मकरध्वज वटी के फायदे कीमत (प्राइस) और नुकसान Makardhwaj Vati ke fayde or nuksan

By | June 10, 2020

मकरध्वज वटी क्या है? Makardhwaj Vati kya hai?

मकरध्वज वटी मात्र एक आयुर्वेदिक औषधि ही नहीं है बल्कि यह एक रसायन है, जिसे हम आयुर्वेद का वरदान मान सकते हैं । मकरध्वज वटी काफी बहुमूल्य औषधि है, जिसका सेवन करने से 20 प्रकार के प्रमेह, पुरुषों के धातु संबंधी रोग जैसे वीर्य का पतलापन, पेशाब के साथ धातु का जाना, स्वपनदोष, शीघ्रपतन, नपुंसकता, स्तंभन शक्ति की कमी, कमजोरी, आंखों का अंदर धंस जाना एवं आंखों के सामने अंधेरा छाना, सिर दर्द,  पेट अच्छी तरह साफ ना होना,  बार-बार बातों को भूलना, स्मृति भ्रम, नसों की कमजोरी आदि में बहुत अच्छा लाभ होता है ।

यह औषधि केवल पुरुषों के रोगों में ही फायदा नहीं पहुंचाती बल्कि महिलाओं की प्रदर रोग में भी बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है । इन सभी रोगों के अलावा मकरध्वज वटी का सेवन करने से मूत्र मार्ग संक्रमण जैसे पेशाब का बार बार आना, पेशाब का रुक रुक कर आना, मूत्र नली में दर्द होना,  सुजाक़ आदि रोगों में भी फायदा होता है ।

यह औषधि अत्यंत गुणकारी औषधि है जो बढ़ती हुई उम्र में रसायन की भांति सेवन की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से रोग एवं बुढ़ापा व्यक्ति के नजदीक नहीं आता है । इस औषधि की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है ।

मकरध्वज वटी के घटक द्रव्य Makardhwaj Vati ke ghatak dravy

  • मकरध्वज 28.25%
  • रस सिंदूर 16.70%
  • मल्ल सिंदूर 4.04%
  • जायफल (Myristica Fragrans) 9.74%
  • जावंत्री (Myristica Fragrans)10.70%
  • लौंग (Syzgium Aromaticum) 9.74%
  • कपूर (Dryobalanops Aromatica)9.74%
  • सफ़ेद मिर्च (Piper Nigrum) 9.74%
  • अभ्रक भस्म 0.15%
  • लोह भस्म 0.24%
  • शुद्ध कुचला (stychnos Nuk vomica)0.24%
  • चित्रकमूल (Plumbago Zeylanica)0.48%
  • Excipients Q.S.

मकरध्वज वटी के चिकित्सकीय उपयोग Makardhwaj Vati ke upyog

मकरध्वज वटी का सेवन करने से निम्न समस्याओं में लाभ मिलता है ।

  1. पुरुषों के धातु संबंधी रोग
  2. मूत्रमार्ग का संक्रमण
  3. महिलाओं का प्रदर रोग
  4. कामेच्छा में कमी
  5. शारीरिक दुर्बलता
  6. नींद ना आना
  7. पाचन तंत्र की गड़बड़ी

मकरध्वज वटी के फायदे Makardhwaj Vati ke fayde

स्वपनदो में लाभकारी मकरध्वज वटी night fall me labhkari makardhwaj vati

अधिकांश नवयुवक युवावस्था में हस्तमैथुन एवं अप्राकृतिक मैथुन के द्वारा अपना सत्यानाश कर लेते हैं, जिससे उनका वीर्य पतला हो जाता है एवं उन्हें बहुत ज्यादा स्वपनदोष (night fall) होने लगता है ।

ऐसे युवक दिन प्रतिदिन कमजोर होते चले जाते हैं, उनके मन में मायूसी छाई रहती है, आत्महत्या करने के विचार मन में आते हैं, शादी करने से डर लगता है इत्यादि । ऐसे नवयुवकों को यदि मकरध्वज वटी को चंद्रप्रभा वटी के साथ सेवन कराया जाए तो बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

शीघ्रपतन में लाभकारी मकरध्वज वटी shighrapatan me labhkari makardhwaj vati

यदि हस्तमैथुन, अप्राकृतिक मैथुन या बहुत ज्यादा स्त्री सहवास करने से शीघ्रपतन (premature ejaculation) की समस्या हो गई हो तथा वीर्य बहुत जल्दी डिस्चार्ज हो जाता हो, तो ऐसी स्थिति में मकरध्वज वटी को हिमालय कॉन्फीडो एवं न्यू टेंटेक्स फोर्ट के साथ सेवन करने से कमाल का फायदा होता है ।

यह जरूरी नहीं है किस शीघ्रपतन केवल अत्यधिक मैथुन से ही हो, कई बार इसका कारण मानसिक थकान, चिंता एवं खानपान की गड़बड़ी भी होती है । इसलिए शीघ्रपतन का उपचार करते समय अन्य बातों का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है ।

वीर्य दोष में लाभकारी मकरध्वज वटी Veerya dosh me labhkari makardhwaj vati

यदि वीर्य बहुत ज्यादा पतला हो गया हो एवं वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बहुत ज्यादा कम हो गई हो तो मकरध्वज वटी का सेवन कराने से लाभ मिलता है । वीर्य विकारों में मकरध्वज वटी को चंद्रप्रभा वटी एवं पुष्पधन्वा रस के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है ।

नपुंसकता में लाभकारी मकरध्वज वटी napunsakta me labhkari makardhwaj vati

जिन पुरुषों के लिंग में बिल्कुल भी तनाव ना आता हो तथा जो स्त्री संभोग करने के लायक ना हो, उन्हें मकरध्वज वटी को वसंत कुसुमाकर रस एवं शिलाजीत वटी के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है ।

नपुंसकता की स्थिति में लिंग की एक्सरसाइज करने का पंप का भी प्रयोग करना चाहिए, साथ ही हमदर्द का तिला डायनामोल का प्रयोग करने से भी कमाल का फायदा मिलता है ।

कामोत्तेजना बढ़ाने में लाभकारी मकरध्वज वटी Kamotejna me labhkari makardhwaj vati

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे व्यक्ति की कामोत्तेजना घटती जाती है । 40 साल की उम्र के बाद व्यक्ति की कामोत्तेजना बहुत ज्यादा कम हो जाती है । इसका कारण टेस्टोस्टरॉन के स्तर का कम होना होता है ।

ऐसी स्थिति में मकरध्वज वटी पुष्पधन्वा रस एवं कोच पाक के साथ सेवन करने से कामोत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है एवं व्यक्ति में 16 साल के लड़के जितना जोश आ जाता है ।

महिलाओं के प्रदर रोग में लाभकारी मकरध्वज वटी Pradar rog me labhkari makardhwaj vati

मकरध्वज वटी महिलाओं के प्रदर रोगों में बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है । इस औषधि का सेवन करने से महिलाओं का प्रदर रोग (लुकोरिया) में लाभ मिलता है ।

मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप में लाभकारी मकरध्वज वटी Sugar me labhkari makardhwaj vati

यह औषधि केवल धातु संबंधी विकार ही ठीक नहीं करती है बल्कि इसका सेवन करने से उच्च रक्तचाप एवं डायबिटीज जैसी बीमारी में भी बहुत अच्छा फायदा मिलता है ।

मकरध्वज वटी की कीमत

  • Baidanath 40 tablet price 150 Rs.
  • Dabur Makardhwaj Vati 40 Tablets 170 Rs. 

सेवन विधि एवं मात्रा

मकरध्वज वटी की एक से दो गोली दिन में दो बार सुबह एवं शाम भोजन के पश्चात ले । इसे दूध के साथ लेना चाहिए । दूध के अलावा इस औषधि को शहद, मक्खन या मलाई के साथ भी लिया जा सकता है ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । इस औषधि को गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को नहीं देना चाहिए ।

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