प्रदरान्तक वटी के फायदे गुण उपयोग नुकसान एवं प्राइस Pradarantak Vati ke fayde or nuksan

By | June 29, 2020

प्रदरान्तक वटी क्या है? Pradarantak Vati kya hai?

प्रदरांतक रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से महिलाओं के प्रदर रोग के लिए प्रयोग की जाती है । प्रदरांतक रस में शुद्ध पारा एवं शुद्ध गंधक के अतिरिक्त चांदी भस्म, वंग भस्म, शंख भस्म एवं अन्य कुछ अन्य भस्म मौजूद होती हैं । यह औषधि मुख्य रूप से महिलाओं के द्वारा ही प्रयोग की जाती है ।

महिलाओं का प्रदर रोग दो प्रकार का होता है, श्वेत प्रदर एवं रक्त प्रदर । प्रदरांतक रस को प्रदर की दोनों ही अवस्थाओं में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है । श्वेत प्रदर रोग में महिलाओं की योनि से सफेद रंग का चिपचिपा एवं दुर्गंध युक्त पदार्थ आता है ।

यह पदार्थ दिन में किसी भी समय योनि से निकलता रहता है । यदि महिला विवाहित है तो ऐसी महिलाओं में श्वेत प्रदर रोग (लिकोरिया) की समस्या ज्यादा हो जाती है । ऐसी महिलाओं को अपने पति के साथ संभोग करते समय चरम सुख पहुंचने से पहले ही लिकोरिया के कारण शीघ्रपतन हो जाता है ।

शीघ्रपतन केवल पुरुषों में ही नहीं होता बल्कि यह महिलाओं में भी होता है । जो महिलाएं लिकोरिया की मरीज होती हैं वह अपने पति के साथ संभोग करते समय संभोग का पूर्ण आनंद नहीं उठा पाती हैं, क्योंकि संभोग के दौरान है उनकी योनि से तरल पदार्थ निकल जाता है जिस कारण ऐसी महिलाओं के विवाहित जीवन में भी संकट उत्पन्न हो जाता है ।

प्रदरान्तक वटी इन हिंदी Pradarantak Vati in hindi

लिकोरिया केवल वैवाहिक जीवन को ही संकट में नहीं डालता बल्कि यह महिला के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है । जिस महिला को बहुत ज्यादा लिकोरिया होता है वह महिला धीरे-धीरे कमजोर होती चली जाती है तथा सूख कर कांटे की तरह हो जाती है । ऐसी महिला का चेहरा भी निस्तेज हो जाता है तथा उसकी सुंदरता भी नष्ट हो जाती है । इस स्थिति में इस औषधि का सेवन करने से बहुत अच्छा मिलता है ।

प्रदर रोग की दूसरी अवस्था होती है रक्त प्रदर । रक्त प्रदर में महिला का गर्भाशय कमजोर हो जाता है तथा गर्भाशय से अनियमित रूप से रक्तस्राव होता है । इसमें महिला को कष्ट भी होता है तथा महिला के स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, क्योंकि बहुत अधिक रक्तस्राव होने पर महिला धीरे-धीरे कमजोर होती चली जाती है ।

प्रदरांतक रस का सेवन करने से रक्त प्रदर में बहुत अच्छा लाभ मिलता है । प्रदरांतक रस में लौह भस्म मौजूद होती है जिस कारण यह है रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को सही करती है तथा महिला के स्वास्थ्य पर अनुकूल प्रभाव डालती है ।

इसके अतिरिक्त प्रदरांतक रस को सोम रोग में भी प्रयोग किया जाता है । सोम रोग में महिलाओं को बार-बार मूत्र आता है, मूत्र थोड़ा आता है तथा मूत्र करते हुए महिलाओं को दर्द भी हो सकता है । इस स्थिति में भी प्रदरांतक रस अच्छा फायदा पहुंचाती है ।

प्रदरांतक रस के घटक द्रव्य Pradarantak Vati ke ghatak dravy

शुद्ध पारा, शुद्ध आँवलासार, गंधक, रजत भस्मवंग भस्म, कपर्दक भस्मशंख भस्मप्रवाल भस्म, सेलखड़ी की भस्म और राल सब समभाग और लौह भस्म सबके बराबर। भावना: दूब, अनार और आंवला स्वरस और घीकुंवार का स्वरस।

प्रदरांतक रस के फायदे Pradarantak Vati ke fayde in hindi

  1. प्रदरांतक रस का सेवन करने पर महिलाओं के दोनों प्रकार के प्रदर रोग श्वेत प्रदर एवं रक्त प्रदर में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।
  2. यह औषधि महिलाओं के सोम रोग को भी नष्ट करती है ।
  3. इस औषधि का सेवन करने पर मासिक धर्म के समय होने वाला दर्द में आराम मिलता है तथा मासिक धर्म खुलकर आता है ।
  4. जिन महिलाओं को मासिक धर्म नहीं आता है या कई कई महीने तक नहीं आता है उन्हें इस औषधि का सेवन करने से मासिक धर्म नियमित रूप से आने लगता है ।
  5. यह औषधि बहुत ज्यादा रक्त प्रदर के कारण होने वाले पांडु रोग (पीलिया) को दूर करने के लिए लाभदायक होती हैं ।
  6. महिलाओं को बार बार चक्कर आना, सहनशक्ति खत्म हो जाना, आंखों के चारों ओर काले घेरे बन जाना, हृदय का जोर जोर से नियमित रूप से धड़कना, थोड़ा सा काम करने पर ही थकान हो जाना, हाथों पैरों में दर्द रहना, मानसिक उदासीनता बने रहना, हाथों पैरों में जलन होना, भूख ना लगना, खाना सही प्रकार से हजम ना होना, पेट में भारीपन रहना आदि सभी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग की जाती है । क्योंकि महिलाओं में यह सभी समस्याएं प्रदर रोग के कारण होती है । प्रदरांतक रस प्रदर रोग को ही नष्ट कर देता है जिसके कारण यह सभी समस्याएं भी नष्ट हो जाती है एवं महिला सुंदर एवं स्वस्थ हो जाती है ।

प्रदरांतक रस की सेवन विधि एवं मात्रा

प्रदरांतक रस की दो-दो गोली आंवले के रस या शहद के साथ दिन में दो से तीन बार भोजन के पश्चात ले सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें ।

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