लोह भस्म क्या है ? लोह भसम के गुण फायदे उपयोग एवं दुष्प्रभाव Loh Bhasma ke fayde (benefits) in hindi

By | April 6, 2020

लोह भस्म क्या है ?

 
लोह भसम (Loh Bhasma) एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका निर्माण शास्त्रोक्त विधि के द्वारा किया जाता है । लोह भस्म को Baidyanath, Dabur, Zandu एवं Patanjali कंपनियों के द्वारा बनायीं जाती है । लोह भस्म अनेक बीमारियों को दूर करने में प्रयोग की जाती हैं । आइए इस लेख में हम जानते हैं कि लोह भस्म को प्रयोग करने से हमें क्या क्या लाभ मिलते हैं तथा इसके क्या क्या दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं ।
 
लोह  या लोहा भस्म आयरन का एक योगिक है जिसका सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है । यदि शरीर में खून की कमी हो गई हो जिसे एनीमिया भी कहा जाता है, तो लोह भस्म लेने से इसमें काफी लाभ मिलता है ।
 
शरीर में आयरन की कमी होने से कमजोरी, धातु संबंधी विकार, सूजन तथा लीवर की समस्याएं समाप्त हो जाती हैं । इसके अलावा मोटापा, बड़ी आंत के रोग, महिलाओं में प्रदर रोग, पेट में कीड़े होना, कुष्ठ रोग, पीलिया, अक्षय रोग, बुखार, हृदय रोग तथा बवासीर आदि अनेक रोग भी ठीक हो सकते हैं । इन सभी समस्याओं में किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में लोह भस्म को लेने से लाभ मिलता है ।
 
लोह भसम मुख्य रूप से एनीमिया, पीलिया तथा खून की कमी से होने वाली बीमारियों में मुख्य रूप से प्रयोग की जाती है । यदि आपका आहार-विहार संतुलित नहीं है, आप अपने भोजन में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं तो इससे शरीर में आयरन की कमी हो जाती है । जिससे आप ऊपर बताए गए किसी भी रोग से ग्रसित हो सकते हैं । इसलिए आप अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें । अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध तथा अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अवश्य करें ।

लोह भसम में ऐसे तत्व होते हैं जो रक्त की कमी के कारण एनीमिया आदि रोगों को दूर करते हैं तथा आपके पाचन तंत्र को भी मजबूती प्रदान करते हैं । जिससे लीवर को एक नई ऊर्जा मिलती है तथा पेट संबंधी विभिन्न रोगों में लाभ मिलता है ।
 
 

लोह भस्म हिंदी में Loh Bhasma in hindi


जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया लोह भसम लोहे अर्थात आयरन का एक ऑक्साइड है । लोह भस्म का प्रयोग पुराने बुखार, दम्मा, टीवी, वीर्य संबंधित रोगों मे, प्रदर रोग आदि में किया जाता है । यह सप्त धातु को पुष्ट करती है तथा रक्त में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या में वृद्धि करती है । इसी कारण लोह भस्म का प्रयोग पीलिया रोग में किया जाता है । आइए अब विस्तार से जानते हैं ।
 

लोह भसम के फायदे Loh Bhasma Benefits in Hindi


एनीमिया में लाभकारी लोह भस्म


लोह भसम का सबसे प्रमुख उपयोग एनीमिया अर्थात रक्ताल्पता में किया जाता है । लोह भस्म का सेवन करने से शरीर में नया खून बनता है तथा रक्त में आरबीसी अर्थात रेड ब्लड कॉरपसल्स (लाल रक्त कणिकाओं) का पुनर्निर्माण होता है ।
 
जिस कारण पांडुरोग में भी बहुत अधिक फायदा होता है । पांडु रोग अर्थात पीलिया में शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या कम हो जाती है तथा रक्त में श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है । लोहा भसम इस संतुलन को सही करता है तथा पांडु रोग में लाभ पहुंचाता है ।
 

सुजन में लाभकारी लोह भस्म


लोह भस्म शरीर की सूजन अर्थात सर्वांग शोथ में भी लाभकारी होती है । जब रक्त में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या कम हो जाती है तो ऐसे में पूरे शरीर में पानी भर जाता है तथा शरीर सूज जाता है । इस स्थिति में लोह भस्म का सेवन करने से बहुत अधिक लाभ मिलता है, क्योंकि लोह भस्म का सेवन करने से लाल रक्त कणिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है तथा शरीर में भरा हुआ पानी भी सूखने लगता है तथा सूजन धीरे-धीरे कम हो जाती है ।


वाजीकरण तथा शक्ति कारक


लोह भस्म पुरुषों की वीर्य संबंधित समस्याओं में भी बहुत अधिक लाभकारी सिद्ध हुआ है । लोह भस्म वाजी कारक एवं शक्ति वर्धक रसायन है, जिसका सेवन करने से वीर्य संबंधी अनेक दोषों में लाभ मिलता है ।
 

प्रदर रोग में लाभकारी


लोह भस्म का सेवन करने से महिलाओं के प्रदर रोग जैसे लिकोरिया में भी लाभ मिलता है । इसके अतिरिक्त गर्भाशय की सूजन, मासिक धर्म की गड़बड़ी में भी लोह भस्म का सेवन किया जा सकता है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क अवश्य करें ।
 

लोह भसम के फायदे

    • आयरन की कमी से एनीमिया
    • सामान्य दुर्बलता
    • यकृत वृद्धि
    • प्लीहा वृद्धि
    • हर्निया
    • स्वप्न दोष
    • नपुंसकता
    • खून बहने विकारों के कारण कमजोरी
    • अग्निमांध, अतिसार और अम्लपित्त
    • खुनी बवासीर
    • कृमि
    • त्वचा विकार
    • शरीर में सूजन
    • मेदोदोष

लोहा भस्म के नुकसान


यदि लोह भसम को चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन किया जाए तो इसका किसी प्रकार का दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं होता है । लेकिन यदि इसकी   अनिश्चित मात्रा सेवन कर ली जाए तो इससे हमारे शरीर में निम्नलिखित दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं ।
 
    • कब्ज की समस्या हो सकती है
    • गैस बनना
    • उल्टी आना तथा अन्य पाचन संबंधी समस्याएं
    • मुंह का स्वाद खराब हो सकता है
    • शरीर में लाल रंग के दाने या चकत्ते पड़ सकते हैं
    • नींद आने की समस्या भी हो सकती है
 

सेवन विधि और मात्रा Dosage and Directions


लोह भसम की 125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम तक की मात्रा दिन में दो बार सुबह-शाम ली जा सकती है । इसे ताजे पानी के साथ ले सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।
 
 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *