महावात विध्वंसन रस के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Mahavat Vidhwansan Ras ke fayde or nuksan

By | June 20, 2020

महावात विध्वंसन रस क्या है? Mahavat Vidhwansan Ras kya hai?

महावात विध्वंसन रस आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से गंभीर वात विकारों में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का वर्णन रस तंत्र सार व सिद्ध योग संग्रह में विस्तार पूर्वक किया गया है ।

इस औषधि का सेवन करने से रूमेटाइड गठिया, ओस्टियोआर्थराइटिस, गठियाबाय, हड्डियों एवं जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द या हड्डियों में सूजन होना, पैरालाइसिस एवं मिर्गी जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं ।

इन सभी रोगों में यह औषधि मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है । महावात विध्वंसन रस को दर्द निवारक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है ।

महावात विध्वंसन रस इन हिंदी Mahavat Vidhwansan Ras in hindi

महावात विध्वंसन रस में शुद्ध पारा, शुद्ध गंधक एवं वत्सनाभ सहित अन्य बहुत सी भस्में एवं जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं । इसलिए इस औषधि को सामान्य औषधि की भांति सेवन नहीं करना चाहिए । इस औषधि का सेवन करने के लिए चिकित्सक का परामर्श एवं देखरेख बहुत ज्यादा आवश्यक होती है ।

वत्सनाभ मौजूद होने के कारण इस औषधि में विषैला प्रभाव मौजूद होता है, जिस कारण इस औषधि को बहुत ही कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है । अधिक मात्रा में ज्यादा लंबे समय तक इस औषधि का सेवन करने से गंभीर दुष्परिणाम प्रकट हो सकते हैं ।

यह औषधि मस्तिष्क पर भी अपना प्रभाव डालती है । यही कारण है कि इस औषधि का सेवन करने से पैरालाइसिस, मिर्गी जैसे मानसिक वात विकार भी ठीक हो जाते हैं । इस औषधि की अधिक मात्रा का सेवन करने पर लो ब्लडप्रेशर की समस्या हो सकती हैं, रोगी को बेहोशी एवं चक्कर आना जैसी समस्या भी हो सकती है ।

यहां तक की ह्रदय पर भी इस औषधि का बहुत अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है । इसलिए इस औषधि को कभी भी अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए ।

महावात विध्वंसन रस के घटक द्रव्य Mahavat Vidhwansan Ras ke ghatak dravy

भावना द्रव्य (Q.S.)

  • त्रिकटु क्वाथ भावना 3 बार
  • त्रिफला क्वाथ भावना 3 बार
  • चित्रक मुला क्वाथ भावना 3 बार
  • भृंगराज भावना 3 बार
  • कूठ भावना 3 बार
  • निर्गुन्डी पत्र स्वरस भावना 3 बार
  • अर्का दुग्धा भावना 3 बार
  • अमलाकी भावना 3 बार
  • अर्द्राक भावना 3 बार
  • निंबू स्वरस भावना 3 बार

महावात विध्वंसन रस रस के गुणधर्म Mahavat Vidhwansan Ras ke gun in hindi

महावात विध्वंसन रस में निम्नलिखित चिकित्सकीय गुणधर्म मौजूद होते हैं ।

  1. वातनाशक
  2. एनाल्जेसिक
  3. एंटीइन्फ्लेमेटरी
  4. एंटीकोलिक

महावात विध्वंसन रस के चिकित्स के उपयोग Mahavat Vidhwansan Ras ke upyog in hindi

महावात विध्वंसन रस को निम्न रोगों के उपचार में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

  1. रूमेटाइड
  2. अर्थराइटिस
  3. ओस्टियोआर्थराइटिस
  4. जोड़ों का दर्द
  5. जोड़ों की सूजन
  6. नसों का दर्द
  7. पैरालाइसिस
  8. मिर्गी
  9. कोलिक दर्द
  10. अपस्मार
  11. मिर्गी
  12. बवासीर

महावात विध्वंसन रस के फायदे Mahavat Vidhwansan Ras ke fayde in hindi

वात नाशक महावात विध्वंसन रस

यह औषधि वात वृद्धि एवं वात नाड़ियों के क्षोभ को शांत करने वाली एक शामक औषधि है । इस औषधि में दर्द निवारक गुण मौजूद होते हैं । इस औषधि का सेवन करने से वात वृद्धि के कारण होने वाला पक्षाघात (पैरालाइसिस) रोग में लाभ मिलता है ।

आमवात नाशक महावात विध्वंसन रस

यदि आमवात की अधिकता के कारण रोगी के संधि स्थान में सूजन हो एवं रोगी को भयंकर पीड़ा महसूस होती हो तो ऐसी स्थिति में महावात विध्वंसन रस का सेवन कराने से रोगी को बहुत अच्छा लाभ मिलता है तथा रोगी बहुत ही थोड़े समय में दर्द से राहत महसूस करता है ।

यहां हम आपको एक विशेष बात बता देते हैं । यदि आमवात एवं संधिवात बहुत पुराना हो जाए तो ऐसी स्थिति में रोगी को योगराज गुग्गुल एवं गोक्षुरादि गुग्गुल का सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । महावात विध्वंसन रस को तब सेवन कराया जाता है जब रोगी को भयंकर पीड़ा हो रही हो ।

गठियाबाय का कारण केवल वात विकार ही नहीं है, इसका एक अन्य कारण आमदोष भी होता है । क्योंकि जब भोजन सही प्रकार से हजम नहीं होता है तो भोजन से आम उत्पन्न होता है । यह आम वात के साथ मिलकर आमवात बन जाता है । यही आमवात वास्तव में भयंकर पीड़ा उत्पन्न करता है । ऐसी स्थिति में महावात विध्वंसन रस आमवात को नष्ट करता है एवं दर्द में राहत पहुंचाता है ।

मानसिक रोगों में लाभकारी महावात विध्वंसन रस

यदि वातरोग के कारण रोगी को मानसिक विकार जैसे अपस्मार, उन्माद या कोई अन्य मनोरोग हो गया हो तो ऐसी स्थिति में महावात विध्वंसन रस का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

वातरोग के कारण होने वाले भयंकर सिर दर्द में महावात विध्वंसन रस का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । यह औषधि उदर शूल एवं कमर के दर्द में भी लाभ पहुंचाती है ।

साइटिका में लाभकारी महावात विध्वंसन रस

ग्रध्सी रोग जिसे साइटिका भी कहा जाता है मुख्य रूप से एक वात विकार है । इस रोग में व्यक्ति के कंधों, कमर एवं घुटनों से लेकर पैर की एड़ी तक दर्द की भयंकर लहर उठती है । रोगी ना तो बैठा जाता है ना ही चला फिर पाता है ।

अन्य रोगों में लाभकारी महावात विध्वंसन रस

यह औषधि समस्त प्रकार के कठिन से कठिन वात रोग एवं कफ प्रकोप के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों को दूर करने के लिए सुप्रसिद्ध है । यह औषधि ग्रहणी, सन्निपात, अपस्मार, मंदाग्नि, शरीर के शीतल होने, उदर में पित्त की वृद्धि होने पर, प्लीहा वृद्धि होने पर, कुष्ठ रोग होने पर, बवासीर होने पर एवं स्त्रियों के गर्भाशय में विकृति होने पर सफलतापूर्वक प्रयोग की जाती है ।

यहां तक की रोग की तीव्रता होने पर रोगी को बुखार भी हो जाता है । ऐसी स्थिति में महावात विध्वंसन रस को आम के मुरब्बा के साथ सेवन करने से बहुत ही अच्छा लाभ मिलता है । इसके साथ साथ विषगर्भ तेल में तारपीन का तेल एवं कपूर मिलाकर मालिश करने से भी दर्द में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

महावात विध्वंसन रस की सेवन विधि एवं मात्रा

इस औषधि को एक समय में 65 मिलीग्राम से 125 मिलीग्राम से अधिक नहीं देना चाहिए । यह मात्रा रोगी की उम्र एवं शारीरिक शक्ति पर निर्भर करती है । इस औषधि को अदरक के रस, शहद या घी के साथ दिया जा सकता है ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

  • इस औषधि में गंधक, पारा एवं वत्सनाभ जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जिससे यह औषधि विषैली प्रकृति की हो जाती है ।
  • ऐसी स्थिति में इस औषधि को बहुत ही कम मात्रा में एवं बहुत ही कम समय के लिए दिया जाता है ।
  • इस औषधि को बिना किसी योग्य चिकित्सक की सलाह के सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • इस औषधि की अधिक मात्रा का सेवन करने से निम्न दुष्प्रभाव प्रकट हो सकते हैं ।
    1. आंखों के सामने अंधेरा छा जाना
    2. सिर में दर्द होना
    3. हाथों पैरों का ठंडा पड़ जाना
    4. जीब का भारी हो जाना
    5. दिल का अनियमित रूप से धड़कना
    6. ब्लड प्रेशर कम हो जाना
    7. नाड़ी बंद हो जाना
    8. दिल घबराना
    9. पसीना एवं चक्कर आना

कहाँ से खरीदें?  Where to buy?

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