खदिरादि वटी के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Khadiradi Vati (gutika) ke fayde or nuksaan

By | June 10, 2020

खदिरादि वटी या गुटिका क्या है? Khadiradi Vati (gutika) kya hai?

खदिरादि वटी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से मुख रोगों के उपचार के लिए सफलतापूर्वक प्रयोग की जाती है । खदिरादि वटी का प्रमुख घटक द्रव्य कत्था होता है । कत्था को खैरसार भी कहा जाता है ।

खदिरादि वटी को मुख रोगों में मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है । इस औषधि का सेवन करने से मुंह के छाले, दांतों के रोग, गले में खराश या दर्द होना, आवाज बैठ जाना आदि रोगों में लाभ मिलता है ।

जिन लोगों के मुख से बातचीत करते समय दुर्गंध आती हो एवं जिनके दांत बहुत ज्यादा गंदे रहते हो या जिन्हें दांत में ठंडा गरम लगता हो, उन्हें खदिरादि वटी का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

खदिरादि वटी के घटक द्रव्य Khadiradi Vati ke ghatak dravy

1 खैरसार कत्था) (Acacia catechu Willd) 48 ग्राम
2 जावित्री (Myristica fragrans Houtt) 12 ग्राम
3 कंकोल मिर्च (Piper cubeba Linn.) 12 ग्राम
4 कपूर (Cinnamomum camphora Nees & Eberm.) 12 ग्राम
5 सुपारी (Areca catechu Linn.) 12 ग्राम
6 जल Q.S. मर्दनार्थ

खदिरादि वटी के फायदे Khadiradi Vati ke fayde

मुंह के छालों में लाभदायक खदिरादि वटी Khadiradi Vati ke fayde mouth ulcer me

यदि बहुत ज्यादा चटपटा एवं तीखा खाना खाने से एवं अपच एवं कब्ज के कारण मुंह में छाले हो गए हो तो ऐसी स्थिति में लोग तुरंत मेडिकल स्टोर पर भागते हैं और डॉक्टर से जाकर दवाई लाते हैं, लेकिन इसकी दवाई बहुत ही आसान है । खदिरादि वटी को मुंह में रखकर चूसने से मुंह के छालों में बहुत जल्दी आराम मिलता है । मुंह के छालों को माउथ अल्सर भी कहा जाता है ।

गला बैठने एवं आवाज खराब होने में लाभकारी खदिरादि वटी throat infection me laabhkar khadiradi vati

यदि बहुत ज्यादा बोलने या बहुत जोर जोर से बोलने से किसी व्यक्ति का गला बैठ गया हो तो ऐसी स्थिति में खदिरादि वटी की दो-दो गोली सुबह शाम मुंह में रखकर चूसने से लाभ मिलता है । कई बार मौसम बदलने से या सर्दी खांसी होने पर भी गले में इंफेक्शन हो जाता है, इन सभी स्थितियों में खदिरादि वटी लाभदायक होती है ।

मुंह का स्वाद बिगड़ने में लाभदायक खदिरादि वटी mouth taste me labhkari khadiradi vati

यदि किसी व्यक्ति का मुंह का स्वाद बिगड़ गया हो खाने पीने में स्वाद ना आता हो तो खदिरादि वटी को मुख में रखकर चूसने से अच्छा आराम मिलता है एवं मुंह का जायका ठीक हो जाता है ।

मुंह सूखने में लाभकारी खदिरादि वटी muh sukhne me labhkari khadiradi vati

कुछ लोगों में यह समस्या होती है कि उनका गला बार-बार सूखता है तथा उन्हें बार-बार या तो पानी पीना पड़ता है या थूक को सटकना पड़ता है । ऐसी स्थिति में खदिरादि वटी को मुंह में रखकर चूसने से गला गीला रहता है एवं जल्दी से सूखता नहीं है ।

दांतों के रोगों में लाभकारी खदिरादि वटी teeth problems me labhkari khadiradi vati

दांतों की समस्याओं जैसे दातों का गंदा रहना एवं दांतों में दर्द या दातों में ठंडा गरम लगने की समस्या हो तो सुबह शाम खदिरादि वटी का सेवन करने से लाभ मिल सकता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

खदिरादि वटी की एक बार में एक गोली ही चूसनी चाहिए तथा दिन में अधिकतम 4 गोलियों का सेवन किया जा सकता है । खदिरादि वटी को हमेशा चूस कर सेवन किया जा सकता है ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में एवं चिकित्सक की देखरेख में सेवन करने पर खदिरादि वटी का किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।

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