चविकासव के फायदे और नुक्सान Chavikasavam ke fayde or nuksaan

By | May 5, 2020

चविकासव क्या है? Chavikasavam kya hai?

चाविकासव एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका मुख्य कार्य भूख बढ़ाना एवं पेट से संबंधित बीमारियों को दूर करना होता है । इस औषधि का सेवन करने से भोजन का पाचन सही तरीके से होता है, क्योंकि यह औषधि यकृत को बल प्रदान करती हैं, जिससे यकृत से पाचक रसों का स्राव सही मात्रा में होता है । इस औषधि का सेवन करने से मल की चिपचिपाहट दूर होती है जिससे कब्ज की समस्या में काफी हद तक राहत मिलती है एवं एक बार में ही पेट साफ हो जाता है ।

यह औषधि पेट की अनेकों समस्याओं में फायदा करती हैं जैसे पेट फूलना, कब्ज रहना, पेट में गैस बनना इत्यादि । खराब पाचन के कारण जिन लोगों का पेट हमेशा भारी रहता हो और जिन्हें भूख ना लगती हो उन्हें इस औषधि का सेवन करने से बहुत लाभ मिलता है । इसके अतिरिक्त इस औषधि में कुछ ऐसी जड़ी बूटियां प्रयोग की जाती हैं जो खांसी, गठिया बाय, हर्निया एवं मूत्र विकार जैसी समस्याओं में भी फायदा करती है ।

और पढ़ें: सप्तामृत लोह के फायदे और नुक्सान

चाविकासव के घटक द्रव्य Chavikasavam ke ghatak dravy

  • चित्रकमूल
  • हिंगुपत्री (डीकामाली)
  • पुष्करमूल
  • हाऊबेर
  • कचूर
  • कड़वे परवल के मूल
  • हरड़ 
  • बहेड़ा
  • आंवल
  • अजवायन
  • कुड़े की छाल
  •  इंद्रायण के मूल
  • धनिया
  • नागरमोथा
  • मजीठ
  • देवदारु
  • सोंठ
  • कालीमिर्च
  • पीपल
  • गुड
  • धाय के फूल
  • दालचीनी
  • तेजपात
  • छोटी इलायची
  • नागकेशर
  • लौंग और शीतलमिर्च

    और पढ़ें: अश्वगंधारिष्ट सिरप के फायदे और नुक्सान

चाविकासव के फायदे chavikasavam ke fayde

  • यह ओषधि यकृत को बल प्रदान करती हैं जिससे यकृत पाचक रसों का स्राव सही मात्रा में करता है ।
  • परिणाम स्वरूप भोजन का पाचन सही तरीके से होता है एवं अपच के कारण बनने वाला आमविश धीरे धीरे समाप्त हो जाता है ।
  • यह औषधि भोजन करने के पश्चात पेट में होने वाले भारीपन की समस्या को दूर करती है ।
  • भूख में सुधार करती हैं ।
  • पेट का फूल जाना एवं अत्यधिक गैस बनना जैसी समस्या में लाभकारी ।
  • मल के चिपचिपा पन को दूर कर मल निष्कासन में आसानी पैदा करती है ।
  • मूत्र संबंधी विकारों एवं संक्रमण को दूर करती है ।
  • हर्निया जैसी बीमारी में लाभकारी ।
  • सामान्य जुखाम, छींके आना एवं नाक की एलर्जी में लाभकारी ।
  • बलगम युक्त खांसी में लाभकारी ।
  • सामान्य शरीर दर्द एवं गठिया बाई जैसी समस्या में आंशिक रूप से लाभकारी
  • गुण
  • क्षुधा वर्धक अर्थात भूख बढ़ाने वाली औषधि आम पाचक अपच एवं आम दोष नाशक
    कफ दोष एवं वायु दोष नाशक पित्त वर्धक

    और पढ़ें: बैद्यनाथ कुमारी आसव के फायदे और नुक्सान

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 5 मिलीलीटर
वयस्क 10 से 20 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

चाविकासव के नुक्सान chavikasavam ke nuksaan

इस औषधि का सेवन चिकित्सक की देखरेख में अपनी हालत बता कर ही करना चाहिए क्योंकि जहां यह ओषधि एक और कफ एवं वायु दोष नाशक होती है वहीं दूसरी ओर पित्त वर्धक भी होती है अर्थात जो लोग पित्त प्रधान प्रकृति के होते हैं उन्हें इस औषधि का अधिक मात्रा में सेवन करने से नुकसान हो सकता हैं  जैसे पेट में जलन होना, एसिडिटी होना, चक्कर आना, मुंह में छाले हो जाना इत्यादि । इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत इस औषधि का सेवन बंद कर दें एवं अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।

और पढ़ें: लोहासव सिरप के फायदे और नुक्सान

गर्भावस्था एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
गर्भवती महिलाओं को इस औषधि का सेवन करने से भयंकर नुकसान हो सकता है, क्योंकि इस ओषधि में चित्रकएवं पुष्कर्मूल जैसे जड़ी बूटियां प्रयोग की जाती हैं । यह औषधियां गर्भाशय के संकुचन को बढ़ा देती हैं जिससे रक्त स्राव बढ़ जाता है एवं गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है । इसलिए इस औषधि का सेवन चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए ।

यह लेख आपको कैसा लगा अपने विचार हमें कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताये ।
 
ये भी पढ़ें:
 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *