पंचतिक्त घृत गुग्गुल के गुण फायदे उपयोग एवं नुक्सान Panchatikta Ghrita Guggulu uses and benefits in hindi

By | April 21, 2020

पंचतिक्त घृत गुग्गुल क्या है?

 
पंचतिक्त घृत गुग्गुल (Panchatikta Ghrita Guggulu) एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से त्वचा रोगों में प्रयोग की जाती है । यदि इस औषधि के नाम को देखें तो इस औषधि के नाम का अर्थ इस प्रकार है – पंचतिक्त का अर्थ होता है 5 कड़वी वनस्पतियां, घृत का अर्थ होता है घी । इस प्रकार इस औषधि का नाम दर्शाता है कि यह ओषधि ५ कड़वी वनस्पतियों, घी, गुग्गुल एवं अन्य जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनाई जाती है ।
 

पंचतिक्त घृत गुग्गुल

पंचतिक्त घृत गुग्गुल त्वचा संबंधी रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली, एक्जिमा, कील, मुंहासे तथा खून की खराबी में मुख्य ओषधि के रूप में प्रयोग की जाती है । आइए सबसे पहले इस औषधि के घटक द्रव्य के बारे में जानते हैं, उसके पश्चात इस औषधि के फायदों के बारे में चर्चा करेंगे ।
 

पंचतिक्त घृत गुग्गुल के घटक द्रव्य

Sr. No Name In Hindi Part Used Quantity
1 Nimba नीम की छाल Stem Bark 480 g
2 Guduchi गिलोय Stem 480 g
3 Vasa वासा वृष Root 480 g
4 Patola पटोल पत्र Leaf/Plant 480 g
5 Kantakari कटेली कंटकारी Plant 480 g
6 Water पानी for decoction 12.288 l reduced to 3.072 l
7 Ghrita गाय का घी Goghrita 768 g
8 Patha पाठा Root 12 g
9 Vidanga विडंग’ Fruit 12 g
10 Suradaru Devadaru देवदारु Ht. Wd. 12 g
11 Gajapakulya Gajapippali गज पिप्पली Fruit 12 g
12 Yavakshara Yava यवक क्षार Plant 12 g
13 Sarji Kshara Svarjikshara सज्जी क्षार   12 g
14 Sunthi सोंठ Rhizome 12 g
15 Nisha Haridra हल्दी Rhizome 12 g
16 Mishriya सौंफ Fruit 12 g
17 Cavya चव्य Stem 12 g
18 Kushtha कूठ Root 12 g
19 Tejovati मालकांगनी Fruit 12 g
20 Marica काली मिर्च Fruit 12 g
21 Vatsaka Kutaja कुटज Stem Bark 12 g
22 Dipyaka Yavani अजवायन Fruit 12 g
23 Agni Citraka चित्रक Root 12 g
24 Rohini Katuka कुटकी Root/Rhizome 12 g
25 Arushkara Bhallataka -Suddha शुद्ध भिलावा Fruit 12 g
26 Vaca वृष Rhizome 12 g
27 Kanamula Pippali पिप्पली Root 12 g
28 Yukta Rasna रसना Root/Lf 12 g
29 Manjishtha मंजीठ Root 12 g
30 Ativisha अतिविश Root Tuber 12 g
31 Vishani Ativisha bheda अतीस Root 12 g
32 Yavani यवनी Fruit 12 g
33 Guggulu Suddha गुग्गुलु Exd 240 g

पंचतिक्त घृत गुग्गुल इन हिंदी 

तो इस प्रकार आपने देखा कि पंचतिक्त घृत गुग्गुल में 33 औषधियां घटक द्रव्य के रूप में प्रयोग की जाती हैं, लेकिन इन औषधियों में गुग्गुल का अपना एक विशेष महत्व है । जैसा कि इस औषधि के नाम से ही पता चलता है कि इस औषधि में गुग्गुल को प्रमुख औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है । इस औषधि में गुग्गुल की मात्रा बाकी सभी जड़ी बूटियों की तुलना में लगभग 20 गुना ज्यादा होती है । इसलिए इस दवा में गुग्गुल के मूलभूत गुण प्रमुख रूप से विद्यमान होते हैं ।
 
यदि हम गुग्गुल के बारे में बात करें तो हम आपको बता दें कि गुग्गुल गुग्गुल नामक पेड़ की गोंद से बनाया जाता है । इस पेड़ का वैज्ञानिक नाम कौमीफोरा मुकुल होता है । गुग्गुल एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसका उपयोग आयुर्वेद में अनेकों जड़ी बूटियां बनाने में किया जाता है । गुग्गुल एक प्रमुख दर्द निवारक, सूजन निवारक एवं कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाली जड़ी बूटी है ।
 
गुग्गुल का सेवन करने से वजन कम होता है, साथ ही गठिया बाय एवं संधिवात जैसे रोगों में भी फायदा मिलता है । इसीलिए गुग्गुल जिस दवा में भी डाली जाती है उस दवा में गठिया बाय, सूजन, कोलेस्ट्रोल एवं मोटापे को दूर करने के गुण अपने आप ही आ जाते हैं ।
 
यदि हम पंचतिक्त घृत गुग्गुल की बात करें तो इस औषधि में भी यह गुण मौजूद होते हैं । लेकिन पंचतिक्त घृत गुग्गुल में ज्यादातर दवाएं ऐसी हैं जो इसे त्वचा एवं रक्त विकार में बहुत ज्यादा प्रभावी बना देती हैं । इसीलिए यह दवा त्वचा एवं रक्त विकार में मुख्य दवा के रुप में प्रयोग की जाती है ।
 

पंचतिक्त घृत गुग्गुल के गुण एवं उपयोग

    • पंचतिक्त घृत गुग्गुल का सबसे प्रमुख कार्य त्वचा रोगों जैसे दाद खाज खुजली कील मुंहासे एग्जिमा आदि को ठीक करना होता है ।
    • यह दवा रक्त को शुद्ध करती है तथा रक्त में से विषैले पदार्थों को नष्ट करती हैं ।
    • यह पाचन संस्थान पर अपना सकारात्मक प्रभाव डालती है ।
    • फोड़े फुंसी एवं घाव में यह दवा बहुत ही अच्छा कार्य करती है ।
    • त्वचा रोगों में इस औषधि को गंधक रसायन के साथ प्रयोग कराया जाता है ।
    • यह यकृत अर्थात लीवर को सही कार्य करने में मदद करती है ।
    • यह दवा वात, पित्त एवं कफ को संतुलित करती है अर्थात यह एक त्रिदोष नाशक औषधि होती है ।

सेवन विधि एवं मात्रा


2-2 गोली सुबह एवं शाम को खाना खाने के पश्चात ताजे पानी के साथ ले  । अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।
 

पंचतिक्त घृत गुग्गुल प्रयोग करते समय सावधानियां

    • इस दवा का सेवन करते समय कुछ सावधानियों को रखना भी आवश्यक है अन्यथा यह औषधि अपना पूरा फायदा नहीं पहुंचती है ।
    • इस औषधि का प्रयोग करते समय तेज मिर्च मसाले एवं चटपटी चीजों का कम से कम सेवन करना चाहिए ।
    • यदि पाचन संस्थान में गड़बड़ी होगी तो यह सही कार्य नहीं करती हैं । इसलिए त्रिफला चूर्ण, या पंचसाकर चूर्ण का सेवन करते रहना चाहिए, ताकि पेट गैस व कब्ज की समस्या ना रहे ।
    • इस औषधि का सेवन किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए ।
 
 
तो इस प्रकार हम कह सकते हैं कि यह दवा एक उत्तम दवा है । यदि आपके कुछ प्रश्न हो तो आप हमसे कमेन्ट में जरुर पूछे ।
 

 

2 thoughts on “पंचतिक्त घृत गुग्गुल के गुण फायदे उपयोग एवं नुक्सान Panchatikta Ghrita Guggulu uses and benefits in hindi

  1. रमेश

    मेरा एक सवाल है ,
    के गरदन के नीचे ओर पीछे वाईट दाग ईछे रूक जाता है क्या

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