गर्मियों में ठंडक देने वाला फल है कोकम – जानिय इसके फायदे और नुकसान

कोकम एक प्रकार का रसीला फल है जो मुख्य रूप से गुजरात एवं गोवा में उगाया जाता है । इस फल की तासीर ठंडी होती है । इस फल का सेवन करने से शरीर की गर्मी शांत होती हैं एवं शरीर को ठंडक मिलती है । गर्मियों के दिनों में इन फलों का शरबत बना कर भी प्रयोग किया जाता है । इस फल को सुखा कर प्रसाद आदि में भी प्रयोग किया जाता है ।

कोकम को औषधि एवं मसाले के रूप में भी प्रयोग किया जाता रहा है । कोकम फल का वैज्ञानिक नाम गार्सिनिया इंडिका (Garcinia indica) है । यह फल जहां एक और हमें गर्मी से बचाता है वहीं दूसरी ओर यह कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने में भी प्रयोग किया जाता है । तो आइए जानते हैं कोकम फल के बारे में ।

कोकम फल की सामान्य जानकारी

कोकम फल मुख्य रूप से गुजरात एवं गोवा में उगाया जाता है । कोकम के पेड़ आकार में काफी बड़े होते हैं तथा इनके पत्ते लगभग साडे 3 इंच लंबे, गहरे रंग के होते हैं । कोकम फल का रंग नारंगी व लाल होता है तथा यह फल आडू की तरह गोल आकृति का होता है । कोकम फल को तांबा भी कहा जाता है ।

कोकम फल को कब और कितनी मात्रा में खाएं

यह फल ज्यादातर सुबह के समय नाश्ते में लेना ज्यादा फायदेमंद होता है । इससे पूरे दिन आपके शरीर में तरो ताजगी बनी रहेगी और आप गर्मी से बचे रहेंगे । इसके अलावा आप इस फल का जूस निकालकर या शरबत बनाकर दोपहर के समय भी पी सकते हैं । जहां एक और यह आपको गर्मी से बचाएगा वही आपकी पेट की समस्याओं को भी दूर करेगा । आप इस फल को खाने के बाद भी ले सकते हैं ।

आप पूरे दिन में दो या तीन फल ही खाएं, क्योंकि इससे ज्यादा फल खाने से आपको कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा । इस फल की निर्धारित मात्रा के बारे में कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए दो या तीन फलों को पूरे दिन में सेवन करना ही सही रहेगा ।

काेकम के औषधीय गुण

कोकम में निम्न औषधीय गुण मौजूद होते हैं ।

  • यह फल स्वाद में खट्टा एवं मीठा होता है तथा इसकी तासीर ठंडी होती है ।
  • यह फल शरीर की गर्मी को दूर करता है एवं शरीर को ठंडक पहुंचाता है ।
  • कोकम का सेवन करने से शरीर में कफ एवं पित्त की वृद्धि होती है, इसलिए अधिक मात्रा में इस फल का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • पका हुआ कोकम फल का ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि यह दस्त को रोकने वाला होता है तथा पाचन को सही करता है ।
  • कोकम का स्वाद तीखा, कसैला एवं खट्टा मीठा होता है ।

कोकम फल के उपयोग Kokum Fruits Uses in Hindi

  • कोकम फल का उपयोग विभिन्न प्रकार से किया जाता है । यह फल क्योंकि खट्टा एवं मीठा होता है इसलिए इस फल का उपयोग खाना बनाते समय दाल एवं सब्जी में खट्टापन लाने के लिए अमचूर, इमली की तरह प्रयोग किया जाता है । कोकम के फलों की चाट, शरबत या जूस बनाकर विभिन्न प्रकार से प्रयोग किया जाता है ।
  • गर्मी के मौसम में कोकम के फलों को काटकर उसे सुखा लिया जाता है तथा इसे सुरक्षित रख लिया जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर इन सूखे फलों को पानी में भिगोकर प्रयोग किया जाता है ।
  • कोकम फल को सुखाकर प्रसाद में मिलाकर भी खाया जाता है । कोकम के बीजों से मोम जैसा गाडा और सफेद रंग का तेल निकलता है, इस तेल को औषधीय कार्यों में प्रयोग किया जाता है ।
  • त्वचा एवं होटों के फटने पर इस तेल को लगाने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । कोकम के तेल का उपयोग विभिन्न प्रकार के मरहम बनाने में भी किया जाता है ।

कोकम के फायदे Kokum Benefits in Hindi

कोकम का उपयोग विभिन्न बीमारियों एवं स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता है । यहां हमने कोकम के फायदों के बारे में विस्तार से वर्णन किया है ।

डायरिया में लाभदायक कोकम

पके हुए कोकम को खाने से डायरिया में आराम मिलता है । डायरिया एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को पतले दस्त आते हैं तथा पेट में दर्द एवं गैस बनी रहती है । कोकम में एंटी डायरियल गुण मौजूद होते हैं तथा यह डायरिया के साथ-साथ पेट दर्द को भी दूर करता है ।

हाथों पैरों की जलन दूर करने में लाभदायक कोकम

यदि किसी व्यक्ति के हाथों पैरों में जलन रहती हो तो ऐसी स्थिति में कोकम फल का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । कोकम फल की तासीर ठंडी होती है तथा यह फल खून की गर्मी को दूर करता है, जिससे हाथों एवं पैरों की जलन में आराम मिलता है । कोकम के बीजों का तेल हल्का सा गर्म करके हाथों एवं पैरों के तलवों में लगाने से भी जलन में आराम मिलता है ।

छाती की जलन मैं लाभदायक कोकम

जिन लोगों को खाया पिया हजम नहीं होता है एवं थोड़ा सा खाने पर ही छाती में जलन होने लगती है या जिन लोगों को बड़े हुए पित्त के कारण छाती में जलन की समस्या होती है उन्हें कोकम फल शरबत बनाकर दिन में दो बार पीना चाहिए ।

इससे बढ़ा हुआ पित्त शांत होता है तथा छाती की जलन दूर होती है । कोकम के शरबत में थोड़ी-सी चीनी जरूर मिलानी चाहिए, लेकिन ध्यान रखें यदि आप कोकम को अधिक मात्रा में लेंगे तो इससे आपका पित्त बढ़ भी सकता है, इसलिए इस फल का सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए ।

खूनी बवासीर में लाभदायक कोकम

कोकम को खूनी बवासीर में सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । 5 ग्राम कोकम के चूर्ण में दही मिलाकर बवासीर के मरीज को दिन में दो से तीन बार सेवन कराने से लाभ मिल जाता है ।

शीतपित्त में लाभदायक कोलम

यदि किसी व्यक्ति को शीतपित्त की समस्या हो तो कोकम का सेवन करने से लाभ मिल जाता है । कोकम को फल या शरबत के रूप में सेवन किया जा सकता है ।

चोट या घाव में फायदेमंद कोकम

यदि किसी व्यक्ति को चोट लग गई हो एवं त्वचा पर कोई घाव हो गया हो तो चोट वाले स्थान पर कोकम के बीजों का तेल लगाने से लाभ मिल जाता है ।

पाचन तंत्र के लिए लाभदायक कोकम

कोकम का सेवन करने से आंतों की सूजन को कम करने में मदद मिलती है । इस फल में फाइबर पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है, जिस कारण यह फल अपच, बदहजमी एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को दूर करता है । यह दस्त, दायरिया, पेट गैस एवं इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्याओं में बहुत अच्छा आराम पहुंचाता है ।

यदि किसी व्यक्ति को यह सभी समस्याएं हो तो दिन में दो बार कोकम के फल के ऊपर काली मिर्च एवं नमक डालकर चाट बनाकर खा सकते हैं ।

त्वचा रोगों में लाभकारी कोकम

कोकम में एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह हमारे शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को नष्ट करने में मदद करता है । इस फल का सेवन करने से चेहरे में आने वाली झुर्रियां एवं रूखापन में आराम मिलता है ।।कोकम के बीजों के तेल को त्वचा पर लगाने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । कोकम के तेल को फटी हुई एड़ियों में लगाने से भी जल्दी आराम मिल जाता है ।

बालों की समस्याओं में लाभदायक कोकम

जैसा कि हमने आपको बताया कोकम में एंटी ऑक्सीडेंट गुड मौजूद होते हैं, जिस कारण कोकम का सेवन करने से बालों का रूखापन, झड़ना, टूटना जैसी समस्याओं में बहुत जल्दी आराम मिलता है ।

बालों की समस्याओं में आप इस फल को नाश्ते में सेवन करें या इस फल का शरबत बनाकर प्रतिदिन सेवन करें । इसके अलावा सूखे हुए कोकम का पाउडर बनाकर इसे शैंपू की तरह भी प्रयोग किया जा सकता है ।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में मददगार कोकम

Kokam में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति (इम्यूनिटी पावर) को बढ़ाने के गुण मौजूद होते हैं । विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधान एवं अध्ययन में पाया गया है कि कोकम में एंटीबैक्टीरियल एवं एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं, जिससे यह शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है तथा शरीर को छोटी-मोटी बीमारियों एवं संक्रमण से बचाए रखता है ।

हृदय रोगों में लाभदायक कोकम

Kokam हमारे हृदय के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है । इसका सेवन करने से खून पतला रहता है तथा दिल को खून को पम्प करने में आसानी होती है, जिस कारण हार्टअटैक जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है ।

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कोकम के नुकसान एवं दुष्प्रभाव

सामान्यता कोकम का सेवन करने से किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है, क्योंकि यह एक सामान्य फल है । लेकिन यदि आप इस फल को अधिक मात्रा में लेते हैं तो आपको पित्त की समस्या हो सकती है । इसके अलावा यदि आप किसी गंभीर रोग से पीड़ित है तो आप इस फल का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के ना करें ।

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