कुटजारिष्ट सिरप के फायदे और नुक्सान Kutajarishta Syrup uses and benefits in hindi

By | May 2, 2020

कुटजारिष्ट सिरप क्या है? What is kutajarishta syrup

कुटजारिष्ट सिरप एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से पेट की बीमारियों जैसे अतिसार, रक्त अतिसार, पेचिश, मंदाग्नि एवं संग्रहणी जैसी बीमारियों में प्रयोग की जाती है । कुटजारिष्ट को किण्वन विधि के द्वारा तैयार किया जाता है इसलिए इस औषधि में थोड़ी बहुत मात्रा में प्राकृतिक शराब अर्थात सेल्फ जेनरेटेड अल्कोहल भी होता है । इसीलिए यह शरीर में बहुत जल्दी अवशोषित होती हैं तथा बहुत अच्छा कार्य करती है ।

आज के आधुनिक समय में लोगों का खान-पान और रहन-सहन अनियमित हो गया है, जिस कारण इस अनियमित आहार विहार का सीधा प्रभाव व्यक्ति के पाचन तंत्र पर पड़ता है । खाया पिया हजम नहीं होता है, जिसके अनेकों दुष्परिणाम निकलते हैं ।

जैसे अपच होने के कारण आमविष का बनना एवं उदर से संबंधित अनेकों रोगों का व्यक्ति को घेर लेना इत्यादि । कुछ परिस्थितियों में अनियमित खान-पान के कारण व्यक्ति को पेचिश एवं संग्रहणी जैसी बीमारियां घेर लेती हैं । ऐसी स्थिति में कुटजारिष्ट का सेवन कराने से बहुत अधिक लाभ मिलता है ।

कुटजारिष्ट के घटक द्रव्य Kutajarishta Syrup Ingredients in hindi

  • कुटज की छाल 4.8 kg
  • द्राक्षा 2.8 kg
  • महुआ 480 g
  • गंभारी 480 g
  • पानी को काढ़ा बनाने के लिए 49.152 liter reduced to 12.288 liter
  • गुड 4.8 kg
  • धातकी 960 g

कुटजारिष्ट बनाने की विधि how to prepare Kutajarishta Syrup

कुटजारिष्ट बनाने की विधि बहुत ही आसान है । इसके लिए सबसे पहले आप कुटज की छाल, मुनक्का, महुआ के फूल एवं गंभारी की छाल, इन चारों द्रव्यों को अच्छी तरह साफ कर लें एवं मोटा मोटा कूट लें, जिसे दरदरा कूटना भी कहा जाता है ।

इसके पश्चात 8 लीटर पानी में सभी जड़ी बूटियों को डालकर अच्छी तरह उबालें । जब पाली 2 लीटर शेष रह जाए तब इस पात्र को अग्नि से उतारकर ठंडा होने के लिए रखते हैं । ठंडा होने पर सभी जड़ी बूटियों को खूब अच्छी तरह मसलें एवं इसमें ऊपर दी गई मात्रा के अनुसार गुड एवं धाय के फूल डालकर मिश्रण को अच्छी तरह हिलाएं ।

इसके पश्चात इस पात्र को वायु रोधी तरीके से बंद कर दें तथा 30 से 45 दिनों के के लिए इस पात्र को किसी सुरक्षित स्थान पर रखें । 45 दिनों के पश्चात इस द्रव्य को छानकर कांच की शीशी में भरकर रख लें, कुटजारिष्ट बनकर तैयार है ।

कुटजारिष्ट के चिकित्सकीय उपयोग Kutajarishta Syrup uses in hindi

  • कुटजारिष्ट उदर व्याधियों की एक सर्वश्रेष्ठ औषधि है ।
  • इस औषधि का सेवन करने से अतिसार, रक्त अतिसार, पेचिश, मंदाग्नि, बुखार एवं संग्रहनी जैसी बीमारियां दूर होती हैं ।
  • इसके अतिरिक्त इस औषधि का सेवन करने से बच्चों में होने वाली कफ जनित खांसी में भी लाभ मिलता है ।

कुटजारिष्ट के फायदे Kutajarishta Syrup benefits in hindi

संग्रहणी रोग में लाभदायक कुटजारिष्ट

कुटजारिष्ट संग्रहणी रोग की एक सफल एवं सुप्रसिद्ध ओषधि है । संग्रहणी एक भयंकर बीमारी है जिसमें रोगी को पेट में मरोड़ होती है एवं बार-बार दस्त आते हैं । कुछ परिस्थितियों में रोगी को बुखार भी होता है एवं सिर में दर्द भी रहता है ।

संग्रहणी की बीमारी मुख्य रूप से वर्षा काल में होती है । वर्षा काल में कीटाणुओं के संक्रमण के कारण संग्रहणी की समस्या हो जाती है । ऐसी स्थिति में रोगी को पेट में बार-बार दर्द के साथ मरोड़ होते हैं और पतला पतला दस्त होता है तथा दस्त में चिपक बहुत ज्यादा होती है ।

ऐसी स्थिति में कुटजारिष्ट को बराबर मात्रा में गुनगुना पानी मिलाकर दिन में दो से तीन बार देने से लाभ मिलता है । यदि बीमारी बहुत तीव्र हो अर्थात दस्त की आवृत्ति बहुत ज्यादा हो तो कुटजारिष्ट को 5 चम्मच तक भी समान मात्रा में पानी मिलाकर तीन 3 घंटे के अंतराल पर दे सकते हैं ।

यदि मरोड़ भी हो तो कुटजारिष्ट के साथ सर्वांग सुंदर रस एवं कनक सुंदर रस का उपयोग किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में कराने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है ।

दस्त एवं पेचिश में लाभकारी कुटजारिष्ट

कुटजारिष्ट सामान्य पेचिश एवं खूनी पेचिश में लाभकारी होती है । इसका सेवन करने से आंतों को बल मिलता है एवं पेचिश की समस्या ठीक होती है । पेचिश की समस्या मुख्य रूप से दूषित भोजन व पानी के कारण होती है, जिसमें व्यक्ति को बहुत ज्यादा दस्त हो जाते हैं । पेचिश का एक अन्य कारण अमीबा के कारण होने वाली एमेबिक डिसेंट्री भी होती है । इस स्थिति में कुटजारिष्ट बहुत अच्छा फायदा करते हैं ।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) में लाभकारी कुटजारिष्ट

आईबीएस अर्थात इरिटेबल बाउल सिंड्रोम बड़ी आत की बीमारी है । इस बीमारी में रोगी के पेट में दर्द रहता है, पेट में सूजन आ जाती है एवं बार-बार दस्त होते हैं या कब्ज भी हो सकती है । इस स्थिति में कुटजारिष्ट का सेवन करने से लाभ मिलता है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 5 मिलीलीटर
वयस्क 10 से 20 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

कुटजारिष्ट के नुकसान Kutajarishta Syrup side effects in hindi

सामान्यता कुटजारिष्ट का कोई नुकसान नहीं देखा गया है । लेकिन अधिक मात्रा में लेने पर इसके कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे जी मिचलाना, उल्टी होना एवं कब्ज होना । इसलिए इस ओषधि को आप अपने चिकित्सक की देखरेख में ही सेवन करें ।

निर्माता  Famous brands

कुटजारिष्ट, डाबर, श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन, पतंजलि दिव्य फार्मेसी, सांडू, Oushadhasala (Kutajarishtam), केरल आयुर्वेद (Kutajarishtam), कोट्टाकल (Kutajarishtam) और कुछ अन्य फार्मेसियों द्वारा निर्मित है।

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