नागार्जुनाभ्र रस के फायदे गुण उपयोग और नुकसान Nagarjunabhra Ras ke fayde or nuksan

By | July 2, 2020

नागार्जुनाभ्र रस क्या है? Nagarjunabhra Ras kya hai?

नागार्जुनाभ्र रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से ह्रदय रोगों में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से हृदय से संबंधित रोग जैसे हृदय की अनियमित धड़कन, हृदय का बहुत तेज धड़कना या बहुत कम धड़कना, हृदय की कमजोरी एवं सभी प्रकार के दर्द विशेषकर सीने में होने वाला दर्द मे लाभ मिलता है ।

इसके अलावा यह औषधि पेट से संबंधित रोगों जैसे अम्लपित्त, अरुचि, अतिसार एवं अग्निमांद्य्य में भी लाभ पहुंचाती हैं । इस औषधि में अभ्रक भस्म एवं अर्जुन की छाल मौजूद होती है, इसलिए यह औषधि मलेरिया, रक्तपित्त एवं टीबी जैसे रोगों में भी लाभ पहुंचाती हैं ।

नागार्जुनाभ्र रस के घटक द्रव्य Nagarjunabhra Ras ke ghatak dravy

  • अभ्रक भस्म
  • अर्जुन की छाल का रस

नागार्जुन आम रस बनाने की विधि Nagarjunabhra Ras kaise banaye

इस औषधि को बनाने के लिए अभ्रक भस्म को अर्जुन की छाल के रस में 7 दिनों तक घोटा जाता है । तत्पश्चात एक एक रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा ली जाती हैं, इसे ही नागा अर्जुना बरस कहा जाता है ।

नागार्जुनाभ्र रस के फायदे Nagarjunabhra Ras ke fayde in hindi

यह औषधि हृदय रोगों को दूर करती हैं । इस औषधि का सेवन करने से सीने में होने वाले दर्द से राहत मिलती है । यह औषधि एनजाइना रोग में फायदा पहुंचाती है । पाचन तंत्र के रोगों जैसे अरुचि, अतिसार, अग्निमांद्य्य, उल्टी एवं संगृहनी में लाभ पहुंचाती है । इसका सेवन करने से मलेरिया में भी लाभ मिलता है । यह रक्तपित्त एवं टीबी रोग में सकारात्मक प्रभाव दिखाती है ।

नागार्जुनाभ्र रस मात्रा एवं सेवन विधि

इस औषधि की एक-एक गोली सुबह एवं शाम को शहद के साथ चाट कर सेवन करनी चाहिए ।

सावधानी एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है ।

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