हिमालय सेप्टिलिन के फायदे नुक्सान प्राइस एवं साइड इफ़ेक्ट Himalaya Septilin Uses & Side Effects in Hindi

By | October 16, 2020

हिमालय सेप्टिलिन क्या है? What is Himalaya Septilin in Hindi

सेप्टीलिन (Septilin) हिमालय ड्रग कंपनी के द्वारा बनाई जाने वाली एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से हमारे इम्यूनिटी सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में मददगार होती है । इस औषधि का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति काफी बढ़ जाती है जिससे हमारा शरीर अनेकों बीमारियों से लड़ने में सक्षम हो जाता है ।

यह दवा टेबलेट, सिरप एवं ड्रॉप्स के रूप में मोजूद है । आप इस दवा को अपने नजदीकी स्टोर से या Online भी मंगा सकते हैं ।

यदि हम सेप्टिलिन के घटक द्रव्य की बात करें इस औषधि में गिलोय, गुगगुल, त्रिकटु एवं अन्य बहुत सी जड़ी बूटी है जो हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति को काफी हद तक बढ़ा देती हैं । गिलोय जिसे अमृता भी कहा जाता है हमारे लिवर के लिए एक रामबाण फायदेमंद जड़ी बूटी है ।

इसका सेवन करने से हमारा लीवर तंदुरुस्त हो जाता है, साथ ही गिलोय हमारे रक्त में मौजूद एंटीबॉडीज के स्तर को भी बढ़ा देती है, जिस कारण हमारा शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम हो जाता है । गिलोय में ज्वरनाशक एवं जीवाणुनाशक गुण मौजूद होते हैं ।

अमृता के पश्चात इस औषधि में दूसरी महत्वपूर्ण जड़ी बूटी मुलेठी मौजूद होती है जो रक्त में सफेद रक्त कणिकाओं की संख्याओं को बढ़ा देती है । जिस कारण हमारे शरीर को वायरल इनफेक्शन एवं बैक्टीरियल इनफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है ।

मुलेठी फेफड़ों के संक्रमण एवं श्वसन तंत्र के संक्रमण में भी लाभ पहुंचाती है । जिन लोगों को फेफड़ों के संक्रमण के कारण खांसी का धसका उठता हो उन्हें इस औषधि का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

इसके पश्चात इस ओषधि में तीसरी महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है गूग्गुल । Guggal में सूजन को दूर करने तथा एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं । यह गले में होने वाली खांसी एवं खराश को दूर करने में मदद करती है । यह बहुत ही अच्छी एंटीऑक्सीडेंट है जो उत्तम स्वास्थ्य के लिए मददगार होती है ।

इन सबके अलावा हिमालय सेप्टीलिन में अन्य बहुत सी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं जिनकी लिस्ट हमने नीचे दी है । यह औषधि एंटीपायरेटिक भी होती है अर्थात यह दवा बुखार में भी लाभदायक होती है । यदि बुखार होने के कारण कमजोरी आ गई हो या प्लेटलेट्स कम हो गई हो तो इस स्थिति में यह दवा एक टोनिक का काम करती है ।

हिमालय सेप्टीलिन के घटक द्रव्य Himalaya Septilin Ingredients in Hindi

Each teaspoonful (5ml) of Septilin syrup contains

  • गुग्गुलु (Commiphora wightii) 80mg
  • महारसनादी क्वाथ 30mg
  • मंजिष्ठा (Rubia cordifolia) 15mg
  • गुडुची (Tinospora cordifolia) 14mg
  • त्रिकटु (सोंठ + काली मिर्च + पिप्पली) 13mg
  • पुष्कर (Inula racemosa) 13mg
  • आमलकी (Emblica officinalis) 8mg
  • यष्टि (Glycyrrhiza glabra) 6mg
  • Each ml of Septilin drops contains:
  • गुग्गुलु (Commiphora wightii) 80mg
  • मंजिष्ठा (Rubia cordifolia) 8.9mg
  • गुडुची (Tinospora cordifolia) 8.3mg
  • त्रिकटु (सोंठ + काली मिर्च + पिप्पली) 7.7mg
  • पुष्कर (Inula racemosa) 7.7mg
  • आमलकी (Emblica officinalis) 4.7mg
  • यष्टिमधु (Glycyrrhiza glabra) 3.5mg

हिमालय सेप्टीलिन के चिकित्सीय गुण

हिमालय सेप्तिलिन में निम्न चिकित्सीय गुण मोजूद होते हैं 

  • हिमालया सेप्टीलिन में एंटीऑक्सीडेंट (Antioxydent) के गुण मोजूद होते है।
  • यह सिरप एक इम्यून बूस्टर (Immune buster) है।
  • इस सिरप में एंटी माइक्रोबियल्स (Anti microbial) के गुण पाए जाते हैं।
  • एंटीवायरल (Anti viral) में यह सिरप काम करता है।
  • इस सिरप में एनाल्जेसिक (Analgesic) गुण मिले हुए हैं।

हिमालया सेप्टीलिन का उपयोग Himalaya Septilin Uses in Hindi


  • श्वसन नली गांवों के संक्रमण (Upper and lower respiratory tract infection)
  •  ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)
  •  फैरिंजाइटिस (Pharyngitis)
  •  टॉन्सिलाइटिस (Tonsillitis)
  •  गुर्दे का संक्रमण (kidney infection)
  •  बुखार (seasonal fever)
  •  एलर्जी की प्रतिक्रिया (Allergy reaction)
  •  मूत्र मार्ग का संक्रमण (Urinary tract infection)
  •  रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में (Immune booster)
  • लैरिंजाइटिस (Lyringitis)
  • खांसी (Cough)
  • त्वचा संक्रमण (Skin infection)

हिमालय सेप्टीलिन के फायदे

  • यह एक एंटीऑक्सीडेंट, जीवाणुरोधी, एंटीपायरेटिक, एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल एवं सूजन को कम करने वाली आयुर्वेदिक दवा है ।
  • यह दवा बुखार को दूर करने में मददगार होती है ।
  • इस दवा का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ जाती है जिससे यह दवा बीमारियों को दूर करने में मददगार होती है ।
  • यह दवा रक्त में मौजूद श्वेत रक्त कणिकाओं की संख्याओं को बढ़ा देती है जिससे शरीर की इम्युनिटी पावर बढ़ जाती है ।
  • यह शरीर में होने वाले किसी भी प्रकार की इन्फेक्शन या संक्रमण को जल्दी ठीक करने में मदद करती है ।
  • इस दवा का सेवन करने से श्वसन तंत्र से संबंधित संक्रमण में काफी अच्छा लाभ मिलता है जैसे कि गले में खराश होना, बार बार खांसी आना, ब्रोंकाइटिस, टॉन्सिल में सूजन या गले में सूजन इत्यादि ।
  • यह दवा सामान्य सर्दी, खांसी, जुखाम में लाभदायक होती है ।
  • बुखार के बाद या ऑपरेशन के बाद आने वाली कमजोरी को दूर करने में लाभदायक होती है ।
  • जिन लोगों को बार-बार इंफेक्शन हो जाता हो या जिन्हें बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार आने की समस्या होती हो उन्हें यह दवा एक टोनिक की तरह लाभ पहुंचाती हैं ।
  • यह दवा एक इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करती हैं ।

हिमालया सेप्टीलिन की कीमत Himalaya Septilin Price in Hindi.


सेप्टीलिन सिरप ₹ 99 for 200 ml
सेप्टीलिन टैबलेट ₹ 106 for 100 tablets
सेप्टीलिन ड्राप ₹ 55 for 1 drop

मात्रा एवं सेवन विधि Dosage & Directions

हिमालया सेप्टीलिन सिरप (Himalaya septilin syrup) का खुराक

सेप्टीलिन सिरप बच्चे 1 या 2 चम्मच 3 बार
सेप्टीलिन सिरप वयस्क 2 चम्मच 3 बार

हिमालया सेप्टीलिन टैबलेट (Himalaya septilin tablet) का खुराक

सेप्टीलिन टैबलेट बच्चे 1 टैबलेट दो बार
सेप्टीलिन टैबलेट वयस्क 2 टैबलेट दो बार

हिमालया सेप्टीलिन ड्राप (Himalaya septilin drop) का खुराक

6 महीने से 1 साल के बच्चे 3 ml दो बार 
6 महीने से 1 साल के बच्चे 3.5 ml दो बार 
6 महीने से 1 साल के बच्चे 4 ml दो बार 

अक्सर पूछे जाने बाले सवाल


Q – क्या हिमालया सेप्टीलिन की आदत या लत बन सकती है?

नहीं बहुत कम ऐसी दवाइयां है जिस की आदत लगती है

Q – क्या हिमालया सेप्टीलिन (Himalaya septilin) का इस्तेमाल सभी तरह के बुखार को ठीक कर सकता है?

हिमालया सेप्टीलिन में एंटीपायरेटिक गुण मौजूद होते हैं लेकिन यह सभी तरह के बुखार को ठीक नहीं कर पाएगा इसलिए आप अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें

Q – क्या हिमालया सेप्टीलिन (Himalaya septilin) का इस्तेमाल गर्भवती महिलाएं या स्तनपान करवाने वाली महिलाएं कर सकती हैं?

गर्भवती महिलाएं या स्तनपान वाली महिलाएं किसी तरह की दवाइयों का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें

Q – क्या इसका इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित है?

गर्भावस्था के दौरान किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले आप अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

 

Q – क्या हिमालया सेप्टीलिन दूध पिलाने वाली महिलाओं में सुरक्षित है?

अगर दूध पिलाने वाली महिलाओं में किसी भी तरह से स्वास्थ्य संबंधित समस्या है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

Q – हिमालया सेप्टीलिन की लत लग सकती है?

नहीं, हिमालया सेप्टीलिन का अभी तक इसकी लत लगते हुए नहीं देखा गया है।

Q – क्या होगा जब हिमालया सेप्टीलिन का इस्तेमाल अधिक मात्रा में कर लिया जाए?

हिमालया सेप्टीलिन का इस्तेमाल अधिक मात्रा में करने से यह आपके स्वास्थ्य को जल्दी ठीक नहीं कर पाएगा। अधिक खुराक इस्तमाल करने से आपको किसी भी तरह का दुष्प्रभाव हो सकता है।

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