प्रताप लंकेश्वर रस के फायदे गुण उपयोग और नुकसान Pratap Lankeshwar Ras ke fayde or nuksan

By | July 2, 2020

प्रताप लंकेश्वर रस क्या है? Pratap Lankeshwar Ras kya hai?

प्रताप लंकेश्वर रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से प्रसव के उपरांत महिलाओं में उत्पन्न होने वाली विभिन्न समस्याओं एवं रोगों में प्रयोग की जाती है । यदि प्रसव के उपरांत महिला का सही प्रकार से ध्यान न रखा जाए एवं महिला को ठंड लग जाए या महिला प्रसव के तुरंत पश्चात भारी भरकम काम करना शुरू कर दे, तो ऐसे में महिला के शरीर में कोई भी बीमारी आ सकती है ।

महिला के शरीर के किसी भी अंग में दर्द उत्पन्न हो सकता है, महिला को बुखार हो सकता है, या कोई भी अन्य समस्या आ सकती है । क्योंकि प्रसव के उपरांत 40 दिनों तक महिला बहुत नाजुक होती है तथा उसे आराम की सख्त आवश्यकता होती है ।

लेकिन लापरवाही के कारण यदि महिला अपने खान-पान और आहार-विहार का ध्यान ना रखे तो उसके शरीर में कोई भी रोग उत्पन्न हो सकता है जो आगे चलकर असाध्य हो सकता है । प्रसव के उपरांत उत्पन्न होने वाली समस्याओं एवं रोगों में प्रताप लंकेश्वर रस को सफल औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है । इस लेख में हम प्रताप लंकेश्वर रस का विस्तृत वर्णन करेंगे ।

प्रताप लंकेश्वर रस के घटक द्रव्य Pratap Lankeshwar Ras ke ghatak dravy

प्रताप लंकेश्वर रस को बनाने की विधि Pratap Lankeshwar Ras kaise banaye

प्रताप लंकेश्वर रस को बनाने के लिए सबसे पहले शुद्ध पारा एवं शुद्ध गंधक को पत्थर के खरल में डालकर खूब अच्छी तरह घुटाई करते हैं ताकि दोनों की चमक खत्म हो जाए और मिश्रण का रंग काजल की तरह काला हो जाए, इसे कज्जली कहते हैं ।

इस कज्जली में शेष सभी जड़ी बूटियों को अच्छी तरह कूट पीसकर एवं छान कर मिला देते हैं तथा मिश्रण की अच्छी तरह घुटाई करते हैं । इसके बाद एक एक रत्ती की गोली बनाकर छाया में सुखा लेते हैं, इसे ही प्रताप लंकेश्वर रस कहा जाता है ।

प्रताप लंकेश्वर रसके चिकित्सकिय उपयोग Pratap Lankeshwar Ras ke upyog in hindi

प्रताप लंकेश्वर रस को निम्न रोगों के उपचार में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

  1. प्रसव के उपरांत होने वाले संक्रमण एवं बुखार में
  2. गर्भाशय से विषाक्त पदार्थों को नष्ट करने में
  3. मानसिक तनाव एवं अवसाद को दूर करने में
  4. सांस लेने में होने वाली कठिनाई को दूर करने में
  5. मतली एवं भूख ना लगने की स्थिति में

प्रताप लंकेश्वर रस के फायदे Pratap Lankeshwar Ras ke fayde in hindi

प्रताप लंकेश्वर स्कोर को प्रसूता महिला से संबंधित रोगों में ही प्रयोग किया जाता है । इस औषधि के निम्न उपयोग है ।

प्रसूति ज्वर में लाभदायक प्रताप लंकेश्वर रस

यदि किसी महिला का प्रसव अनुभवहीन एवं गैर जिम्मेदार नर्स, दाई या डॉक्टर के द्वारा किया जाए तो ऐसी स्थिति में महिला को भयंकर एवं कष्ट दाई समस्याओं से जूझना पड़ सकता है । उन्हीं में एक भयंकर समस्या है प्रसूति ज्वर ।

प्रसव के उपरांत महिला के गर्भाशय में रक्त एवं अन्य दूषित पदार्थ मौजूद होते हैं, जिन्हें दाई या नर्स के द्वारा निकालना अत्यंत आवश्यक होता है । यदि इन विषैले पदार्थों को सही प्रकार से ना निकाला जाए तो यह विष धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलने लगता है और महिला प्रसूति ज्वर की शिकार हो जाती हैं ।

इस स्थिति में प्रताप लंकेश्वर रस को सेवन कराने से तुरंत लाभ मिलता है । प्रताप लंकेश्वर रस का सीधा प्रभाव गर्भाशय पर पड़ता है तथा यह औषधि गर्भाशय में जमा हुए रक्त एवं अन्य दूषित पदार्थों को निकालने में बहुत अच्छा कार्य करती है, जिससे महिला धीरे-धीरे स्वस्थ होती चली जाती है ।

प्रसूति ज्वर के कई लक्षण होते हैं जैसे शरीर में टाइफाइड की तरह तेज बुखार आता है, भूख नहीं लगती है, जी मचलता है, महिला बेचैन होती है, पहले ठंड लगती है तथा उसके पश्चात ठंड लगकर बुखार चढ़ता है । इन सभी लक्षणों में प्रताप लंकेश्वर बहुत अच्छा लाभ पहुंचाती है । सहायक औषधि के रूप में दशमूलारिष्ट का सेवन भी कराया जा सकता है ।

निमोनिया में लाभकारी प्रताप लंकेश्वर रस

प्रसूति ज्वर की तरह निमोनिया भी प्रसूता महिला को संकट में डाल सकता है । यह स्थिति महिला के शरीर में कफ प्रकोप के कारण पैदा होती है । यदि महिला प्रसव के उपरांत पानी में काम करने लगे तो यह स्थिति पैदा होती है । इस स्थिति में महिला को खांसी होती है, पसलियों में दर्द रहता है, शरीर में हल्का हल्का बुखार बना रहता है तथा खाया पिया हजम नहीं होता है । इस स्थिति में प्रताप लंकेश्वर रस का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

मानसिक तनाव दूर करने में लाभदायक प्रताप लंकेश्वर रस

प्रसव के उपरांत यदि प्रसूता महिला को कोई मानसिक आघात पहुंच जाएं तो वह आघात महिला के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है । महिला की हृदय गति अनियंत्रित हो जाती है तथा महिला अपना मानसिक संतुलन को बैठते हैं, ऐसी स्थिति में प्रताप ने केश्वर रस का सेवन कराने से लाभ मिलता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

प्रताप लंकेश्वर रस की एक एक गोली दिन में दो बार शहद के साथ या चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में एवं चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । इस औषधि को गर्भावस्था के दौरान सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह औषधि रक्तस्राव में मददगार होती है ।

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