कुटजघन वटी के गुण उपयोग फायदे घटक और नुकसान kutajghan vati ke fayde or nuksan

By | June 10, 2020

कुटजघन वटी क्या है? Kutajghan Vati kya hai?

कुटजघन वटी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो कुटज नामक जड़ी बूटी से बनाई जाती है । कुटजघन वटी का प्रमुख घटक द्रव्य कुटजघन नामक पेड़ की छाल होती है । इसके अलावा कुटजघन वटी में अतीश या अतिविशा औषधि का प्रयोग भी किया जाता है । कुटजघन वटी का वर्णन सिद्ध योग संग्रह नामक ग्रंथ में अतिसार प्रवाहिका ग्रहणी रोग अधिकार में किया गया है ।

कुटजघन वटी मुख्य रूप से बड़ी आत से संबंधित रोगों में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से कोलाइटिस, पतले दस्त, आंतों का इन्फेक्शन, इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, डायरिया आदि समस्याओं में बहुत अच्छा फायदा मिलता है । इसके अलावा कुटजघन वटी अन्य कुछ बीमारियों में भी पैदा करती है । तो आइए जानते हैं कुटजघन वटी के बारे में ।

कुटजघन वटी के घटक द्रव्य Kutajghan Vati ke ghatak dravy

कुटजघन वटी के फायदे Kutajghan Vati ke fayde

पेचिश में लाभकारी कुटजघन वटी Pechisme labhkari kutajghan vati

यदि रोगी को बार बार दस्त आते हो तथा दस्त के साथ खून भी आता हो, जिसे पेचिश कहा जाता है तो ऐसी स्थिति में कुटजघन वटी को मुख्य औषधियों के साथ प्रयोग करने से लाभ मिलता है ।

कब्ज में लाभदायक कुटजघन वटी constipation me labhkari kutajghan vati

आज के समय में अनियमित खानपान, रहन सहन एवं दिनचर्या के कारण लोगों का पाचन तंत्र बहुत ज्यादा खराब हो गया है, जिस कारण उन्हें कब्ज रहती है । ऐसी स्थिति में कुटजघन वटी को सेवन करने से लाभ मिलता है । कब्ज की स्थिति में रात्रि को सोते समय भोजन करने के पश्चात गर्म पानी से एक चम्मच पंचसाकर चूर्ण लेने से बी बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

डायरिया में लाभदायक कुटजघन वटी diarrhea me labhkari kutajghan vati

कुटजघन वटी दस्त एवं डायरिया जैसे रोगों में फायदेमंद होती है । डायरिया गंदे पानी का सेवन करने के कारण होता है । गंदा पानी पीने से बड़ी आत में अमीबा के कारण संक्रमण पैदा हो जाता है, जिससे रोगी को डायरिया हो जाता है । ऐसी स्थिति में कुटजघन वटी सेवन करने से अमीबा के कारण संक्रमण दूर होता है तथा डायरिया में लाभ मिलता है ।

अपच की समस्या में लाभकारी कुटजघन वटी Apach me labhkari kutajghan vati

कुटजघन वटी का सेवन करने से यकृत से पाचक रसों का स्राव सही मात्रा में होता है, जिससे अपच या बदहजमी जैसी समस्या में लाभ मिलता है ।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में लाभकारी कुटजघन वटी IBS me labhkari kutajghan vati

यदि रोगी के पेट में दर्द के साथ बार बार दस्त आते हो एवं पेट में मरोड़ होता हो तथा गैस बनती हो तो ऐसी स्थिति में कुटजघन वटी का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

अन्य रोगों में लाभकारी कुटजघन वटी kutajghan vati ke fayde any rogon me

  1. कुटजघन वटी का सेवन करने से शारीरिक सूजन (सर्वांग शोथ) दूर होता है ।
  2. कुछ लोगों को बहुत ज्यादा पसीना आता है । बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या को दूर करने के लिए कुटजघन वटी का सेवन किया जा सकता है ।
  3. कुटजघन वटी में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को दूर करने में लाभदायक होती है ।
  4. कुटजघन वटी मल में आव या म्यूकस को बनने से रोकती है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

  • कुटजघन वटी की दो गोली से चार गोली दिन में तीन से चार बार गुनगुने पानी से ली जा सकती है ।
  • बच्चों एवं वृद्धों को एक से दो गोली दिन में दो से तीन बार दी जा सकती है ।
  • अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

सामान्यतः कुटजघन वटी का कोई दुष्प्रभाव नहीं है तथा इसे प्रत्येक उम्र के लोगों के द्वारा सेवन किया जा सकता है । इस औषधि को गर्भावस्था में सेवन करने से कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है । कुटजघन वटी को निम्न परिस्थितियों में सेवन नहीं करना चाहिए ।

  • सिर में गंभीर चोट लगने पर
  • फेफड़ों में ट्यूमर होने पर
  • मानसिक विकार होने पर
  • किसी प्रकार की एलर्जी होने पर
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