बोलबद्ध रस के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Bolbaddha Ras ke fayde or nuksan

By | June 22, 2020

बोलबद्ध रस क्या है?

बोलबद्ध रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से शरीर में से होने वाले रक्तस्राव को रोकने के लिए प्रयोग की जाती है । रक्तस्राव को रोकने के लिए इस औषधि को हम आयुर्वेद का वरदान भी कह सकते हैं, क्योंकि इस रोग में इस औषधि से उत्तम शायद ही कोई दूसरी औषधि होगी ।

बोलबद्ध रस का सेवन करने से रक्तार्श अर्थात खूनी बवासीर, महिलाओं का रक्तप्रदर, रक्तपित्त आदि में बहुत अच्छा लाभ होता है । इतना ही नहीं, वातरक्त के कारण होने वाली समस्याओं जैसे महिलाओं की योनि से रक्त आना या गुदा से रक्त का आना, नाक या मुंह आदि से रक्त का स्राव होना, आदि में भी यह औषधि बहुत अच्छा लाभ पहुंचाती है । इस औषधि का वर्णन आयुर्वेदिक ग्रंथों रस तंत्र सार एवं सिद्ध योग संग्रह में किया गया है ।

बोलबद्ध रस के घटक द्रव्य

बोलबद्ध रस को बनाने की विधि

सबसे पहले पारे एवं गंधक की कज्जली बनाई जाती है । गंधक एवं पारे को पत्थर के खरल में डालकर तब तक घोटा जाता है जब तक पारे की चमक खत्म ना हो जाए तथा यह काले रंग का ना हो जाए । जब गंधक एवं पारा दोनों ही काजल की तरह काले रंग के हो जाते हैं तो इसे ही कज्जली कहा जाता है ।

इसके पश्चात गिलोय सत्व का एक भाग एवं हीराबोल का तीन भाग मिलाकर सेमल की छाल के क्वाथ में कम से कम 3 दिन तक अच्छी तरह खरल में घुटाई करते हैं । तत्पश्चात 2-2 रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लेते हैं, इसे की बोलबद्ध रस का जाता है । (निघंटु रत्नाकर)

बोलबद्ध रस के चिकित्सकीय गुण

बोलबद्ध रस में निम्नलिखित चिकित्सक मौजूद होते हैं ।

  1. खूनी बवासीर नाशक
  2. रक्त प्रदर नाशक
  3. अम्लपित्त नाशक
  4. रक्तपित्त नाशक
  5. वातपित्त नाशक

बोलबद्ध रस के फायदे

रक्तार्ष (खूनी बवासीर) नाशक बोल बस रस

बवासीर दो प्रकार की होती है वादी एवं खूनी । खूनी बवासीर में रोगी को मल के साथ बहुत अधिक खून आता है जिससे रोगी धीरे धीरे कमजोर होता चला जाता है । इस स्थिति में खून को रोकना बहुत आवश्यक हो जाता है । रक्त बवासीर में बोल बद्र स्कोर को प्रवाल चंद्र पुटी के साथ सेवन कराने से बहुत ही अच्छा लाभ देखने को मिलता है ।

रक्त प्रदर नाशक बोलबद्ध रस

रक्त प्रदर को हम महिलाओं का शत्रु रोग कह सकते हैं, क्योंकि इस रोग में महिलाओं की योनि से बहुत अधिक रक्त स्राव होता रहता है । जिसका नकारात्मक प्रभाव महिला के स्वास्थ्य पर तो पड़ता ही है साथ ही महिला का गर्भाशय भी कमजोर हो जाता है ।

जिस कारण महिला गर्भधारण करने के लायक भी नहीं रहती है । यदि इस रोग का सही समय पर इलाज न कराया जाए तो महिला बांझपन का शिकार भी हो सकती है । रक्त प्रदर के कुछ अन्य नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं, जैसे भूख ना लगना, हाथों पैरों में दर्द रहना,कमजोरी आ जाना इत्यादि । ऐसी स्थिति में बोल बद्रस का सेवन करने से बहुत ही अच्छा लाभ मिलता है ।

श्वेत प्रदर नाशक बोलबद्ध रस

यदि किसी महिला का वात प्रकोप या कफ प्रकोप के कारण गर्भाशय कमजोर हो गया हो एवं श्वेत प्रदर अर्थात लिकोरिया की समस्या पैदा हो गई हो तो ऐसी स्थिति में महिला को बोल बद्र स्कोर त्रिवंग भस्म के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है । इस औषधि का सेवन करने से गर्भाशय को ताकत मिलती है एवं श्वेत प्रदर जैसी समस्या में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

रक्त पित्त नाशक बोलबद्ध रस

यदि पित्त वृद्धि के कारण रक्त दूषित हो गया हो तो व्यक्ति के शरीर में कुछ समस्या पैदा हो जाती हैं जैसे हाथों पैरों में जलन या पूरे शरीर में ही जलन रहना, आंखों में जलन, पेशाब में जलन होना आदि । ऐसी स्थिति में बोलबद्ध रस को मोती पिष्टी के साथ मिलाकर शहद के साथ सेवन कराने से बहुत अच्छा लाभ देखने को मिलता है ।

बोलबद्ध रस के अन्य फायदे

बोल भद्रक शीतवीर्य होता है अर्थात इसकी तासीर ठंडी होती है, जिस कारण यह है शरीर की गर्मी को दूर करता है एवं रक्त के प्रवाह को रोकने में मदद करता है । इसका सेवन करने से गर्भाशय में ताकत आती है जिस कारण श्वेत प्रदर एवं रक्त प्रदर जैसे रोगों में लाभ मिलती है ।

यह रक्त वाहिनी नाड़ियों को बल प्रदान करने वाली औषधि हैं, जिस कारण नस फटने की संभावना बहुत कम हो जाती है । यदि किसी महिलाओं को प्रसव के उपरांत या मासिक धर्म के दिनों में आवश्यकता से अधिक रक्त स्राव हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में बोल बद्रस का सेवन कराने से लाभ मिलता है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

एक से दो गोली मिश्री मिले हुए मक्खन के साथ या शहद के साथ चाट कर ले सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में एवं चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है ।

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