महारास्नादि काढ़ा (क्वाथ) के फायदे, बनाने की विधि, प्राइस एवं स्वास्थ्य लाभ – महारास्नादि क्वाथ या महारास्नादि काढ़ा एक शास्त्रोक्त आयुर्वेदिक औषधि है जिसका निर्माण क्वाथ विधि से किया जाता है । महारास्नादि काढ़ा का वर्णन आयुर्वेदिक ग्रंथ शारंगधर संहिता में किया गया है ।
महारास्नादि काढ़ा मुख्य रूप से दर्द निवारक औषधि के रूप में कार्य करता है । यह दवाई सर्वांगवात, संधिवात, आमवात, जोड़ों का दर्द, ग्रधसी (साइटिका), लकवा, आंत्र वृद्धि, वीर्य विकार तथा योनि विकार जैसी समस्याओं में सफलतापूर्वक प्रयोग की जाती है ।
यह औषधि माताओं एवं बहनों के गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में भी बहुत अच्छा फायदा पहुंचाती है । जिन माताओं बहनों का गर्भ बार-बार गिर जाता है तथा गर्भ में कमजोरी आ गई हो उन्हें किसी योग्य एवं अनुभवी चिकित्सक की देखरेख में महारास्नादि क्वाथ का सेवन कराना चाहिए । गर्भाशय की समस्याओं में गर्मपाल रस भी बहुत अच्छा लाभ पहुंचाता है ।
महारास्नादि क्वाथ मैं मौजूद दवाइयां शरीर में वात दोष को शांत करती हैं, जिससे वात दोष के कारण होने वाले दर्द में बहुत अच्छा आराम मिलता है । इस लेख में हम महारास्नादि क्वाथ के बारे में विस्तार से बात करेंगे ।
महारास्नादि काढ़ा के घटक द्रव्य
महारास्नादि क्वाथ को शास्त्रोक्त विधि से तैयार किया जाता है । इसमें निम्न घटक द्रव्य मौजूद होते हैं ।
- रासना
- धनव्यास
- बला
- एरंड मूल
- सटी
- देव दारू
- वासा
- बचा
- सुंठी
- चाविय
- हरिटकी
- मस्ता
- जल
- अश्वगंधा
- शतावरी
- पीपल आदि.
महारास्नादि क्वाथ को बनाने की विधि
महारास्नादि क्वाथ को बनाना ज्यादा कठिन नहीं है । इसे आप घर पर भी बना सकते हैं, लेकिन शर्त यही है कि आपको जड़ी बूटियों का सामान्य ज्ञान होना जरूरी है । महारास्नादि काढ़ा को बनाने की विधि इस प्रकार है ।
- सबसे पहले सभी जड़ी बूटियों को जोकूट कर ले, अर्थात दरदरा कूट लें तथा आपस में मिला ले ।
- निर्देशित मात्रा में पानी लें तथा इस पानी में सभी जड़ी बूटियों को मिला लें ।
- पानी को हल्की आंच पर गर्म करें ।
- जब पानी पक्ते पक्ते एक चौथाई रह जाए तो इसे आंच से उतारकर ठंडा होने के लिए रखते हैं ।
- ठंडा होने के पश्चात इसे छान लें तथा कांच की बोतलों में भरकर रख लें ।
- इसे ही महारास्नादि क्वाथ कहा जाता है ।
महारास्नादि क्वाथ के फायदे
- महारास्नादि क्वाथ सभी प्रकार के वात रोगों को दूर करता है, अर्थात यह सर्वांग बात की सर्वश्रेष्ठ ओषधि है ।
- इसका सेवन करने से अर्धांगवात तथा एकांगवात में भी लाभ मिलता है ।
- यह दवा आंतों की वृद्धि में लाभकारी होती है ।
- जोड़ों का दर्द, घुटनों का दर्द, बदन दर्द इत्यादि में यह दवा फायदा पहुंचाती है ।
- यह दवा आम दोष के कारण उत्पन्न होने वाले दर्द को दूर करती है ।
- यह पहले रक्त में मौजूद आम को नष्ट करती हैं, जिस कारण आमवात में भी आराम मिलता है ।
- यह महिलाओं के योनि विकार को दूर करती है तथा गर्भाशय को ताकत पहुंचाती है, जिससे महिलाओं में गर्भधारण करने की क्षमता बढ़ जाती है ।
- इस औषधि का सेवन करने से लकवा तथा गठिया जैसे रोगों में भी लाभ मिलता है ।
- यह ओषधि बांझपन में आराम पहुंचाती है ।
- इस औषधि के साथ महायोगराज गुग्गुल का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।
महारास्नादि क्वाथ किस प्रकार काम करता है
महारास्नादि क्वाथ में मौजूद जड़ी बूटियां रक्त में मौजूद दूषित आम को नष्ट कर देती हैं, जिस कारण आमदोष के कारण उत्पन्न होने वाला दर्द दूर होता है । महारास्नादि क्वाथ वायु को भी शांत करती है, जिस कारण वात के कारण उत्पन्न होने वाला दर्द दूर होता है तथा सभी प्रकार के दर्द में आराम मिलता है ।
महारास्नादि क्वाथ की सेवन विधि
महारास्नादि क्वाथ को 20 से 40 मिलीलीटर सुबह शाम पानी की समान मात्रा में मिलाकर भोजन के पश्चात अथवा चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन किया जाता है । महारास्नादि क्वाथ में ऐसी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं जिस कारण इस औषधि का स्वाद बहुत अधिक कड़वा होता है । यदि रोगी इसे ना पाए तो इसमें गुड़ मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है ।
महारास्नादि क्वाथ का मूल्य
महारास्नादि क्वाथ को आप किसी भी मेडिकल स्टोर से प्राप्त कर सकते हैं।। यह दवा डाबर, बैद्यनाथ, नागार्जुन, तथा पतंजलि अधिक कंपनी के द्वारा बनाई जाती है । इस औषधि की कीमत लगभग₹100 से ₹200 के बीच होती है ।
महारास्नादि क्वाथ के नुकसान
महारास्नादि क्वाथ पूर्ण रूप से सुरक्षित आयुर्वेदिक दवा है । अभी तक इस दवा का कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आया है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं ।
महारास्नादि काढ़ा से जुड़े सवाल और जवाब
Q1. महारास्नादि काढ़ा का सेवन कितने दिनों तक करना चाहिए?
Ans : महारास्नादि काढ़ा का सेवन लगातार 4 से 6 हफ्ते तक किया जा सकता है. इससे अधिक इसका सेवन करने के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
Q2. महारास्नादि काढ़ा का सेवन कब करना चाहिए?
Ans : महारास्नादि काढ़ा का सेवन खाना खाने के बाद करना चाहिए. खाना खाने से पहले इसका सेवन नहीं करना चाहिए. इससे आपको नुकसान हो सकता है.
Q3. क्या महारास्नादि काढ़ा के सेवन से मुझे इसकी लत लग सकती है?
Ans : नहीं. महारास्नादि काढ़ा के सेवन से लत नहीं लगती है. यह पूरी तरह सुरक्षित और पूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है.
Q4. क्या महारास्नादि काढ़ा सेवन शराब के साथ किया जा सकता है?
Ans : नहीं. महारास्नादि काढ़ा का सेवन शराब के साथ नहीं किया जा सकता है. महारास्नादि काढ़ा का शराब के साथ सेवन शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.
Q5. क्या महारास्नादि काढ़ा के सेवन के बाद ड्राइविंग किया जा सकता है?
Ans : हां. महारास्नादि काढ़ा का सेवन करने के बाद ड्राइविंग किया जा सकता हैं. यह इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है. क्यूंकि इसका सेवन करने के बाद नींद नहीं आती है.
Q6. क्या महारास्नादि काढ़ा का सेवन बच्चो के लिए सुरक्षित है?
Ans : महारास्नादि काढ़ा का सेवन केवल 5 साल से अधिक उम्र के बच्चो को ही कराना चाहिए. 5 साल से कम उम्र के बच्चो के लिए अर्जुनारिष्ट सिरप का सेवन सुरक्षित नहीं है.
Q7. क्या महारास्नादि काढ़ा का सेवन महिलाएं कर सकती है?
Ans : हां. महारास्नादि काढ़ा ( maharasnadi kwath ) का सेवन महिलाएं कर सकती है. लेकिन इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए. गर्भावस्था के दौरान महारास्नादि काढ़ा का सेवन करने से बचना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को महारास्नादि काढ़ा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
Q8. क्या महारास्नादि काढ़ा का सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है?
Ans : महारास्नादि काढ़ा ( maharasnadi kwath ) का सेवन हल्के गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है. पानी के साथ इसका सेवन करने किसी तेज़ का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है. यह पूरी तरह सुरक्षित है.
महारास्नादि काढ़ा कैसे खरीदें
इस दवा को आप ऑनलाइन नीचे दिए गए लिंक से माँगा सकते हैं।
Baidyanath Asli Ayurved Maharasnadi Kadha- 450 ml
दोस्तों , वैसे तो यह एक आयुर्वेदिक दवाई है। लेकिन हमारी आपको सलाह है की किसी भी दवा को प्रयोग करने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।