हजरल यहूद भस्म के फायदे और नुक्सान Hajrul Yahood Bhasma ke fayde or nuksaan

By | May 24, 2020

हजरल यहूद भस्म क्या है? Hajrul Yahood Bhasma kya hai?

हजरल यहूद भस्म एक मिनरल योगिक है जिसे आयुर्वेद में एक औषधि के रूप में स्थान दिया गया है । यह औषधि सुरक्षित है एवं अनेक रोगों में लाभदायक सिद्ध हुई है । यह औषधि मुख्य रूप से मूत्र संस्थान पर बहुत ही अच्छा कार्य करती है ।

  1. संदर्भ ग्रंथ: सिद्ध योग संग्रह
  2. दवा का नाम: हजरुल यहूद भस्म एवं हजरुल यहूद पिष्टी Hajrul Yahood Bhasma
  3. पर्याय/अन्य नाम: हज़रुल यहूद भस्म Hazrul Yahud Bhasma, कैलक्लाइंड लाइम सिलिकेट Calcined Lime Silicate, बेर पत्थर भस्म, Ber Patthar Bhasma, बदरशमा भस्म, Badarashma Bhasma, संगे यहूद भस्म Sange Yahood Bhasma,
  4. उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  5. दवाई का प्रकार: मिनरल
  6. मुख्य उपयोग: गुर्दे की पथरी, मूत्रकृच्छता, वृक्‍कशूल
  7. मुख्य गुण: मूत्रल, दर्द निवारक
  8. दोष इफ़ेक्ट: पित्त और कफ संतुलित करना
  9. गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं करें

इस औषधि का सेवन करने से पेशाब में जलन होना या पेशाब करते हुए दर्द होना, पेशाब का खुलकर न आना एवं किडनी के अन्य रोगों पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया है । इतना ही नहीं यह औषधि त्वचा रोगों में भी फायदा करती है ।

विशेष नोट हजरल भस्म एवं हजरत यहूद पिष्टी को बनाने की विधि, दोनों के गुणधर्म, फायदे एवं उपयोग लगभग लगभग एक समान ही है । इसलिए हमने इस लेख में केवल हजरत यहूद भस्म का वर्णन किया है । हम हजरल यहूद पिष्टी के बारे में अलग से कोई लेख नहीं लिखेंगे, क्योंकि दोनों में कोई खास अंतर नहीं है ।

हजरल यहूद भस्म एवं पिष्टी में अंतर केवल इतना है कि हजरत यहूद भस्म को अग्नि देकर भस्म करके बनाया जाता है जबकि पिष्टी बनाने के लिए गुलाब जल के साथ कच्ची औषधि को खरल में पीसकर पिष्टी बनाई जाती है । पिष्टी की तासीर भस्म से और ज्यादा ठंडी होती है तथा कुछ वेद हजरल यहूद पिष्टी को ही इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह भस्म से ज्यादा सौम्य एवं ठंडी होती है ।

हजरल यहूद भस्म का वर्णन सिद्ध योग संग्रह में किया गया है । इस भस्म को बर पत्थर भस्म, बदरशमा भस्म, संगे यहूद भस्म के नाम से भी जाना जाता है तथा इस भस्म का वैज्ञानिक नाम कल केलकलायड लाइम सिलिकेट होता है । यह एक प्रकार का मिनरल योगिक है जो मूत्रल है अर्थात इस औषधि का सेवन करने से मूत्र बहुत ज्यादा आता है ।

इसी कारण यह औषधि गुर्दों, त्वचा एवं मूत्र संक्रमण के लिए सुप्रसिद्ध है ।  यह औषधि पित्त एवं कफ को संतुलित करती है । यदि हम इस औषधि की तासीर की बात करें तो यह औषधि तासीर में ठंडी है तथा इस औषधि का सेवन करने से पित्त शांत होता है । यह शरीर में बनी हुई गर्मी को कम करती है तथा इसका सेवन करने से त्वचा में होने वाली खाज, खुजली एवं बेचैनी कम हो जाती है ।

हजरल यहूद भस्म के घटक द्रव्य Hajrul Yahood Bhasma ke ghatak

हजरल यहूद भस्म को हजरल यहूद जिसे बेर पत्थर भी कहा जाता है से बनाया जाता है । बेर पत्थर एक प्रकार का फॉसिल पत्थर है तथा इसी पत्थर से हजरल यहूद भस्म एवं हजरत यहूद पिष्टी को बनाया जाता है । हजरल यहूद भस्म इस औषधि का यूनानी नाम है, क्योंकि यूनानी वेदों ने ही बेर पत्थर भसम को हजरल यहूद भस्म का नाम दिया है ।

हजरल यहूद भस्म के चिकित्सकीय उपयोग

हजरल यहूद भस्म को आंतरिक एवं बाह्य दोनों ही प्रकार के रोगों में प्रयोग किया जाता है, जो कि इस प्रकार है ।

आंतरिक रोग –

  • गुर्दे की पथरी
  • पेशाब का रुक रुक कर आना
  • पेशाब में जलन होना
  • पेशाब करते हुए दर्द होना
  • पेशाब खुलकर न आना

बाह्य रोग-

  • दाद खाज खुजली
  • रिंगवर्म
  • फोड़े फुंसी इत्यादि

बाह्य रोगों में इस औषधि को पाउडर के रूप में खुजली या फोड़े फुंसी वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं ।

हजरल यहूद भस्म के फायदे Hajrul Yahood Bhasma ke fayde

मूत्र संक्रमण में लाभकारी हजरल यहूद भस्म

हजरल यहूद भस्म मूत्र संस्थान के रोगों के लिए एक जानी-मानी आयुर्वेदिक औषधि है । इस औषधि का सेवन करने से मूत्र खुलकर आता है तथा यह औषधि पेशाब की मात्रा को बढ़ा देती है । साथ ही गुर्दे की पथरी को दूर करती है एवं गुर्दे के अन्य रोगों को दूर करती है ।

इस औषधि का सेवन करने से पथरी चुरा चुरा होकर मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है । इसलिए इस औषधि को पथरी के रोगियों को मुख्य ओषधि के रूप में सेवन कराया जाता है ।

गुर्दे के दर्द में लाभकारी हजरल यहूद भस्म

हजरल यहूद भस्म गुर्दे के दर्द में भी फायदा पहुंचाती है । गुर्दे में दर्द या तो पथरी के कारण होता है या किसी अन्य इंफेक्शन के कारण । कारण चाहे जो भी हो हजरल यहूद भस्म का सेवन करने से गुर्दे के दर्द में बहुत अच्छा आराम मिलता है ।

त्वचा रोगों में लाभकारी हजरत यहूद भस्म

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि हजरल यहूद भस्म पित्त नाशक है एवं तासीर में ठंडी होती है । यही कारण है कि इस औषधि का सेवन करने से त्वचा में होने वाली खाज खुजली शांत होती है एवं त्वचा साफ-सुथरी चमकदार हो जाती है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

न्यूनतम प्रभावी खुराक 125 मिलीग्राम (बच्चों में) 250 मिलीग्राम (वयस्कों में) *
मध्यम खुराक (वयस्क) 250 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम *
मध्यम खुराक (बच्चे) 125 मिलीग्राम से 250 मिलीग्राम *
अधिकतम संभावित खुराक 2000 मिलीग्राम **

* एक दिन में दो बार ** कुल दैनिक खुराक विभाजित मात्रा में

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) ख़ाली पेट लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी या कच्ची लस्सी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) कम से कम 3 महीने या चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions and Side Effects

  • यदि आप इस औषधि को चिकित्सक की देखरेख में सही मात्रा में सेवन करते हैं तो इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।
  • इस औषधि का सेवन अधिकतम 3 महीने तक ही किया जाना चाहिए ।इस अवधी से ज्यादा इस औषधि का सेवन ना करें ।
  • गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • यदि इस दवा से आपको किसी भी प्रकार की एलर्जी या रिएक्शन हो तो तुरंत इस औषधि का सेवन बंद कर दें एवं डॉक्टर से संपर्क करें ।

उपलब्धता

  • बैद्यनाथ Baidyanath Hajrul Yahood Bhasma
  • पतंजलि Patanjali Divya Pharmacy Hajrul Yahood Bhasma
  • श्री धूतपापेश्वर Shree Dhootapapeshwar Limited SDL Hajrul Yahood Bhasma
  • तथा अन्य बहुत सी फर्मसियाँ।

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