हिमालय कोफ्लेट सिरप सिरप के फायदे नुक्सान प्राइस Himalaya Koflet Syrup Uses & Benefits in Hindi

By | October 16, 2020

हिमालय कोफ्लेट सिरप क्या है?

कोफ्लेट सिरप हिमालय कंपनी के द्वारा बनाए जाने वाला एक आयुर्वेदिक एवं सुरक्षित टॉनिक है । इस औषधि को मुख्य रूप से सुखी एवं बलगम वाली खांसी में मुख्य ओषधि के रुप में प्रयोग किया जाता है । जो लोग बहुत अधिक धूम्रपान करते हैं उनके फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है जिस कारण उन्हें श्वसन तंत्र से संबंधित समस्याएं हो जाती हैं । इन समस्याओं में रोगी को बार-बार खांसी का धस्का उठता है । रोगी को बलगम वाली खांसी आती है या कभी-कभी सूखी खांसी आती है तथा खांसते समय फेफड़ों में दर्द होता है । इन लक्षणों में यह कफ सिरप बहुत अच्छा विकल्प है ।

हिमालय कोफ्लेट सिरप बच्चों के लिए भी मौजूद है (himalaya koflet syrup for child or babies)हिमालय कोफ्लेट फॉर चिल्ड्रन को बच्चों की खांसी को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है । यह दवा बच्चों के लिए बिल्कुल सुरक्षित है तथा इसका किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं देखा गया है ।

कोफ्लेट सिरप के प्रमुख घटक द्रव्य

सामग्री 5 मिलीलीटर कोफ्लेट सिरप शामिल हैं:
मेल डेस्पाटम – स्पष्ट हनी 1.25 ग्राम
जड़ी बूटी
बालसमोडेंड्रन मुकुल – गुग्गुलु शुद्धा 35 मिग्रा
विटिस विनीफेरा – सूखा अंगूर – ड्रेक्सा 35 मिग्रा
Ocimum Sanctum – पवित्र तुलसी – तुलसी 25 मिग्रा
Hyssopus Officinalis – Hyssop – जुफा 25 मिग्रा
टीनोस्पोरा कोर्डिफ़ोलिया – गिलोय (गुडूची) 20 मिग्रा
अधतोदा वासिका – वासका 15 मिग्रा
मिरिस्टिका फ्रेग्रेंस – गदा – जावित्री 15 मिग्रा
मुलेठी ( यष्टिमधु ) – नद्यपान – ग्लाइसीर्रिजा ग्लबरा 15 मिग्रा
ओनोसमा ब्रेक्टेटम – गोजीहा 10 मिग्रा
वायोला ओडोरेटा – नील पुष्पा 10 मिग्रा
त्रिफला 9 मिलीग्राम
Trikatu 9 मिलीग्राम
एम्बेलिया रिब्स – वैविडंग 8 मिग्रा
सोलनम ज़ैंथोकार्पम – कंटकरी 8 मिग्रा
सिनामोमम कैसिया – तज (सथुला तवाक) 3 मिग्रा
नौसादर – अमोनियम क्लोराइड 3 मिग्रा
में संसाधित किया गया
ओनोसमा ब्रेक्टेटम – गोजीहा क्यूएस
मालवा सिल्विस्ट्रिस – गुल खैर (विलायतिकंगई) क्यूएस
ज़िजिफ़स सतिवा – राजबदर क्यूएस
फागनिया क्रेटिका – धमासा क्यूएस
पाइचोटिस अजोवन – यवनिका क्यूएस

कोफ्लेट सिरप में मुख्य रूप से मुलेठी, तुलसी तथा शहद का प्रभाव सबसे अधिक होता है । आइए इन जड़ी बूटियों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं ।

मुलेठी: मुलेठी मुख्य रूप से कफ को कम करने वाली जड़ी बूटी होती है । यह जड़ी बूटी श्वसन नली से कफ अर्थात बलगम को निकाल देती है तथा फेफड़ों को नई उर्जा एवं नव जीवन प्रदान करती है ।

तुलसी: तुलसी श्वसन तंत्र के लिए बहुत ही अच्छी जड़ी बूटी है । यह फेफड़ों के संक्रमण एवं फेफड़ों में आई सूजन को दूर करती है । इतना ही नहीं तुलसी का सेवन करने से फेफड़ों में जमा हुआ बलगम भी बाहर निकल जाता है । तुलसी में मौजूद रसायन हमारे शरीर में हिस्टामाइन के स्तर को नियंत्रित रखते हैं जो श्वसन तंत्र की एलर्जी का मुख्य कारण होता है । तुलसी का सेवन करने से एलरजी नहीं होते हैं ।

शहद: शहद सूजन को दूर करता है एवं खांसी को दूर करने में मददगार होता है । शहद मुख्य रूप से सूखी खांसी को दूर करने में फायदेमंद होता है । शहद का सेवन करने से फेफड़ों की एलर्जी में भी लाभ मिलता है ।

कोफ्लेट सिरप के औषधीय गुण

कोफलेट सिरप में उपचार के निम्न गुण हैं।

  1. कासरोधक
  2. mucolytic
  3. Bronchodilatory
  4. एलर्जी विरोधी
  5. सूजनरोधी
  6. रोगाणुरोधी
  7. इम्यूनोमॉड्यूलेटरी
  8. एंटीऑक्सीडेंट

उपचारात्मक संकेत

  1. खांसी
  2. श्वसन संक्रमण के साथ जुड़ी खांसी
  3. क्रोनिक पल्मोनरी ऑब्सट्रक्टिव डिजीज से जुड़ी खांसी
  4. धूम्रपान करने वाले की खांसी

कोफ्लेट सिरप के फायदे

कोफ्लेट सिरप मुख्य रूप से श्वसन तंत्र से संबंधित समस्याओं में लाभदायक होता है । इस सिरप का इस्तेमाल करने से निम्न लाभ होते हैं ।

सूखी खांसी में लाभदायक कोफ्लेट सिरप

कोफ्लेट सिरप सूखी खांसी के कारण उठने वाले दौरों में बहुत अधिक लाभदायक होता है । इस औषधि में मौजूद जड़ी बूटियां फेफड़ों के संक्रमण को दूर करती हैं एवं एलर्जी के कारण होने वाली खांसी को शांत करती हैं ।

बलगम वाली खांसी में लाभदायक कोफ्लेट सिरप

कोफ्लेट सिरप में मौजूद म्यूकोलाइट जड़ी बूटियां फेफड़ों एवं स्वसन तंत्र में मौजूद बलगम को कम करने में मददगार होती हैं इस औषधि में मुलेठी, तुलसी एवं शहद जैसी जड़ी बूटियों मौजूद होती हैं जो कफ नाशक होती हैं ।

धूम्रपान करने के कारण होने वाली खांसी में लाभदायक कोफ्लेट सिरप

जो लोग बहुत अधिक धूम्रपान करते हैं उन्हें फेफड़ों के संक्रमण के कारण सुखी एवं बलगम वाली खांसी होती है । ऐसे रोगियों की छाती में घरघराहट की आवाज आती है तथा खांसते खांसते फेफड़ों में दर्द होने लगता है, सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है तथा फेफड़ों में सूजन आ जाती है ।

इस स्थिति में कोफ्लेट सिरप बहुत अधिक प्रभावी होता है । यह दवा फेफड़ों की सूजन को दूर करती है तथा फेफड़ों के संक्रमण को दूर कर रोगी की खांसी में बहुत अधिक लाभ पहुंचाती है ।

सीओपीडी के कारण होने वाली खांसी में लाभदायक कोफ्लेट सिरप

सीओपीडी अर्थात क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज एक संक्रामक रोग है जिसमें रोगी के स्वसन तंत्र में बहुत अधिक मात्रा में बलगम उत्पन्न हो जाता है । जिस कारण रोगी के सीने में जकड़न हो जाती है, छाती में से सांस लेते समय घबराहट की आवाज आती है तथा रोगी को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होती है ।

जैसा कि हमने आपको बताया कोफ्लेट सिरप में एंटीट्यूसिव, म्यूकोलाइटिक तथा एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह स्वसन तंत्र में आए किसी भी प्रकार के संक्रमण एवं सूजन को दूर करने में मददगार होती हैं । इस औषधि का सेवन करने से सीओपीडी के कारण होने वाली खांसी में लाभ मिलता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

बच्चे 1 चम्मच। (5 मिली) दिन में 3-4 बार
वयस्क 1 से 2 चम्मच। (5 से 10 मिली) दिन में 3-4 बार

Himalaya Koflet से सम्बंधित चेतावनी

क्या Himalaya Koflet का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है?
प्रेग्नेंट महिला Himalaya Koflet Syrup को बिना किसी घबराहट के खा सकती हैं।
क्या Himalaya Koflet का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है?
स्तनपान कराने वाली महिलाएं Himalaya Koflet Syrup का सेवन कर सकती है।
Himalaya Koflet का पेट पर क्या असर होता है?
बिना किसी डर के आप Himalaya Koflet Syrup ले सकते हैं। यह पेट के लिए सुरक्षित है।
क्या Himalaya Koflet का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?
बच्चों के लिए Himalaya Koflet Syrup सुरक्षित है, वे इसका सेवन कर सकते हैं।
क्या Himalaya Koflet शरीर को सुस्त तो नहीं कर देती है?
नहींHimalaya Koflet Syrup के सेवन के बाद चक्कर आना या झपकी आना जैसी दिक्कतें नहीं होती हैं। इसलिए आप वाहन चला सकते हैं या मशीनरी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
क्या Himalaya Koflet का उपयोग करने से आदत तो नहीं लग जाती है?
नहींनहीं, Himalaya Koflet Syrup को लेने के बाद आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है।

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