हिंग्वादि वटी के फायदे गुण उपयोग और नुकसान Hingvadi Vati ke fayde or nuksan

By | June 29, 2020

हिंग्वादि वटी क्या है? Hingvadi Vati kya hai?

हिंग्वादि वटी एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका मुख्य घटक द्रव्य शुद्ध हींग होता है । हींग के अलावा इस औषधि में कई प्रकार के नमक, काली मिर्च इत्यादि जैसी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं । यह औषधि मुख्य रूप से पाचन तंत्र पर अपना विशेष प्रभाव दिखाती है ।

इस औषधि का सेवन करने से गैस एवं अपच के कारण होने वाला पेट दर्द बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है । यदि पेट में गैस बन रही हो, गैस के कारण पेट में दर्द हो रहा हो या बदहजमी हो गई तो ऐसी स्थिति में इस औषधि को लेने से तुरंत लाभ मिल जाता है ।

इसके अलावा इस औषधि का सेवन करने से अजीर्ण, मंदाग्नि एवं भूख ना लगना जैसी समस्याओं में भी बहुत ही अच्छा लाभ मिलता है । यह औषधि जठराग्नि को प्रदीप करती है जिससे इसका सेवन करने से आमदोष नष्ट होता है, साथ ही भोजन भी सही प्रकार से हजम होता है एवं पाचन तंत्र की समस्याएं दूर हो जाती है । यह औषधि मुख्य रूप से पेट गैस एवं पेट दर्द में मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है ।

हिंग्वादि वटी के घटक द्रव्य Hingvadi Vati ke ghatak dravy

  1. भुनी हिंग
  2. अम्लबेत
  3. सौंठ
  4. काली मिर्च
  5. अजवायन
  6. सैंधानमक
  7. बिडनमक
  8. कालानमक

हिंग्वादि वटी के फायदे Hingvadi Vati ke fayde in hindi

  1. यह औषधि पेट गैस को दूर करती है एवं गैस के कारण होने वाले दर्द को तुरंत दूर करती है ।
  2. इस औषधि का सेवन करने से अपच एवं अजीर्ण की समस्या दूर होती हैं ।
  3. यह जठराग्नि प्रदीप्त करती है तथा भूख बढ़ाती है ।
  4. इस औषधि का सेवन करने से आमदोष नष्ट होता है तथा पाचन तंत्र की अन्य समस्याओं में लाभ मिलता हैं ।

मात्रा एवं सेवन विधि

इस औषधि की दो से चार गोली दिन में दो से तीन बार मट्ठे के साथ ले सकते हैं या एक एक गोली मुंह में रखकर दिन में तीन से चार बार चूस सकते हैं ।

सावधानी एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में सेवन करने पर इस औषधि का किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *