कसीस भस्म के फायदे और नुक्सान Kasis Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 25, 2020

कसीस भस्म क्या है? Kasis Bhasma kya hai?

कसीस भस्म एक खनिज आधारित आयुर्वेदिक औषधि है जिसे आयुर्वेद चिकित्सकों के द्वारा विभिन्न रोगों के उपचार में प्रयोग किया जाता है । यदि हम औषधि की रसायनिक संघटन की बात करें तो यह फेरस सल्फेट के रूप में होता है जिसका रसायनिक सूत्र होता है ।

कसीस दो प्रकार का होता है पुष्प कसीस एवं बालू कसीस । बालू कसीस को धातु कसीस के नाम से भी जाना जाता है, लेकिन आयुर्वेद में औषधि निर्माण के लिए पुष्प कसीस का प्रयोग किया जाता है । शुद्ध कसीस से कसीस भसम बनाने के लिए सबसे पहले इसे शुद्ध किया जाता है तथा उसके पश्चात इसकी भसम बनाई जाती है, इस भस्म का अनेकों रोगों में सेवन किया जाता है ।

यह भस्म शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करती है तथा एनीमिया के कारण पैदा होने वाली अन्य समस्याओं को दूर करने में लाभकारी होती है । यह जिगर एवं तिल्ली के रोगों में भी फायदा करती है ।

महिलाओं में मासिक धर्म की गड़बड़ी एवं किसी-किसी महीने मासिक धर्म का ना होना जैसी समस्याओं में फायदा पहुंचाती है । इसके अलावा यह त्वचा रोगों जैसे खाज खुजली इत्यादि में फायदा करती है एवं समय से पूर्व बाल सफेद होना जैसी समस्या में भी फायदा करती है ।

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कसीस भस्म के घटक द्रव्य Kasis Bhasma ke ghatak

  • कसीस
  • भृंगराज पौधे का रस

कसीस भस्म के चिकित्सकीय उपयोग

कसीस भस्म को निम्न रोगों में प्रयोग कराया जाता है ।

  • रक्ताल्पता (एनीमिया)
  • रक्त विकार
  • जिगर एवं तिल्ली की वृद्धि
  • सामान्य कमजोरी
  • त्वचा के रोग
  • क्षय रोग
  • श्वेत कुष्ठ (फूलबहरी)
  • आम दोष
  • नेत्र रोग
  • मासिक धर्म की गड़बड़ी
  • मासिक धर्म की अनियमितता

कसीस भस्म के फायदे Kasis Bhasma ke fayde

  • यह रक्ताल्पता अर्थात एनीमिया में लाभदायक होती है ।
  • इसका सेवन करने से लाल रक्त कणिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है एवं हीमोग्लोबिन का स्तर सुधरता है ।
  • यह औषधि जिगर एवं तिल्ली को बल प्रदान करती है एवं इनसे संबंधित समस्याओं को दूर करती है ।
  • इस औषधि का सेवन करने से शरीर के किसी भी भाग की सूजन अर्थात सर्वांग शोथ दूर होता है ।
  • यह रोग प्रतिरोधक शक्ति (इम्यूनिटी पावर) को बढ़ाने वाली औषधि है ।
  • यह सामान्य कमजोरी एवं दुर्बलता को दूर करती है ।
  • यह पांडु रोग अर्थात पीलिया में लाभदायक होती है ।
  • क्षय रोग (टीवी) में इस औषधि का सेवन करने से लाभ मिलता है ।
  • यह श्वेत कुष्ठ जिसे फूलबेहरी भी कहा जाता है मैं लाभदायक होती है ।
  • यह अपच के कारण बनने वाले आमविश को दूर करती है ।
  • यह नेत्र रोगों में फायदा पहुंचाती है ।
  • यह महिलाओं की मासिक धर्म की गड़बड़ी एवं अनियमितता में लाभदायक होती है ।

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रोग एवं अनुपान

कसीस भस्म को अलग-अलग रोगों में अलग-अलग औषधियों के साथ सेवन कराने से लाभ मिलता है । निम्न तालिका में हमने इस भस्म का अनुपान विस्तार से बताया है ।

रोगाधिकार अनुपान
पीलिया एवं एनीमिया में शहद के साथ
अक्षय रोग टीवी में 64 प्रहरी पीपल के साथ
श्वेत कुष्ठ में त्रिफला एवं वायविडंग चूर्ण के साथ
प्लीहा वृद्धि में शहद एवं गोमूत्र के साथ
आमविश में शहद एवं धान्य्पंचक के साथ
उदर रोगों में त्रिकटु चूर्ण एवं शहद के साथ
नेत्र रोगों में त्रिफला घृत या आंवले के मुरब्बे के साथ
मासिक धर्म की गड़बड़ी में अलुवा या हींग के साथ

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

वयस्क 125 मिलीग्राम से 375 मिलीग्राम

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) शहद के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

यदि आप इस दवा को डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेंगे तो इस दवा का कोई नुक्सान नहीं है, लेकिन इस दवा की अधिक मात्र लेने पर आपको निम्न नुक्सान हो सकते हैं ।

  • मतली
  • उल्टी
  • सिर में चक्कर

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