कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के फायदे और नुकसान Kukkutandatvak Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 29, 2020

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म क्या है? Kukkutandatvak Bhasma kya hai?

कुक्कुटांड़त्वक भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुर्गी के अंडों के छिलकों से तैयार की जाती है । संस्कृत में मुर्गी को कुक्कुट कहा जाता है तथा मुर्गी के अंडे के छिलकों को अंडात्वक कहा जाता है । इस प्रकार कुक्कुट-अंडात्वक का अर्थ हुआ मुर्गी के अंडे के छिलके ।

मुर्गी के अंडे के छिलकों में कैल्शियम कार्बोनेट बहुत अधिक मात्रा में होता है, इसलिए इस भस्म में कैल्शियम की बहुत अधिक मात्रा होती है । यही कारण है इस औषधि का प्रयोग कमजोर हड्डियों वाले रोगियों को कराया जाता है ।

इसके अलावा इस औषधि का सेवन करने से हड्डियों के घनत्व में सुधार आता है, महिलाओं की मासिक धर्म की समस्या, श्वेत प्रदर अर्थात लिकोरिया में फायदा पहुंचाती है । यह औषधि मूत्र संक्रमण में फायदा करती है एवं जिन रोगियों को बार-बार पेशाब आता हो उन्हें यह औषधि चंद्रप्रभा वटी के साथ देने से लाभ मिलता है । यह वीर्य वर्धक एवं धातु वर्धक औषधि है तथा इसके सेवन से वीर्य में कीटाणुओं की संख्या अर्थात स्पर्म काउंट भी बढ़ता है ।

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के घटक द्रव्य Kukkutandatvak Bhasma ke ghatak dravy

  • मुर्गी के सफेद अंडे के छिलके
  • चंगेरी पौधे कारस

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म की निर्माण विधि

  • कुक्कुटांड़त्वक भस्म को बनाने के लिए सबसे पहले मुर्गी के सफेद अंडों के छिलकों को लिया जाता है तथा उन्हें दरदरा अर्थात मोटा मोटा कूट लेते हैं ।
  • इसके पश्चात इन छिलकों को किसी बड़े से मिट्टी के बर्तन (मटका) में रख देते हैं तथा इस बर्तन में चंगेरी के पौधे का इतना रस भरा जाता है कि सारे छिलके इस रस में अच्छी तरह डूब जाए ।
  • इसके पश्चात इस मिट्टी के बर्तन का मुंह बंद कर देते हैं तथा संधि लेप लगा देते हैं ताकि इस पात्र में वायु प्रवेश न कर सके ।
  • इसके पश्चात इसे गज फुट करते हैं तथा इसकी भस्म बना लेते हैं । ठंडा हो जाने के पश्चात बर्तन को खोल कर देखते हैं कि भस्म बन गई है या नहीं ।
  • यदि भस्म नहीं बनी है तो दोबारा से चंगेरी के पौधे का रस भरकर गज पुट करते हैं एवं भस्म बनाते हैं ।
  • यह प्रक्रिया तब तक दोहराते हैं जब तक अंडे के छिलकों की भसम बनकर तैयार ना हो जाए ।
  • चंगेरी के पौधे का रस डालने से अंडे के छिलकों में पाई जाने वाली औषधियां एवं विषैले पदार्थ नष्ट हो जाते हैं तथा यह भस्म उपयोग करने के लायक हो जाती है ।

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म का रासायनिक संगठन

इस औषधि में 95% कैलशियम कार्बोनेट तथा 5% कैल्शियम फास्फेट मैग्निशियम कार्बोनेट एवं घुलनशील व अघुलनशील प्रोटीन मौजूद होते हैं ।

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के चिकित्सकीय उपयोग Kukkutandatvak Bhasma uses in hindi

  • यह औषधि कैल्शियम का बहुत ही अच्छा स्रोत होती है । इसका सेवन करने से हड्डियों के घनत्व में सुधार होता है एवं हड्डियां मजबूत होती हैं ।
  • यह महिलाओं के श्वेत प्रदर (लिकोरिया) में लाभकारी होती है ।
  • महिलाओं की मासिक धर्म की गड़बड़ी एवं अनियमितता में लाभकारी होती है ।
  • मूत्र संक्रमण में लाभकारी होती है ।
  • जोड़ों के दर्द एवं शारीरिक शक्ति को बढ़ाने में लाभकारी होती है ।
  • यह धातु वर्धक बल्य एवं रसायन है ।
  • यह स्पर्म काउंट को बढ़ाने वाली औषधि है ।
  • इसके सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है ।

कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के फायदे Kukkutandatvak Bhasma ke fayde

कैल्शियम की कमी दूर करने में लाभदायक कुक्कुटांड़त्वक भसम

यह भस्म कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए एक टॉनिक की तरह प्रयोग की जाने वाली औषधि है । इस औषधि का सेवन करने से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है जिससे हड्डियां मजबूत हो जाती हैं एवं यह दांतो को भी मजबूत करती है ।

जिन लोगों को की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया हो एवं जोड़ों में दर्द रहता हो उन्हें इस भस्म का सेवन करने से लाभ मिलता है।। यह औषधि ऑस्टियोपोरोसिस, फ्रैक्चर, ओस्टियोआर्थराइटिस, हड्डियों में दर्द एवं गठियाबाय जैसे रोग में फायदा करती है ।

स्त्री रोग में लाभकारी कुक्कुटांड़त्वक भस्म

यह भस्म स्त्रियों के प्रदर रोग जिसे आम भाषा में लिकोरिया कहा जाता है मैं बहुत अधिक फायदा करती है । इस रोग में महिलाओं की योनि से सफेद रंग का चिपचिपा पदार्थ निकलता रहता है जिससे महिलाएं धीरे धीरे कमजोर होती चली जाती हैं । यदि इस रोग का समय पर इलाज ना किया जाए तो महिलाओं की सुंदरता नष्ट हो जाती है ।

मर्दाना कमजोरी में लाभकारी कुक्कुटांड़त्वक भस्म

यह औषधि पुरुषों की मर्दाना कमजोरी जैसे वीर्य का पतलापन, पेशाब में धातु का जाना, स्वपनदोष एवं शीघ्रपतन जैसी समस्याओं में फायदेमंद होती है । जिन पुरुषों का वीर्य पानी की तरह पतला हो गया हो उन्हें इस औषधि को मुख्य औषधियों के साथ सहायक औषधि के रूप में सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

मूत्र संक्रमण में लाभकारी कुक्कुटांड़त्वक भस्म

यह औषधि महिलाओं एवं पुरुषों दोनों के ही मूत्र संक्रमण में बहुत अच्छा फायदा करती है । जिन लोगों को बार-बार पेशाब आता हो, पेशाब रुक रुक कर आता हो, पेशाब बूंद बूंद करके आता हो उन्हें इस औषधि को चंद्रप्रभा वटी के साथ सेवन कराने से बहुत अच्छा फायदा मिलता है ।

बालों के रोगों में लाभकारी कुक्कुटांड़त्वक भस्म

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि इस भस्म में कैल्शियम कार्बोनेट के अलावा प्रोटीन भी मौजूद होता है, इसलिए यह भस्म बालों की समस्याओं जैसे गंजापन, बालों का झड़ना एवं बालों का असमय सफेद होना जैसी समस्याओं में बहुत अच्छा फायदा करती है ।

रोग एवं अनुपान

इस औषधि को अलग-अलग रोगों में अलग-अलग औषधियों के साथ अलग-अलग मात्रा में देने से ही लाभ मिलता है । हमने नीचे कुछ रोग एवं उनके अनुपान का वर्णन किया है

  • मूत्र संक्रमण में चंद्रप्रभा वटी के साथ
  • प्रमेह रोग में वंग भस्म एवं मलाई के साथ
  • पुरुषों के धातु विकार एवं वीर्य दोषों में इलायची चूर्ण एवं कांतलोह भस्म के साथ
  • स्त्रियों के प्रदर रोग में बिना किसी औषधि के साथ
  • प्रसव के पश्चात प्रताप लंकेश्वर रस एवं अनार के रस के साथ

सेवन विधि एवं मात्रा Dosage & Directions

न्यूनतम प्रभावी मात्रा 125 मिलीग्राम *
मध्यम खुराक (वयस्क) 125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम *
मध्यम खुराक (बच्चे) 125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम *
अधिकतम संभावित खुराक 1000 मिलीग्राम **

* एक दिन में दो बार ** एक दिन में तीन बार

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, लेकिन फिर भी इस औषधि को आप डॉक्टर की सलाह के बिना सेवन ना करें । इस औषधि को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए । कैल्शियम युक्त होने के कारण इस औषधि का सेवन अधिकतम 3 माह से 6 माह तक ही करना चाहिए । गर्भावस्था में इस औषधि का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए ।

One thought on “कुक्कुटाण्डत्वक भस्म के फायदे और नुकसान Kukkutandatvak Bhasma ke fayde or nuksaan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *