इन्सुलिन का प्रयोग कैसे करें, सावधानिया जोखिम लेने का तरीका How to use Insulin in Hindi

जो लोग डायबिटीज यानी मधुमेह से पीड़ित हैं, अपने शुगर लेवल को कम करने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयां का सेवन करते हैं । इसके लिए आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक तथा एलोपैथिक सभी प्रकार के उपचार लोगों के द्वारा अपनाए जाते हैं ।

यदि ब्लड शुगर लेवल काफी अधिक बढ़ जाए तो उस स्थिति में डायबिटीज से संबंधित मेडिसिन सही तरीके से काम नहीं करती हैं, क्योंकि एक स्थिति ऐसी आ जाती है जब यह दवाइयां शुगर के रोगी को ज्यादा लाभ नहीं पहुंचाती हैं । इस स्थिति में शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के लिए डायबिटीज के पेशेंट को इंसुलिन का सेवन करना पड़ता है ।

इंसुलिन हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से भी बनता है, जिस कारण हमारे शरीर में शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है । यदि हमारा शरीर इंसुलिन को पर्याप्त मात्रा में ना बनाएं जिसे टाइप वन डायबिटीज का जाता है या हमारा शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग ना कर पाए जिसे टाइप टू डायबिटीज का जाता है,।तो इन दोनों ही परिस्थितियों में हमें इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है ताकि ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे ।

इंसुलिन को उपयोग करने का तरीका

वैसे तो आज के समय में इंसुलिन का उपयोग करना बहुत आसान हो गया है, क्योंकि इसके लिए बाजार में इन्सुलिन पेन मिलते हैं । जिनकी सहायता से बड़ी आसानी से इंसुलिन को लिया जा सकता है । इंसुलिन टेबलेट या सिरप के रूप में नहीं आता बल्कि इसे इंजेक्शन के द्वारा ही लिया जा सकता है ।

यदि इंसुलिन को कैप्सूल के रूप में लिया जाए तो यह हमारे पेट में जाकर पाचक रसों के द्वारा नष्ट हो जाता है । इसलिए इंसुलिन को त्वचा में मौजूद वसा में इंजेक्शन के द्वारा लगाकर रक्त तक पहुंचाया जाता है । रक्त में पहुंचकर इन्सुलिन पूरे शरीर में फैल जाती है तथा ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार होती है ।

इंसुलिन को लगाने के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन त्वचा के अंदर वसा की परत पर लगाया जाता है । इसके लिए ज्यादातर पेट पर मौजूद वसा की परत सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है । नाभि से लगभग 4 उंगली या 2 इंच दूर पेट पर त्वचा के भीतर इंसुलिन का इंजेक्शन लगाया जाता है । पेट के अतिरिक्त जांघो के किनारों पर, नितंब या पीठ के पीछे भी इंसुलिन के इंजेक्शन लगाया जा सकता है ।

त्वचा के भीतर मौजूद वसा की परत में इंसुलिन लगाने की प्रक्रिया को subcutenius कहा जाता है ।

यदि आप स्वयं इंसुलिन लगाना चाहते हैं तो यह बहुत ही आसान है । आप केवल एक बार किसी अनुभवी एवं योग्य चिकित्सक से इंजेक्शन लगाना सीख ले तथा उसके बाद आप स्वयं घर पर ही इंजेक्शन ले सकते हैं । इंसुलिन इंजेक्शन देखने में फाउंटेन पेन की तरह होता है जिसे आप इंजेक्शन के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं ।

इंजेक्शन लगाने में सावधानियां

यदि आप स्वयं ही इंसुलिन का इंजेक्शन लगाने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले तो हम आपको यह सलाह देंगे कि कम से कम एक बार आप किसी अनुभवी एवं योग्य डॉ से किसी भी प्रशिक्षित व्यक्ति से एक बार इंजेक्शन लगाना सीखना तथा उसके बाद ही स्वयं इंजेक्शन लगाएं ।

इंजेक्शन लगाते समय आपको बहुत सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है । यदि आप लापरवाही करेंगे या इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगे तो आपको इंसुलिन लगाने से कुछ दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं ।

  • सबसे पहली बात जो आपको ध्यान रखनी है वह है इंसुलिन के इंजेक्शन की ओवर डोस का ध्यान रखना । आपको इंसुलिन की गलत डोस लेने से बचना चाहिए । यदि आप चालीसा यू इंसुलिन लेते हैं तो इसके लिए 40IU के इन्सुलिन के लिए 40IU की सिरिंज का ही प्रयोग करें और यदि 100IU इंसुलिन ले रहे हैं तो 100IU की सीरीज का ही प्रयोग करें ।
  • इंसुलिन को एक बार सिरंज में भरने के बाद दोबारा उसका प्रयोग ना करें
  • इंसुलिन लेने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी प्रकार धोलें, किसी भी प्रकार के बैक्टेरियल इंफेक्शन का खतरा ना रहे ।
  • सिरिंज में इंसुलिन भरते समय विशेष सावधानी की जरूरत है तथा ध्यान रखें इंसुलिन भरते समय सिरिंज में कोई बुलबुला ना हो ।
  • यदि आपको सिरिंज में बुलबुला नजर आए तो निकाल कर दोबारा से इंसुलिन को भरना चाहिए ।
  • इंसुलिन की डोज का विशेष ध्यान रखें तथा ओवरडोज लेने से बचें ।
  • यदि आप स्वयं ही इंसुलिन दे रहे हैं तो अपने बाएं हाथ से वसा या चर्बी वाली त्वचा को पकड़े जैसे कि आपका पेट या जांघो की त्वचा है तथा उसके बाद इंजेक्शन को बिल्कुल सीधा यानी 90 डिग्री के कोण से त्वचा में लगाकर इंसुलिन की डोज ले ले ।
  • इंजेक्शन लेते समय सिरिंज को बिल्कुल धीरे धीरे दबाना चाहिए । जब सीरीज खाली हो जाए तो इंसुलिन के शरीर के भीतर जाने के बाद 10 सेकंड तक सिरिंज को रोककर रखें तथा उसके बाद निकाल ले ।
  • एक सिरिंज को केवल एक बार ही इस्तेमाल करें तथा फेंक दे ।
  • किसी के द्वारा इस्तेमाल की गई सिरिंज का प्रयोग ना करें ।
  • इंसुलिन लगाने के लिए हर बार अलग-अलग जगह का चयन करें । यदि आप बार-बार एक ही जगह इंसुलिन लेते रहेंगे तो उस जगह गांठ बन जाएगी जिस कारण इंसुलिन का अवशोषण शरीर के द्वारा सही तरीके से नहीं हो पाएगा तथा आपको दर्द भी ज्यादा होगा ।

इंसुलिन पेन प्रयोग करने का तरीका How to use Insulin Pen in Hindi

जैसे हमने आपको बताया इंसुलिन लगाने के लिए इंसुलिन पेन का उपयोग किया जाता है । इंसुलिन पेन देखने में बिल्कुल फाउंटेन पेन की तरह होती है तथा यह अलग-अलग लंबाई की आती है, जैसे कि 4,5,6,7,8 मिलीमीटर की ।

इन्सुलिन पेन दो तरह का होता है पहला वह जिसे आप केवल एक बार इस्तेमाल करके फेंक देते हैं तथा दूसरा वह जिसे आप रिफिल बदल के दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं । आप अपनी आवश्यकता तथा बजट के अनुसार कोई सा भी इंसुलिन पेन खरीद सकते हैं । यदि आप इंसुलिन लेने के आदी हैं तथा आपको बार-बार इंसुलिन लेनी पड़ती है तो आप पुनः इस्तेमाल होने वाला इंसुलिन पेन ही प्रयोग करें ।

इंसुलिन पेन से इन्सुलिन लेने के लिए आपको सही प्रकार से इंसुलिन पेन का प्रयोग करना आना चाहिए, क्योंकि इंसुलिन लगाना तथा सही मात्रा में इंसुलिन भरना आना जरूरी है, इसके लिए निम्न स्टेप्स को फॉलो करें ।

  1. सबसे पहले आप इंसुलिन को फ्रिज में से निकाले तथा कम से कम 30 से 40 मिनट तक कमरे में रखें ताकि इंसुलिन नार्मल टेंपरेचर पर आ जाए ।
  2. इंसुलिन को नार्मल टेंपरेचर पर यानी कमरे के तापमान पर आने के बाद ही इस्तेमाल करना ।
  3. इसके पश्चात आप इन्सुलिन पेन में सुई लगाएं ।
  4. सुई लगाने के लिए सबसे पहले सुई पर लगे हुए कवर को हटाए तथा पेन के अगले हिस्से को क्लॉक वाइज यानी घड़ी की दिशा में तब तक तुम आए जब तक सुई घूमते घूमते टाइट ना हो जाए । इसके बाद सुई के ढक्कन को निकालकर रख दे ।
  5. इसके बाद आप इंजेक्शन में इंसुलिन भरना शुरू करें । सबसे पहले इंसुलिन भरते समय केवल थोड़ी मात्रा की पैन में भरें तथा उसे वापस निकाल दें । ताकि यह पता चल जाए कि इंसुलिन के इंजेक्शन की सुई में कुछ अटका नहीं है तथा यह भी ध्यान रखें की इंसुलिन भरते समय इंजेक्शन में कोई बुलबुला ना हो । यदि बुलबुला दिखाई दे तो इंसुलिन निकालकर दोबारा इंसुलिन भरनी चाहिए ।
  6. इसके बाद सही मात्रा में डोस को इंजेक्शन में भरें । इंजेक्शन में दिए गए डायलिंग विंडो में नंबर को देखकर आप पता लगा सकते हैं कि इंजेक्शन में ली गई डोस की मात्रा कितनी है ।
  7. इसके बाद इंसुलिन को त्वचा में उस स्थान पर लगाएं जहां पर पर्याप्त चर्बी मौजूद है जैसे कि हम आपको ऊपर बता चुके हैं । ध्यान रखें नाभि से कम से कम 2 इंच की दूरी पर ही इंजेक्शन को लगाना चाहिए तथा हर बार जगह बदलते रहना चाहिए ।
  8. इंसुलिन इंजेक्शन लगाते समय पेन को 90 डिग्री के कोण पर पकड़ना चाहिए ।
  9. बच्चों को इंसुलिन का इंजेक्शन लगाते समय 45 डिग्री के कोण पर भी इंजेक्शन लगाया जा सकता है ।

इंसुलिन इंजेक्शन से जुड़ी विशेष बातें Tips Related to Insulin Intake in Hindi

  • इंसुलिन पेन को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ कभी भी शेयर नहीं करना चाहिए, क्योंकि किसी व्यक्ति को कोई संक्रामक बीमारी हो सकती है ।
  • यदि कोई व्यक्ति हेपेटाइटिस, एचआईवी या किसी अन्य संक्रामक रोग से ग्रसित है तो वह बीमारी आपको भी लग सकती हैं ।

इंसुलिन को कहां तथा कैसे रखना चाहिए How to Store Insulin in Hindi

यह बहुत ही मुख्य प्रश्न है की इंसुलिन को आप कहां रखें तथा कैसे रखें । इन्सुलिन को आप फ्रिज में रख सकते हैं । लेकिन ध्यान रखें फ्रिज का टेंपरेचर 2 डिग्री से 7 डिग्री के बीच होना चाहिए । यदि आप इसे बहुत ज्यादा ठंडी जगह पर रख देंगे तो इसके खराब होने का खतरा बना रहता है ।

इस्तेमाल में लाई गई इंसुलिन को आप कमरे के तापमान पर या फ्रिज में 1 महीने तक रख सकते हैं ।

एक अन्य बात जिस का भी ध्यान रखें । पेन से सुई को निकालकर ही रखना चाहिए इससे पेन के अंदर बुलबुला नहीं बनता है ।

मांसपेशियों तथा बालों की जड़ों में इंसुलिन के इंजेक्शन को नहीं लगाना चाहिए । इंजेक्शन लगाने के बाद उस जगह को ना दबाएं तथा कुछ समय तक आराम करें तथा किसी प्रकार की एक्सरसाइज ना करें ।

इंसुलिन को इस प्रकार लगाना चाहिए कि वह मांसपेशियों में ज्यादा गहराई में ना जाए । इससे आप दर्द का अनुभव करेंगे तथा खून में ग्लूकोज का स्तर ज्यादा कम हो जाएगा जिससे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है ।

इंसुलिन का प्रयोग करने में जोखिम Risks in Insulin Intake in Hindi

इंसुलिन की अधिक मात्रा लेने पर रक्त में ग्लूकोज का स्तर ज्यादा कम हो जाता है । इस स्थिति में ब्लड शुगर लेवल जरूरत से ज्यादा कम हो जाए तो कमजोरी महसूस होती है तथा शरीर आवश्यक कार्य भी नहीं कर पाता है । इस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है यह स्थिति बेहद खतरनाक होती हैं ।

आप इंसुलिन से संबंधित सामान्य बातें समझ गए होंगे यदि आपका इंसुलिन से संबंधित प्रश्न है तो कमेंट के माध्यम से हमारे से पूछ सकते हैं ।

 

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