कृमि कुठार रस के गुण उपयोग फायदे घटक एवं नुकसान Krimikuthar Ras ke fayde or nuksan

By | June 19, 2020

कृमि कुठार रस क्या है? Krimikuthar Ras kya hai?

कृमि कुठार रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से पेट एवं आंतों के कीड़ों को नष्ट करने के लिए प्रयोग की जाती है । दूषित खान पान एवं जल पीने से शरीर में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं एवं कई बार इन बैक्टीरिया में सूक्ष्म कृमि भी होते हैं जो बड़ी आत से चिपक जाते हैं तथा प्रजनन शुरू कर देते हैं एवं बड़ी तेजी से अपनी संख्या को बढ़ाना शुरू कर देते हैं ।
शुरू शुरू में व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसके पेट में कीड़े हो गए हैं, लेकिन बाद में जब व्यक्ति को उल्टी होती है, मन खराब होता है, खाया पिया हजम नहीं होता, भूख या तो बहुत ज्यादा लगती है या बिल्कुल ही नहीं लगती, पेट फूल जाता है, तो ऐसी स्थिति में रोगी को महसूस होता है कि शायद उसके पेट में कीड़े हो गए हैं ।

कृमि कुठार रस एक ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है । कृमि कुठार रस में पलाश के बीज, कुटज एवं वत्सनाभ जैसी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं, जिस कारण यह औषधि पेट के कीड़ों को नष्ट करने के लिए बहुत अच्छा काम करती है ।

कृमि कुठार रस के घटक द्रव्य Krimikuthar Ras ke ghatak dravy in hindi
  • पलाश बीज 15 भाग
  • कपूर 8 भाग
  • कुटज 1 भाग
  • त्र्यमान 1 भाग
  • अजमोडा 1 भाग
  • विडंग 1 भाग
  • हिंगुल 1 भाग
  • वत्सनाभ 1 भाग
  • नागकेशर 1 भाग
  • विजया रस Q.S.
  • मुशकपर्णी Q.S.
  • ब्रह्मी रस Q.S.

कृमि कुठार रस के फायदे Krimikuthar Ras ke fayde in hindi

कृमि कुठार रस को निम्न रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है ।

कृमि नाशक कृमि कुठार रस Krimikuthar Ras ke fayde krimi rog me
कृमि कुठार रस आत में मौजूद सभी प्रकार के कृमि को नष्ट करने के लिए जानी जाती है । इस औषधि का सेवन करने से हाथों में मौजूद हुकवर्म, टेप वर्ग, गिनी वॉर्म, थर्ड वर्म एवं सलूक जैसे परजीवी नष्ट हो जाते हैं ।
यह परजीवी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा बुरा प्रभाव डालते हैं । इसका सीधा प्रभाव यह होता है कि व्यक्ति को बार बार उल्टी आती है, खाया पिया हजम नहीं होता, चक्कर आते हैं वजन घट जाता है, पेट में दर्द रहता है, भूख या तो बहुत कम हो जाती है या बहुत ज्यादा लगती है, ऐसी स्थिति में कृमि कुठार रस का सेवन अवश्य करना चाहिए ।

एंटीबैक्टीरियल कृमि कुठार रस Krimikuthar Ras as antibacterial in hindi

कृमि कुठार रस में जो जड़ी बूटियां मौजूद है उनमें एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं । यही कारण है कि कृमि कुठार रस में भी एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं तथा यही कारण है यह औषधि शरीर में से जीवाणुओं के संक्रमण को दूर कर देती हैं ।

कफ नाशक कृमि कुठार रस Krimikuthar Ras ke fayde kaf rog me

कृमि कुठार रस केवल कृमि नाशक ही नहीं होती है बल्कि इसमें कफ नाशक गुण भी मौजूद होते हैं । यह औषधि कफ को दूर करती है एवं फेफड़ों को बल प्रदान करती हैं ।

भूख बढ़ाने में लाभदायक कृमि कुठार रस Krimikuthar Ras ke fayde bhook badhane ke liye

आतो में कीड़े होने के कारण यदि रोगी को भूख ना लगती, हो, पेट में दर्द रहता हो, दिल घबराता हो, उल्टी आती हो, मन खराब होता हो, तो ऐसी स्थिति में कृमि कुठार रस लाभदायक होती है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

कृमि कुठार रस की एक से दो गोली अर्थात 125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम तक दिन में दो बार भोजन के पश्चात ताजे पानी से लें । अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

सामान्यतः कृमि कुठार रस का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है । इस औषधि को केवल डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए । गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को इस औषधि को नहीं देना चाहिए । अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से संपर्क करें ।

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