जैतून के तेल के फायदे तथा नुकसान Olive Oil Uses and Benefits in Hindi

By | April 11, 2021

जैतून का तेल बहुत ही प्रसिद्ध तथा लाभदायक तेल माना जाता है । आपने भी जैतून के तेल का नाम जरूर सुना होगा । इसे अंग्रेजी में ऑलिव ऑयल कहा जाता है ।

जैतून के तेल को जैतून के तेल पर लगे हुए फलों से निकाला जाता है । जिस प्रकार सरसों से सरसों का तेल निकाला जाता है बिल्कुल उसी तरह जैतून के फलों से जैतून का तेल निकाला जाता है । जैतून का तेल निकालना बहुत ही आसान है तथा यह तेल बाजार में जैतून का तेल के नाम से भी मिलता है ।

Table of Contents

जैतून के तेल के प्रकार Types of Olive Oil in Hindi

जैतून का तेल निम्न प्रकार का होता है ।

  • एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल
  • वर्जिन ओलिव ऑयल
  • रिफाइंड ओलिव ऑयल

एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल

यह ओलिव ऑयल 100% शुद्ध माना जाता है । इस तेल का बोलिंग प्वाइंट बहुत कम होता है । यह तेल खाना बनाने के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है ।

वर्जिन ओलिव ऑयल

यह तेल एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल की तुलना में ज्यादा कठोर होता है तथा इसका बोलिंग प्वाइंट भी ज्यादा होता है । यही कारण है कि वर्जिन ओलिव ऑयल में सब्जियों को बनाया जा सकता है ।

रिफाइंड ऑलिव ऑयल

रिफाइंड ऑलिव आयल वर्जिन तथा एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल की तुलना में काफी सस्ता होता है तथा घर में खाना पकाने के लिए ज्यादातर इसी ओलिव ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है । एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल की तुलना में इसमें अन्य पोषक तत्व काफी कम होते हैं ।

जैतून के तेल के फायदे Olive Oil Uses in Hindi

जैतून का तेल हमारे शरीर के लिए बहुत अधिक फायदेमंद है । नीचे हमने जैतून के तेल के फायदों के बारे में विस्तृत वर्णन किया है ।

मोनू अनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है जैतून का तेल

जैतून का तेल खासकर की एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल मोनो अनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होता है जैतून के तेल को जैतून के वृक्ष पर लगने वाले फल से निकाला जाता है । ऑलिव ऑयल में 14% सैचुरेटेड फैट होता है जबकि 11% पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होता है । [1]

पॉलीअनसैचुरेटेड फैट में ओमेगा 6 तथा ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होते हैं ।

जैतून के तेल में मुख्य रूप से जो फैटी एसिड मौजूद होते हैं उनमें ओलिक एसिड मुख्य होता है, जो एक प्रकार का मोनो अनसैचुरेटेड फैट होता है । जैतून के तेल में लगभग 73% मात्रा फोलिक एसिड की होती है ।

विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों से यह स्पष्ट हो चुका है कि जैतून के तेल में सूजन रोधी गुण पाए जाते हैं अर्थात यह सूजन को दूर करता है तथा कैंसर से जुड़ी हुई समस्याओं में भी बहुत आराम पहुंचाता है ।  [2][3][4][5]

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में मोनो अनसैचुरेटेड फैट मौजूद होते हैं जो कि उच्च ताप को भी सहन कर सकते हैं । यही कारण हैं की एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल को खाना बनाने के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है ।

ऑलिव ऑयल में एंटी ऑक्सीडेंट की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है

ऑलिव ऑयल में पोषक तत्वों की कोई कमी नहीं होती है । फैटी एसिड्स के साथ-साथ ऑलिव ऑयल में विटामिन E तथा विटामिन K की काफी अच्छी मात्रा मौजूद होती है । इसके अलावा ऑलिव ऑयल को एंटीऑक्सीडेंट का बहुत ही अच्छा स्रोत माना जाता है ।

एंटीऑक्सीडेंट जैतून के तेल में भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं । एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होते हैं तथा पुरानी एवं गंभीर बीमारियों को दूर करने में मददगार होते हैं । [6]

जैतून के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर की सूजन को दूर करते हैं तथा रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रोल को भी कम करने में मददगार होते हैं ।

एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रोल के ऑक्सीकरण को भी रोकते हैं, जिससे हॉट से संबंधित समस्याओं में का खतरा कम हो जाता है । [7 , 8]

एंटीइन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है जैतून का तेल

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कैंसर, हृदय रोग, टाइप टू डायबिटीज, अल्जाइमर, गठिया, मोटापा तथा चपापचय सिंड्रोम, यह सब समस्याएं पुरानी सूजन के कारण उत्पन्न होती हैं ।

एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल में सूजन को कम करने के गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण यह पुरानी सूजन को बहुत जल्दी दूर कर देती है । यही कारण है की एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल हमारी सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है ।

एंटीइन्फ्लेमेटरी गुणों का मुख्य कारण इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं । एंटीऑक्सीडेंट बहुत जल्दी सूजन को दूर करने में मददगार होते हैं । जैतून के तेल में oleocanthal नामक एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता है जो बिल्कुल आइब्रो पेन की तरह काम करता है तथा सूजन को दूर कर देता है ।

विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि 50 ग्राम जैतून के तेल में मौजूद oleocanthal एंटीऑक्सीडेंट ibuprofen की व्यस्क खुराक के 10% प्रभाव के बराबर असरदार होता है । [9]

कुछ अन्य रिसर्च में यह बात भी स्पष्ट हुई है की जैतून के तेल में मुख्य फैटी एसिड के रूप में मौजूद फोलिक एसिड सूजन उत्पन्न करने वाले सी रिएक्टिव प्रोटीन (CRP) को कम करने में मददगार होता है । [10 , 11]

स्ट्रोक्स तथा हृदय रोगों में लाभकारी ऑलिव आयल

स्ट्रोक का मुख्य कारण दिमाग की नसों में खून का जम जाना या दिमाग की नस का फट जाना होता है । ज्यादातर मामलों में स्ट्रोक को मृत्यु का सबसे बड़ा कारण माना जाता है ।

हाल ही में लगभग 8 लाख लोगों के ऊपर एक अध्ययन किया गया तथा पाया गया कि उनके शरीर में मोनो अनसैचुरेटेड फैट का मुख्य स्रोत ओलिव ऑयल था जिस कारण इन लोगों में स्ट्रोक तथा हृदय रोगों में के खतरों में काफी कमी आई । [12]

एक दूसरे अध्ययन में यह पाया गया कि जिन लोगों ने ओलिव आयल का ज्यादा सेवन किया था उनको स्ट्रोक तथा हृदय रोगों का अन्य लोगों की तुलना में कम खतरा था । [13]

हृदय रोगों को दूर करने में लाभकारी होता है और ऑलिव ऑयल

पूरी दुनिया में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग माने जाते हैं । आज से कुछ वर्षों पहले भूमध्यसागरीय लोगों के ऊपर एक अध्ययन किया गया तथा पाया गया कि इस क्षेत्र के लोगों में हृदय रोग बहुत कम होते हैं ।

इसी आधार पर इन लोगों के खानपान के ऊपर अध्ययन किया गया तथा देखा गया की भूमध्यसागरीय लोग किन चीजों को ज्यादा खाते हैं, जिससे उन्हें हृदय रोग बहुत कम होते हैं । [14, 15]

अध्ययन करने पर पाया गया कि यह लोग एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का प्रयोग करते हैं जिस कारण इन लोगों को किसी प्रकार का कोई ह्रदय रोग नहीं होता है । [16]

ऑलिव ऑयल (एलडीएल) अर्थात बैड कोलेस्ट्रॉल को दूर करता है तथा एचडीएल अर्थात गुड कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मददगार होता है । ऑलिव ऑयल का सेवन करने से रक्त के थक्के नहीं जानते हैं तथा खून बिल्कुल पतला रहता है जिस कारण हृदय रोग की समस्या बहुत कम हो जाती है ।[17, 18, 19, 20, 21, 22]

इन सभी के साथ साथ ऑलिव ऑयल ब्लड प्रेशर को भी कम रखने में मददगार होता है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर हृदयाघात का मुख्य कारण होता है । Extra virgin olive oil का सेवन करने से ब्लड प्रेशर में 48% तक की कमी आ जाती है जो हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है ।

यदि आपके घर में किसी व्यक्ति को हृदय रोग हैं तो आपको अपने खाने में एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल को जरूर शामिल करना चाहिए ।

मोटापे तथा वजन को कम करने में मददगार होता है

वजन बढ़ने या मोटा होने का मुख्य कारण अतिरिक्त चर्बी का हमारे शरीर में जमा होना है । यदि हम अपने भोजन में सैचुरेटेड फैट का अधिक सेवन करेंगे तो निश्चित रूप से हमारा वजन भी बढ़ेगा तथा हम मोटे भी हो जाएंगे ।

भूमध्यसागरीय लोगों के ऊपर किए गए एक अन्य अध्ययन में यह बात भी सामने आई कि इन लोगों का वजन भी बहुत कम होता है तथा यह लोग पतले दुबले होते हैं । [23]

लगभग ढाई वर्षो तक एक अध्ययन किया गया तथा इसमें यह पाया गया कि जिन लोगों ने एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल का सेवन किया था उनके वजन में कोई खास वृद्धि नहीं आई, और ना ही ये लोग मोटे हुए । [24]

इसके अलावा 187 लोगों पर 3 वर्षों तक एक अन्य अध्ययन किया गया, जिसमें यह पाया गया कि जिन लोगों को ऑलिव ऑयल युक्त भोजन दिया गया उनके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की पर्याप्त मात्रा पाई गई तथा उनका वजन भी कम पाया गया । [25]

इन सभी अध्ययनो से यह निष्कर्ष निकलता है कि ओलिव ऑयल वजन तथा मोटापे को बढ़ने से रोकने में मददगार होता है ।

अल्जाइमर रोग को दूर करने में मददगार होता है ऑलिव ऑयल

अल्जाइमर रोग एक तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोग है । इस रोग का कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं में बेटा अब लाइट फ्लेक्स का निर्माण होना माना जाता है । चूहों के ऊपर किए गए एक अध्ययन में पाया गया की ओलिव ऑयल इंटेक्स के निर्माण को रोकता है । [26]

इसी प्रकार का एक अध्ययन मनुष्यों पर भी किया गया तथा पाया गया कि, ऑयल ऑयल का सेवन करने से मस्तिष्क में इस तरह की सेल का निर्माण होना बंद हो जाता है तथा मस्तिष्क अच्छे तरीके से कार्य करता है जिससे अल्जाइमर रोग में बहुत अच्छा आराम मिलता है । [27]

टाइप टू डायबिटीज को दूर करने में लाभदायक ऑलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल टाइप टू डायबिटीज से बचाव के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है । अध्ययनों से यह स्पष्ट हो चुका है कि ऑलिव आयल रक्त में ग्लूकोज के स्तर को कम रखने में तथा इंसुलिन के सामान्य स्तर को बनाए रखने के लिए बहुत अच्छी भूमिका निभाता है । [28 , 29]

हाल ही में 418 लोगों के ऊपर एक अध्ययन किया गया । इन सभी लोगों को ऑलिव ऑयल युक्त खाना दिया गया । बाद में यह पता चला इन लोगों में टाइप टू डायबिटीज का जोखिम 40% तक कम हुआ था । [30]

कैंसर को दूर करने में मददगार होता है ओलिव ऑयल

हृदय रोगों तथा स्ट्रोक के बाद दुनिया में लोग कैंसर से सबसे ज्यादा मरते हैं । जबकि एक अध्ययन में यह पाया गया कि भूमध्यसागरीय देशों में रहने वाले लोगों में कैंसर का खतरा बहुत कम होता है ।

अध्ययन करने के पश्चात निष्कर्ष में पता चला कि इन लोगों के द्वारा ओलिव आयल का सेवन पर्याप्त मात्रा में किया जाता है जिसके कारण इन लोगों में कैंसर का जोखिम काफी हद तक कम हो गया था । [31]

ऑलिव ऑयल में एंटी ऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो सूजन को दूर करते हैं तथा कैंसर को नष्ट करने में मददगार होते हैं । [32, 33]

रूमेटाइड अर्थराइटिस को दूर करने में मददगार होता है ओलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल में रूमेटाइड अर्थराइटिस अर्थात गठिया को दूर करने के गुण मौजूद होते हैं । जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया, ऑलिव ऑयल में सूजन रोधी गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह गठिया बाय में भी बहुत अच्छा फायदा पहुंचाता है ।

एक अध्ययन में यह पाया गया कि ओलिव ऑयल तथा मछली का तेल यदि एक साथ प्रयोग किया जाए तो यह जोड़ों के दर्द में बहुत अधिक फायदेमंद होते हैं, क्योंकि मछली के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो दर्द एवं सूजन को दूर करने में मददगार होते हैं । [34 , 35]

एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है ओलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर तो होता ही है साथ ही यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक जीवाणुओं को भी नष्ट करता है । हमारे पेट में Helicobacter pylori नाम का एक बैक्टीरिया मौजूद होता है जो पेट के अल्सर तथा कैंसर के लिए जिम्मेदार होता है ।

एक अध्ययन में यह पाया गया कि यदि 30 ग्राम ओलिव ऑयल को प्रतिदिन सेवन किया जाए तो हेलीकोबेक्टर पिलोरी बैक्टीरिया नष्ट हो जाता है तथा इसके कारण होने वाली बीमारियां भी धीरे-धीरे करके दूर होने लगती हैं । [36]

ओलिव ऑयल का मूल्य Olive Oil Price

ओलिव आयल का प्राइस 400/- प्रति लीटर से लेकर 1000/- प्रति लीटर तक होता है । यह आयल की क्वालिटी पर निर्भर करता है ।

निष्कर्ष Conclusion

एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल आपकी सेहत के लिए बहुत अधिक लाभदायक है । यह महंगा जरूर है लेकिन आपकी सेहत से बढ़कर नहीं है । आप थोड़ी मात्रा में या सप्ताह में एक-दो बार ऑलिव ऑयल का प्रयोग करते रहे, इससे आप बिल्कुल स्वस्थ रहेंगे । लेकिन ध्यान रखें अच्छी क्वालिटी का तथा एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल का ही प्रयोग करें ।

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