गर्भपाल रस के फायदे गुण उपयोग और नुकसान Garbhpal Ras ke fayde or nuksan

By | June 27, 2020

गर्भपाल रस क्या है? Garbhpal Ras kya hai?

गर्भपाल रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं एवं महिला के गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए ही जीवनी शक्ति के रूप में प्रयोग की जाती है । जैसा कि इस औषधि के नाम से ही पता चलता है कि यह औषधि गर्भ को पालने वाली अर्थात गर्भ की रक्षा करने वाली औषधि होती है ।

इस औषधि का सेवन करने से गर्भाशय को ताकत मिलती है । वे महिलाएं जिनका बार-बार गर्भपात हो जाता है तथा जिनका गर्भाशय बहुत ज्यादा कमजोर हो गया हो उन्हें इस औषधि का सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

यदि महिला के पति के वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो तो ऐसे में भी कमजोर गर्भाशय वाली महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती हैं । गर्भपाल रस औषधि का सेवन करने से यदि पुरुष के वीर्य में कोई कमी भी है तो भी महिला गर्भधारण करने के लिए सक्षम हो जाती है ।

गर्भपाल रस इन हिंदी Garbhpal Ras in hindi

इस औषधि को उन महिलाओं को सेवन करना चाहिए जिनका बार बार गर्भपात हो जाता हो । जैसे ही महिला को पता चले कि उसने गर्भ धारण कर लिया है तो इस औषधि का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए एवं पूरे गर्भकाल तक करना चाहिए ।

लेकिन ध्यान रहे इस औषधि का सेवन किसी योग्य एवं अनुभवी वैद्य की देखरेख में ही करना चाहिए । स्वयं के अनुभव के आधार पर या कहीं से पढ़ सुनकर इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह गर्भवती महिला एवं उसके गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के ही जीवन एवं स्वास्थ्य से संबंधित है ।

गर्भपाल रस के घटक द्रव्य Garbhpal Ras ke ghatak dravy

  • शुद्ध सिंगरफ- 10 ग्राम
  • नाग भस्म शतपुटी- 10 ग्राम
  • बंग भस्म- 10 ग्राम
  • दालचीनी- 10 ग्राम
  • तेजपान- 10 ग्राम
  • इलायची छोटी- 10 ग्राम
  • सोंठ- 10 ग्राम
  • पीपल- 10 ग्राम
  • काली मिर्च- 10 ग्राम
  • धनिया- 10 ग्राम
  • कालाजीरा- 10 ग्राम
  • चव्य- 10 ग्राम
  • मुनक्का- 10 ग्राम
  • देवदारु- 10 ग्राम
  • लोह भस्म 5 ग्राम

गर्भपाल रस को बनाने की विधि Garbhpal Ras kaise banaye

वैसे तो गर्भपाल रस बाजार में बना बनाया ही मिलता है तथा इसे बैद्यनाथ एवं डाबर जैसी पेटेंट कंपनियों के द्वारा बनाया जाता है । लेकिन फिर भी हम अपने पाठकों की जिज्ञासा को ध्यान में रखते हुए यहां गर्भपाल रस को बनाने की विधि बता रहे हैं, जो कि इस प्रकार है ।

सबसे पहले उपरोक्त सभी जड़ी बूटियों को अच्छी तरह साफ कर ले एवं धूप में सुखा लें । धूप में सुखाने के पश्चात इन सब जड़ी बूटियों को कूट-पीसकर, छानकर रख लें तथा अंत में सफेद अपराजिता के रस में कम से कम 1 सप्ताह तक खरल में डालकर खूब अच्छी तरह घुटाई करें तथा एक एक रत्ती की गोलियां बनाकर रख लें । इसे ही गर्भपाल रस कहा जाता है । आप इसे बाजार से बना बनाया ही खरीद ले ।

गर्भपाल रस के फायदे Garbhpal Ras ke fayde in hindi

यह औषधि गर्भाशय को ताकत प्रदान करती है एवं गर्भ में पल रहे बालक को भी जीवनी शक्ति प्रदान करती है । यह गर्भधारण के पश्चात होने वाले रक्तस्राव एवं गर्भपात को रोकने में मददगार होती है ।

यदि रक्त प्रदर या किसी अन्य कारण से किसी महिला का गर्भाशय बहुत ज्यादा कमजोर हो गया हो, जिस कारण महिला का गर्भ बार-बार गिर जाता हो, ऐसी स्थिति में गर्भपाल रस को देने से लाभ मिलता है ।

यदि किसी महिला के गर्भाशय में किसी प्रकार की कोई कमी आ गई हो या बीजकोष (डिंबाशय) कमजोर हो गया हो, तो ऐसी स्थिति में भी गर्भपाल रस का सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

गर्भधारण करने के पश्चात दूसरे तीसरे महीने से ही ज्यादातर महिलाओं में उल्टी आना या जी मिचलाने जैसी समस्या शुरू शुरू हो जाती हैं । महिला से कुछ खाया पिया नहीं जाता, थोड़ा बहुत खाते ही चक्कर उल्टी आती है, जी मिचलाता है, सिर में, पेट में व कमर में दर्द रहता है । ऐसी स्थिति में गर्भपाल रस की दो गोलियों को प्रवाल भस्म एवं स्वर्ण माक्षिक भस्म दोनों की एक एक रत्ती के साथ सेवन कराने से लाभ मिलता है ।

यदि गर्भधारण करने के पश्चात गर्भवती महिलाओं को डायरिया, बुखार, खांसी, जुखाम, पाचन तंत्र की गड़बड़ी या कोई अन्य समस्या हो गई हो तो ऐसी स्थिति में भी गर्भपाल रस का सेवन कराया जाता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

गर्भपाल रस की दो-दो गोली सुबह शाम को ताजा पानी या मुनक्का के पानी के साथ सेवन करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है । मुनक्का का पानी बनाना बहुत आसान है । इसके लिए एक गिलास पानी में 15 से 20 मुनक्का ले लीजिए तथा उनका बीज निकाल दीजिए । मुनक्का के दानों को एक गिलास पानी में डालकर खूब अच्छी तरह मसल ले तथा लगभग 1 घंटे तक ऐसे ही छोड़ दें । 1 घंटे के पश्चात इस पानी को छानकर प्रयोग कर सकते हैं । मुनक्का को किसी बच्चे को दे सकते हैं या गर्भवती महिला भी खा सकती हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

गर्भपाल रस को केवल और केवल किसी योग्य एवं अनुभवी चिकित्सक की देखरेख में ही सेवन करना चाहिए । स्वयं के अनुभव के आधार पर या कहीं से पढ़ सुनकर इस औषधि का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए । पुरुषों एवं बच्चों को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।

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