लोध्रासव के फायदे और नुक्सान Lodhrasava ke fayde or nuksaan

By | May 17, 2020

लोध्रासव क्या है? Lodhrasava kya hai?

लोध्रासव एक आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधि है जिसका उपयोग मूत्र संबंधी रोगों के साथ साथ महिलाओं के गर्भाशय से संबंधित रोगों में भी किया जाता है । लोध्रासव आयुर्वेद जगत की एक सुप्रसिद्ध औषधि है एवं महिलाओं के प्रदर रोगों के साथ-साथ मूत्र संबंधी विकारों में प्रयोग की जाती है ।

यह औषधि आसव विधि से तैयार की जाती है तथा इस औषधि में 5% से 10% तक सेल्फ जेनरेटेड अल्कोहल होता है ।यह औषधि महिलाओं एवं पुरुषों के मूत्र संबंधी रोगों जैसे पेशाब में जलन होना पेशाब का रुक रुक कर आना या बार बार आना एवं मूत्र संस्थान में संक्रमण हो जाना आदि में लाभकारी है ।

यह दवा महिलाओं के रक्त प्रदर, श्वेत प्रदर, गर्भाशय से अत्यधिक रक्तस्राव होना, गर्भाशय का कमजोर हो जाना जिससे जिससे बार-बार गर्भ का गिर जाना आदि समस्याओं में फायदेमंद है । यह औषधि महिलाओं के गर्भाशय के लिए एक टॉनिक की तरह कार्य करती है । इस औषधि का प्रमुख घटक द्रव्य लोध होता है इसीलिए इस औषधि को लोदरा सब कहा जाता है ।

लोध्रासव के घटक द्रव्य Lodhrasava ke ghatak dravy

  • लोध्रा (Symplocos racemosa), कचूर, पुष्करमूल, इला, मुरवा, विडंग, आमला, हरीतकी, विभीतकी (आमला + हरीतकी+ विभीतकी=त्रिफला), अजवाइन, चव्य, प्रियंगु, सुपारी, इन्द्रायण रूट्स, चिरायता, कुटकी, भारंगी, टगर, चित्रक, पिप्पलामूला, कूठ, अतीस, पाठा, इन्द्रजौ, नागकेशर, इन्द्रायण, नखी,  तेजपत्र, काली मिर्च, दालचीनी और मोथा।
  • धाय पुष्प
  • शहद या गुड़ Honey or Jaggery

लोध्रासव के औषधीय गुणधर्म Lodhrasava ke aushdhiy gundharm

  • रक्त प्रदर नाशक: इस औषधि का सेवन करने से रक्त प्रदर दूर होता है
  • श्वेत प्रदर नाशक: अर्थात श्वेत प्रदर को नष्ट करने वाली औषधि
  • कफ नाशक कफ: को नष्ट करने वाली औषधि
  • रक्तस्तंभक: चोट लगने पर रक्त स्राव को शीघ्र रोकने वाली औषधि
  • प्रमेह नाशक: सभी प्रकार के प्रमेह एवं मूत्र रोगों में लाभकारी

लोध्रासव के फायदे Lodhrasava ke fayde

  • इस औषधि का सेवन करने से गुर्दे (किडनी), गर्भाशय एवं यकृत लीवर संबंधी रोगों में फायदा होता है ।
  • महिलाओं के गर्भाशय से होने वाले अनियमित रक्त स्राव(रक्त प्रदर) में लाभकारी ।
  • गर्भाशय को बल प्रदान करने वाली औषधि जिससे बांझपन में लाभ होता है ।
  • इस औषधि का सेवन करने से पित्त एवं कफ दोष दूर होते हैं ।
  • यह औषधि बांझपन इनफर्टिलिटी इस समस्या को दूर कर महिलाओं को नवजीवन प्रदान करती है ।
  • यह औषधि रक्तशोधक अर्थात ब्लड प्यूरीफायर के रूप में कार्य करती है, जिस कारण त्वचा संबंधी रोगों में भी इस औषधि के सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं ।

सेवन विधि और मात्रा Sevan vidhi or maatra

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 6 से 12 मिलीलीटर
वयस्क 12 से 24 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां Saavdhaaniya

यह औषधि एक हार्मोनल औषधि है अर्थात यह महिलाओं एवं पुरुषों के हारमोंस को प्रभावित करती है । इस औषधि का सेवन करने से पुरुष हारमोंस कम होते हैं इसलिए पुरुषों को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । यह औषधि स्त्री रोगों की एक प्रमुख दवा है एवं इस औषधि को खाली पेट नहीं लेना चाहिए ।

यह एक हार्मोनल दवा है, इसलिए इस दवा का प्रयोग पुरुषों को कम ही करना चाहिए । इस दवा के प्रयोग से पुरुष हारमोंस कम होते हैं । दवा के सेवन के दौरान गरिष्ठ भोजन, घी, दूध, चीनी, चावल, आदि का सेवन न करें।

उपलब्धता Uplabhdta

इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।

  1. बैद्यनाथ Baidyanath Lodhrasav
  2. डाबर Dabur Lodhrasava Madhwasava
  3. मुल्तानी Multani Lodhrasava
  4. सन्डू Sandu Lodhrasav
  5. कोट्टाकल Kottakkal Arya Vaidya Sala Lodhra Asavam
  6. AVP Lodhrasavam इत्यादि।

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