मयूर चन्द्रिका भस्म (मयूर पुच्छ या पीछा भस्म) के फायदे गुण उपयोग एवं साइड इफ़ेक्ट Mayur Chandrika Bhasma ke fayde or nuksan

By | August 10, 2020

मयूर चन्द्रिका भस्म (मयूर पुच्छ या पीछा भस्म) क्या है? Mayur Chandrika Bhasma kya hai?

मयूर चंद्रिका भस्म (Mayur Chandrika Bhasma) जिसे मयूर पुच्छ भस्म या मयूर पीछा भस्म भी कहा जाता है एक आयुर्वेदिक औषधि है । यह भस्म मुख्य रूप से मतली एवं उल्टी को दूर करने के लिए प्रयोग की जाती है । यह एक सर्वोत्तम छर्दीहर आयुर्वेदिक औषधि है । इस दवा में आक्षेपनाशक गुण भी मौजूद होते हैं । मतली एवं उल्टी के अलावा यह औषधि हिचकी, खांसी एवं दमा में भी फायदा पहुंचाती है ।

आइए सबसे पहले इस औषधि के नाम के बारे में जान लेते हैं । इस औषधि के नाम में दो शब्द आते हैं मयूर एवं चंद्रिका । मयूर का अर्थ होता है मोर तथा चंद्रिका का अर्थ होता है चांद । इस औषधि का नाम मयूर चंद्रिका भस्म इसलिए रखा गया है, क्योंकि इस भस्म को मोर के पंख के चांद वाले हिस्से को भस्म बनाकर बनाया जाता है । मोर के पंख में जो सुनहरा चांद जैसा हिस्सा होता है उसे काट लिया जाता है तथा उससे ही यह भस्म बनाई जाती है । तो आइए जानते हैं यह कैसे बनती है ।

मयूर चंद्रिका भस्म को बनाने की विधि Mayur Chandrika Bhasma ko banane ki vidhi

मयूर चंद्रिका भस्म को बनाना बहुत ही आसान है । इसके लिए सबसे पहले मोर के पंख का बीच वाला सुनहरा हिस्सा काट लेते हैं तथा इन पर देसी घी लगाकर इनको जलाते हैं ताकि इनकी राख बन जाए । इसके बाद इस राख को खरल में अच्छी तरह घोट लेते हैं । इसे ही मयूर चंद्रिका भस्म कहते हैं । यह भस्म काजल की तरह काले रंग की होती है ।

नोट: यदि देसी घी ना हो तो, बिना घी के भी इन पंखो को जलाकर भस्म बनायीं जा सकती है ।

मयूर चंद्रिका भस्म के औषधीय गुण

मयूर चंद्रिका भस्म में निम्नलिखित औषधीय गुण मौजूद होते हैं ।

  1. छर्दिहर, छदिनिग्रहण – वमनरोधी
  2. हिक्का हर – हिचकी मारक
  3. सौम्य कासरोधक
  4. सौम्य ब्रांकोडायलेटर (श्वसनीविस्फारक)

मयूर चंद्रिका भस्म का फायदा Mayur Chandrika Bhasma ka fayda in hihdi

मयूर चंद्रिका भस्म को निम्न रोगों में के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है ।

  1. मतली एवं उल्टी
  2. हिचकी
  3. दमा श्वास

मयूर चंद्रिका भस्म का विभिन्न रोगों में अनुपान

मतली और उल्टी

मयूर चन्द्रिका भस्म में वमनरोधी क्रिया होती है। यह निम्नलिखित हर्बल संयोजन में प्रभावी है:

उपचार मात्रा
मयूर चन्द्रिका भस्म 250 मिलीग्राम *
कपूर कचरी 500 मिलीग्राम *
जहर मोहरा पिष्टी – Jahar Mohra Pishti 250 मिलीग्राम *
* शहद के साथ दिन में दो बार

अगर उल्टी खट्टी होती है और जलन के साथ बाहर आती है तो निम्नलिखित संयोजन बेहतर काम करता है:

उपचार मात्रा
मयूर चन्द्रिका भस्म 250 मिलीग्राम *
जहर मोहरा पिष्टी – Jahar Mohra Pishti 250 मिलीग्राम *
प्रवाल पिष्टी – Praval Pishti 250 मिलीग्राम *
मुक्ता शुक्ति पिष्टी 250 मिलीग्राम *
कपर्दक भस्म 125 मिलीग्राम *
* शहद के साथ दिन में दो बार

उपरोक्त संयोजन उल्टी के हल्के और मध्यम सभी मामलों में प्रभावी होते हैं। यदि उल्टी गंभीर है, तो इसके साथ सूतशेखर रस या लघु सूतशेखर रस की भी आवश्यकता हो सकती है।

हिचकी

मयूर चन्द्रिका भस्म में हिचकी मारक गुण होते हैं। हालांकि, यह पाया गया है कि इसका अकेले उपयोग किए जाने पर अच्छे परिणाम नहीं मिलते हैं। यह निम्न संयोजन में बेहतर काम करता है:

उपचार मात्रा
मयूर चन्द्रिका भस्म 250 मिलीग्राम *
जहर मोहरा पिष्टी – Jahar Mohra Pishti 250 मिलीग्राम *
पीपल वृक्ष के छाल की राख 250 मिलीग्राम *
पिप्पली 125 मिलीग्राम *
* शहद के साथ दिन में दो बार

दमा

दमा और श्वास सम्बन्धी परेशानियों के उपचार के लिए मयूर चन्द्रिका भस्म के साथ पुष्करमूल और पिप्पली चूर्ण का उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है।

मयूर चन्द्रिका भस्म 250 मिलीग्राम
पुष्करमूल 250 मिलीग्राम
पिप्पली चूर्ण 250 मिलीग्राम
शहद एक चम्मच
इस मिश्रण को दिन में दो बार लिया जाना चाहिए। दमे के तेज दौरे में इसे छोटी खुराकों में चाटना चाहिए और हर 5 मिनट बाद लेना चाहिए जब तक रोगी बेहतर ना महसूस करे। इस उपचार का तीन महीने का कोर्स दमे के रोगियों में अच्छा परिणाम देता है।

मात्रा और सेवन विधि

मयूर चन्द्रिका भस्म की सामान्य खुराक इस प्रकार है।

शिशु 30 से 60 मिलीग्राम *
बच्चे 60 से 125 मिलीग्राम *
वयस्क 125 से 250 मिलीग्राम *
गर्भावस्था 125 से 250 मिलीग्राम *
वृद्धावस्था 125 से 250 मिलीग्राम *
अधिकतम संभावित खुराक (प्रतिदिन या 24 घंटे में) 1000 मिलीग्राम (विभाजित मात्रा में)
* शहद के साथ दिन में दो बार

मयूर चन्द्रिका भस्म से सम्बंधित प्रश्न Questions related to Mayur Chandrika Bhasma in hindi

क्या मयूर चन्द्रिका भस्म (Mayur Chandrika Bhasma) को बच्चो को देना सुरक्षित है?

जी हाँ, मयूर चन्द्रिका भस्म को बच्चो को देना सुरक्षित है । छोटे बच्चो को होने वाली उलटी में अधिकतं संभावित खुराक 30 मिलीग्राम तक होती है ।

क्या गर्भवती महिलाओं (Pregnent Women) को मयूर पुच्छ भस्म (Mayur Chandrika Bhasma) को दिया जा सकता है?

गर्भवती महिलाओं को Pregnancy में मयूर पुच्छ दवा का सेवन कराना बिलकुल सुरक्षित होता है ।

क्या इस दवा का कोई साइड इफ़ेक्ट होता है?

जी नहीं ये बिलकुल सुरक्षित दवा है । इस दवा का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *