारी होती है ।

प्रवाल भस्म के अन्य फायदे

  • प्रवाल भस्म सूखी खांसी एवं क्षय रोग (टीवी) में लाभकारी होती है ।
  • बच्चों में कैल्शियम की कमी के कारण होने वाली अस्थि वक्रता अर्थात रिकेट्स में लाभकारी होती है ।
  • यह बच्चों की दांतों की समस्याओं में भी लाभकारी है, जैसे दांत निकालते समय बच्चों को झाग एवं दुर्गंध युक्त मल आता है, बच्चों को बुखार हो जाता है एवं उल्टी आती है ऐसी स्थिति में प्रवाल भस्म फायदा करती है ।
  • प्रवाल भस्म हाइपर एसिडिटी मैं भी बहुत अच्छा कार्य करती है । इसका सेवन करने से छाती में जलन होना जैसी समस्याएं दूर हो जाती है ।
  • प्रवाल भस्म बहुत ही उत्तम दीपन एवं पाचक है । इसका सेवन करने से यकृत अर्थात लीवर से पाचक रसों का स्राव सही मात्रा में होता है, जिससे भोजन हजम होता है एवं अग्निमांद एवं अरुचि जैसी समस्या दूर होती हैं ।

मात्रा एवं सेवन विधि

औषधीय मात्रा (Dosage)

शिशु NA
बच्चे (5 वर्ष की आयु से ऊपर) 70 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम
वयस्क 125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम
अधिकतम संभावित खुराक 1000 मिलीग्राम (विभाजित मात्रा में)

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) दूध के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानी और दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

  1. वायु (सामान्य)
  2. पेट की सूजन (दुर्लभ)
  3. असामान्य या अपूर्ण मल त्याग
  4. पेट दर्द (दुर्लभ)
  5. गुर्दे की पथरी (अति दुर्लभ)
  6. भूख ना लगना (अति दुर्लभ)

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